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टीकाकरण अभियान पर किया मंथन
चंदौली अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 14 May 2015 01:42 AM IST
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पशुपालन विभाग की बैठक बुधवार को मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय में
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हुई। इसमें 15 मई से शुरू होने वाले खुरपका-मुंहपका टीकाकरण अभियान को
सुचारु रूप से चलाने पर चर्चा की गई।
अपर निदेशक वाराणसी मंडल डा. केपी सिंह ने बताया कि एक माह तक चलने वाले इस अभियान में कुल 24 टीमें लगाई गई हैं।
डा. केपी सिंह ने बताया कि एफएमडीसीपी का यह 17वां चरण है। इसके अंतर्गत जनपद के शत प्रतिशत पशुओं में खुरपका-मुंहपका का टीकाकरण किया जाना है।
पशुधन प्रसार अधिकारियों के नेतृत्व में गठित 24 टीमें न्याय पंचायतवार टीकाकरण करेंगी। प्रत्येक टीम एक दिन में 400 से 500 पशुओं को रोगरोधी टीका लगाएगी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. उदय सिंह ने बताया कि टीम में एक पशु चिकित्साधिकारी, पशुधन प्रसार अधिकारी, पैरावेट और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल रहेगा। डा. आरके उपाध्याय को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. बीपी पाठक ने बताया कि जिले में एक लाख 86 हजार 72 गोवंशीय और एक लाख 89 हजार 652 भैंसों को टीका लगाने का लक्ष्य है। यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है।
लेकिन चार माह से कम के बछड़ों और आठ माह से अधिक के गर्भवती पशुओं को टीका नहीं लगाया जा सकता है।
अपर निदेशक वाराणसी मंडल डा. केपी सिंह ने बताया कि एक माह तक चलने वाले इस अभियान में कुल 24 टीमें लगाई गई हैं।
डा. केपी सिंह ने बताया कि एफएमडीसीपी का यह 17वां चरण है। इसके अंतर्गत जनपद के शत प्रतिशत पशुओं में खुरपका-मुंहपका का टीकाकरण किया जाना है।
पशुधन प्रसार अधिकारियों के नेतृत्व में गठित 24 टीमें न्याय पंचायतवार टीकाकरण करेंगी। प्रत्येक टीम एक दिन में 400 से 500 पशुओं को रोगरोधी टीका लगाएगी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. उदय सिंह ने बताया कि टीम में एक पशु चिकित्साधिकारी, पशुधन प्रसार अधिकारी, पैरावेट और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल रहेगा। डा. आरके उपाध्याय को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. बीपी पाठक ने बताया कि जिले में एक लाख 86 हजार 72 गोवंशीय और एक लाख 89 हजार 652 भैंसों को टीका लगाने का लक्ष्य है। यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है।
लेकिन चार माह से कम के बछड़ों और आठ माह से अधिक के गर्भवती पशुओं को टीका नहीं लगाया जा सकता है।