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समाजसेवा में बढ़ती उम्र को नहीं बनने दिया बाधक
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पीडीडीयू नगर। समाज में कुछ ऐसे बुजुर्ग होते हैं जिन्हें बढ़ती उम्र की परवाह नहीं होती उनपर समाजसेवा का ऐसा जुनून सवार हुआ कि अपनी चिंता छोड़कर दूसरों की सहायता करते रहे। विशेषकर कोरोना संक्रमण काल में इन बुजुर्गों का हैसला व जुनून देखने लायक रहा। नगर में अपनी अलग पहचान रखने वाले समाजसेवी भागवत नारायण चौरसिया का नाम इसमें प्रमुखता से लिया जाता है। चौरसिया ने पूरे कोरोना काल में लोगों की खूब सेवा की। अपने स्कूटर पर खाद्य सामग्री व चाय आदि लेकर घूमते रहे और जरूरतमंदों की भूख-प्यास मिटाते रहे। जुनून ऐसा कि स्कूटर खराब होने पर रिक्शा किराए पर ले लिया और खुद चलाकर जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाते रहे। इस कार्य के दौरान उन्होंने न धूप देखी, न बारिश और न ही प्रशासन के डंडे से डरे। कहते हैं कि जीवन में सेवा का ऐसा अवसर कभी-कभार ही मिलता है। वहीं चकिया की रहने वाली पेशे से नर्स सेवानिव़ृत्त हो चुकी गीता शुक्ला भी कोरोना काल में महिलाओं की सेवा में जुटी रहीं। 70 वर्ष की आयु पूरी कर चुकीं गीता को महिलाओं का प्रसव कराने में महारत हासिल है। उन्होंने अपने इस गुण को व्यवसाय बनाने की जगह सेवा का रूप दे दिया है। आम दिनों के अलावा कोरोना काल में भी वे पूरी निष्ठा से सेवा कार्य में जुटी हैं।
पीडीडीयू नगर। देश में 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नागरिकों को वरिष्ठ नागरिक का दर्जा दिया गया है। इनके अधिकार व सम्मान के लिए शुक्रवार को वरिष्ठ नागरिक दिवस का आयोजन किया गया है। इस दौरान वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित किया जाएगा।
साठ वर्ष से ऊपर प्रत्येक नागरिक सरकारी सुविधाओं के हक़दार हैं। बैंकों की ओर से सावधि जमा पर वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ब्याज दर से आधा प्रतिशत अधिक ब्याज दिया जाता है। रेलवे के किराये में वरिष्ठ पुरुषों को 40 व 58 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी महिलाओं को 50 प्रतिशत छूट दी जाती है। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे 80 वर्ष की आयु पूरी कर चुके वरिष्ठ नागरिकों को प्रति माह सरकार द्वारा पेंशन दी जाती है। आयकर विभाग के नियमों में बदलाव कर अब वरिष्ठ नागरिकों की आयु सीमा घटा कर साठ वर्ष कर दी गई है जिससे वरिष्ठ नागरिक आयकर छूट का लाभ ले सकते हैं। वर्तमान में वरिष्ठ नागरिक को अपनी तीन लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर पर कोई आयकर देय नहीं है। वहीं 80 वर्ष की आयु पूरी कर चुके अति वरिष्ठ नागरिक की पांच लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कोई आयकर देय नहीं है। अक्षम वरिष्ठ नागरिकों की शारीरिक सहायता व आर्थिक आवश्यकताओं की पूर्ति की जिम्मेदारी न निभाने वाली संतान के लिए दंड का प्रावधान भी रखा गया है।
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पीडीडीयू नगर। देश में 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नागरिकों को वरिष्ठ नागरिक का दर्जा दिया गया है। इनके अधिकार व सम्मान के लिए शुक्रवार को वरिष्ठ नागरिक दिवस का आयोजन किया गया है। इस दौरान वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित किया जाएगा।
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साठ वर्ष से ऊपर प्रत्येक नागरिक सरकारी सुविधाओं के हक़दार हैं। बैंकों की ओर से सावधि जमा पर वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ब्याज दर से आधा प्रतिशत अधिक ब्याज दिया जाता है। रेलवे के किराये में वरिष्ठ पुरुषों को 40 व 58 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी महिलाओं को 50 प्रतिशत छूट दी जाती है। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे 80 वर्ष की आयु पूरी कर चुके वरिष्ठ नागरिकों को प्रति माह सरकार द्वारा पेंशन दी जाती है। आयकर विभाग के नियमों में बदलाव कर अब वरिष्ठ नागरिकों की आयु सीमा घटा कर साठ वर्ष कर दी गई है जिससे वरिष्ठ नागरिक आयकर छूट का लाभ ले सकते हैं। वर्तमान में वरिष्ठ नागरिक को अपनी तीन लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर पर कोई आयकर देय नहीं है। वहीं 80 वर्ष की आयु पूरी कर चुके अति वरिष्ठ नागरिक की पांच लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कोई आयकर देय नहीं है। अक्षम वरिष्ठ नागरिकों की शारीरिक सहायता व आर्थिक आवश्यकताओं की पूर्ति की जिम्मेदारी न निभाने वाली संतान के लिए दंड का प्रावधान भी रखा गया है।
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