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Chandauli News: सर्विस लेन बनाई नहीं, पांच महीने पहले खोदकर भूले चार फीट गहरे 50 से ज्यादा गड्ढे
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पीडीडीयू नगर में सर्विस लेन के लिए खोदे गए गड्ढे में भरा पानी। संवाद
- फोटो : 1
पीडीडीयू नगर। पड़ाव से गोधना तक सिक्स लेन और फोर लेन निर्माण के दौरान सर्विस लेन में पांच महीने पहले खोदे गए 50 से अधिक गड्ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं। बारिश के कारण चार फीट से गहरे गड्ढे तालाब में तब्दील हो चुके हैं। पानी भर जाने से अंदर से निकले लोहे के सरिया दिखाई नहीं देते, जिससे आए दिन लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं। प्रशासन ने न तो बैरिकेडिंग की है और न चेतावनी बोर्ड लगाया है।
पड़ाव से गोधना तक सिक्स लेन का निर्माण 328 करोड़ से 2022 से चल रहा है। इसके तहत पड़ाव से पीडीडीयू नगर तक की सड़क बन चुकी है। दुलहीपुर से लेकर पीडीडीयू नगर गुरुद्वारा तक करीब 4 किलोमीटर मार्ग पर दोनो तरफ सर्विस लेन के लिए 50 से ज्यादा गड्ढे खोदे गए हैं। इन गड्ढों की गहराई 3 से 4 फीट है। गड्ढे खोदने के बाद इनको बनाया नहीं जा सका।
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केस-1
नई बस्ती में सड़क किनारे तालाब जैसा नजारा
नगर में नई बस्ती के सड़क के दक्षिणी छोर पर करीब 400 मीटर दूरी तक गड्ढा खोदकर मिट्टी निकाल ली गई है। घरों से निकलने वाला सीवर पहले से ही भरा हुआ था। बारिश होने की वजह से और भी पानी उसमें भर गया है। सड़क पर चेतावनी बोर्ड या बैरिकेडिंग भी नहीं है इससे आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
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केस-2
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मछली मंडी के सामने खुले में दिख रही सरिया
नगर के मछली मंडी के सामने खेादकर छोड़े गए गड्ढे में सरिया भी खुली छोड़ दी गई है। यहां पर 20 से ज्यादा सरिया खुले में दिख रहे हैं। कहीं कोई चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग भी नहीं है। इस मार्ग से रोजाना हजारों की संख्या में लोग जाते हैं ऐसे में गिर जाने पर पड़ा हादसा हो सकता है।
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केस-3
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कैलाशपुरी में गड्ढों के बीच जर्जर पोल
नगर के कैलाशपुरी में सड़क के दोनो छोर पर खोदकर छोड़े गए गड्ढों में पानी भरने के साथ बिजली के जर्जर पोल भी जुगाड़ के साथ खड़े किए गए हैं। ऐसे में बारिश होने या फिर आंधी में ये पोल भी गिर सकते हैं। गड्ढों मे पानी भरने से खतरा रहता है।
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केस-4
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चंदासी पुलिस चौकी से पहले गड्ढे में वाहन
नगर में चंदासी पुलिस चौकी के थाड़ा सा पहले खोदकर छोड़े गए गड्ढों की वजह से वाहन खड़े करने का जगह ही नहीं बचा है। इस वजह से लोग उसी गड्ढों में ही वाहन खड़े हो रहे हैं। बारिश की वजह से वाहनों के पहिए पानी में डूब गए हैं। उनको निकालना तक मुश्किल हो गया है। बारिश के साथ सीवर का पानी होने से बदबू भी आती है।
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इनसेट--
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गाय हुई चोटिल, बाइक समेत गिरा सवार
नगर में सड़क के दोनों तरफ खोदे गए गड्ढों से आए दिन हादसे होते हैं लेकिन अधिकारियों को इसकी परवाह नहीं है। 3 अगस्त को पड़ाव निवासी गिरीश कुमार को पीडीडीयू नगर से लौटते समय शाम हो गई थे। रास्ते में अंधेरा होने की वजह से वह नई बस्ती के पास बाइक सहित गड्ढे में गिर गए थे, जिससे उनके हाथ और केहुनी में चोटें आई थीं। वहीं, एक सितंबर को मछली मंडी के सामने गड्ढे में एक गाय गिर गई थी। गड्ढे की सरिया से उसका शरीर लहूलुहान हो गया था। करीब एक घंटे के मशक्कत के बाद उसे निकाला जा सका। स्थानीय निवासी लालबाबू ने बताया कि अगर गड्ढे में कोई बच्चा गिर गया तो उसके बचने के आसार कम हैं।
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इनसेट
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-- 328 करोड़ में पड़ाव से पीडीडीयू नगर तक बन रही सड़क
-- 14 किलोमीटर तक सिक्स लेन और फोर लेन की है लंबाई
-- 2022 से चल रहा सड़क का निर्माण कार्य
-- 50 से ज्यादा जगहों पर सर्विस लेन के लिए खोदा गड्ढा
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लोगों ने कहा, मौत का कुआं बनाया
सड़क किनारे 50 से ज्यादा 4 फीट गहरे गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए हैं। सीवर और बारिश का पानी भरने से डेंगू-मलेरिया का खतरा तो है ही, बदबू से जीना मुहाल हो गया है। गलती से कोई बच्चा इसमें गिर गया तो जान बचाना मुश्किल हो जाएगा। -अशोक पाल, हृदयपुर
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गड्ढों के पास कोई बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया है। तीन अगस्त की शाम को एक व्यक्ति को गड्ढा नहीं दिखा और वह बाइक समेत उसमें जा गिरा। यह सड़क नहीं, राहगीरों के लिए मौत का कुआं बन चुकी है। -लालबहादुर, बिछड़ी वार्ड
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दुकानों के सामने खोदे गए गड्ढे में एक सितंबर को गाय गिरकर लहूलुहान हो गई और उसका पैर टूट गया। एक घंटे मशक्कत के बाद उसे निकाला गया। किसी दिन कोई बड़ा हादसा हो जाएगा तब जाकर अधिकारी जागेंगे। -प्रभाकर सिंह, पीडीडीयू नगर
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चंदासी चौकी के पास गड्ढों की वजह से गाड़ी खड़ी करने की जगह नहीं बची है। पानी और कीचड़ में वाहन धंस जाते हैं और उन्हें निकालना मुश्किल हो जाता है। रोज गाड़ियां खराब हो रही हैं, लेकिन अधिकारी बेपरवाह हैं। -कृष्णा जायसवाल, पीडीडीयू नगर
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कोट-
- बिजली के खंभे नहीं हटने के कारण से सर्विस लेन का काम रुका था। अब मामला सुलझ गया है। बारिश के बाद सर्विस लेन का निर्माण कराया जाएगा। तब तक के लिए बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगा दिए जाएंगे। - राजेश कुमार, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग
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पड़ाव से गोधना तक सिक्स लेन का निर्माण 328 करोड़ से 2022 से चल रहा है। इसके तहत पड़ाव से पीडीडीयू नगर तक की सड़क बन चुकी है। दुलहीपुर से लेकर पीडीडीयू नगर गुरुद्वारा तक करीब 4 किलोमीटर मार्ग पर दोनो तरफ सर्विस लेन के लिए 50 से ज्यादा गड्ढे खोदे गए हैं। इन गड्ढों की गहराई 3 से 4 फीट है। गड्ढे खोदने के बाद इनको बनाया नहीं जा सका।
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केस-1
नई बस्ती में सड़क किनारे तालाब जैसा नजारा
नगर में नई बस्ती के सड़क के दक्षिणी छोर पर करीब 400 मीटर दूरी तक गड्ढा खोदकर मिट्टी निकाल ली गई है। घरों से निकलने वाला सीवर पहले से ही भरा हुआ था। बारिश होने की वजह से और भी पानी उसमें भर गया है। सड़क पर चेतावनी बोर्ड या बैरिकेडिंग भी नहीं है इससे आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
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केस-2
मछली मंडी के सामने खुले में दिख रही सरिया
नगर के मछली मंडी के सामने खेादकर छोड़े गए गड्ढे में सरिया भी खुली छोड़ दी गई है। यहां पर 20 से ज्यादा सरिया खुले में दिख रहे हैं। कहीं कोई चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग भी नहीं है। इस मार्ग से रोजाना हजारों की संख्या में लोग जाते हैं ऐसे में गिर जाने पर पड़ा हादसा हो सकता है।
केस-3
कैलाशपुरी में गड्ढों के बीच जर्जर पोल
नगर के कैलाशपुरी में सड़क के दोनो छोर पर खोदकर छोड़े गए गड्ढों में पानी भरने के साथ बिजली के जर्जर पोल भी जुगाड़ के साथ खड़े किए गए हैं। ऐसे में बारिश होने या फिर आंधी में ये पोल भी गिर सकते हैं। गड्ढों मे पानी भरने से खतरा रहता है।
केस-4
चंदासी पुलिस चौकी से पहले गड्ढे में वाहन
नगर में चंदासी पुलिस चौकी के थाड़ा सा पहले खोदकर छोड़े गए गड्ढों की वजह से वाहन खड़े करने का जगह ही नहीं बचा है। इस वजह से लोग उसी गड्ढों में ही वाहन खड़े हो रहे हैं। बारिश की वजह से वाहनों के पहिए पानी में डूब गए हैं। उनको निकालना तक मुश्किल हो गया है। बारिश के साथ सीवर का पानी होने से बदबू भी आती है।
इनसेट
गाय हुई चोटिल, बाइक समेत गिरा सवार
नगर में सड़क के दोनों तरफ खोदे गए गड्ढों से आए दिन हादसे होते हैं लेकिन अधिकारियों को इसकी परवाह नहीं है। 3 अगस्त को पड़ाव निवासी गिरीश कुमार को पीडीडीयू नगर से लौटते समय शाम हो गई थे। रास्ते में अंधेरा होने की वजह से वह नई बस्ती के पास बाइक सहित गड्ढे में गिर गए थे, जिससे उनके हाथ और केहुनी में चोटें आई थीं। वहीं, एक सितंबर को मछली मंडी के सामने गड्ढे में एक गाय गिर गई थी। गड्ढे की सरिया से उसका शरीर लहूलुहान हो गया था। करीब एक घंटे के मशक्कत के बाद उसे निकाला जा सका। स्थानीय निवासी लालबाबू ने बताया कि अगर गड्ढे में कोई बच्चा गिर गया तो उसके बचने के आसार कम हैं।
इनसेट
लोगों ने कहा, मौत का कुआं बनाया
सड़क किनारे 50 से ज्यादा 4 फीट गहरे गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए हैं। सीवर और बारिश का पानी भरने से डेंगू-मलेरिया का खतरा तो है ही, बदबू से जीना मुहाल हो गया है। गलती से कोई बच्चा इसमें गिर गया तो जान बचाना मुश्किल हो जाएगा। -अशोक पाल, हृदयपुर
गड्ढों के पास कोई बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया है। तीन अगस्त की शाम को एक व्यक्ति को गड्ढा नहीं दिखा और वह बाइक समेत उसमें जा गिरा। यह सड़क नहीं, राहगीरों के लिए मौत का कुआं बन चुकी है। -लालबहादुर, बिछड़ी वार्ड
दुकानों के सामने खोदे गए गड्ढे में एक सितंबर को गाय गिरकर लहूलुहान हो गई और उसका पैर टूट गया। एक घंटे मशक्कत के बाद उसे निकाला गया। किसी दिन कोई बड़ा हादसा हो जाएगा तब जाकर अधिकारी जागेंगे। -प्रभाकर सिंह, पीडीडीयू नगर
चंदासी चौकी के पास गड्ढों की वजह से गाड़ी खड़ी करने की जगह नहीं बची है। पानी और कीचड़ में वाहन धंस जाते हैं और उन्हें निकालना मुश्किल हो जाता है। रोज गाड़ियां खराब हो रही हैं, लेकिन अधिकारी बेपरवाह हैं। -कृष्णा जायसवाल, पीडीडीयू नगर
कोट-
- बिजली के खंभे नहीं हटने के कारण से सर्विस लेन का काम रुका था। अब मामला सुलझ गया है। बारिश के बाद सर्विस लेन का निर्माण कराया जाएगा। तब तक के लिए बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगा दिए जाएंगे। - राजेश कुमार, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग

पीडीडीयू नगर में सर्विस लेन के लिए खोदे गए गड्ढे में भरा पानी। संवाद- फोटो : 1