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आरपीएफ ने दिल्ली से भागी किशोरी को कोलकाता से कराया बरामद
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रेलवे सुरक्षा बल डीडीयू पोस्ट के सहयोग से दिल्ली से भागी किशोरी कोलकाता से बरामद हुई। आरपीएफ ने किशोरी को भागने के आरोपी के दोस्त को पकड़ कर किशोरी के ठिकाने का पता लगाया और किशोरी को सुरक्षित परिजनों तक पहुंचाया। किशोरी को भगाने का मुकदमा दिल्ली के ओखला थाने में दर्ज था। आरपीएफ के सक्रियता की चर्चा हो रही है।
बिहार के नालंदा जिले के परवलपुर थाना क्षेत्र का मूल निवासी एक परिवार दिल्ली के ओखला क्षेत्र में रहता है। 30 दिसंबर को चौदह वर्षीय किशोरी घर से गायब हो गई। इस पर परिवार के सदस्यों ने ओखला थाने में किशोरी के अपहरण की शिकायत की। तहरीर के आधार पर पुलिस ने शानू नामक युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर खोजबीन शुरू की। 18 जनवरी की रात पीड़ित परिवार ने पीडीडीयू आरपीएफ इंस्पेक्टर को सूचना दी कि डाउन संघमित्रा एक्सप्रेस से उसकी बेटी को चेन्नइ से बिहार एक युवक लेकर जा रहा है। इस सूचना पर ट्रेन के पहुंचने पर ट्रेन के कोच संख्या एस-10 से एसआई आरएन राम की टीम एक व्यक्ति को पकड़ा, लेकिन किशोरी नहीं मिली। इसकी सूचना दिल्ली पुलिस को भी दी गई। बाद में पूछताछ में पता चला कि किशोरी को भगाने वाला पकड़े गए व्यक्ति का रिश्तेदार है। इसके आधार पर पूछताछ में पता चला कि किशोरी कोलकाता में है। इसके बाद दबाव बनाया गया तो आरोपी बृहस्पतिवार कोकिशोरी को लेकर नालंदा के परवल थाने पर पहुंचा। यहां पुलिस ने किशोरी को परिजनों के हवाले कर दिया। आरपीएफ की सूचना पर दिल्ली पुलिस आरोपी को पकड़ने परवल पहुंच गई। वहीं आवश्यक लिखा पढ़ी के बाद आरोपित के रिश्तेदार को आरपीएफ ने छोड़ दिया। आरपीएफ निरीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि किशोरी सुरक्षित अपने घर पहुंच गई है।
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बिहार के नालंदा जिले के परवलपुर थाना क्षेत्र का मूल निवासी एक परिवार दिल्ली के ओखला क्षेत्र में रहता है। 30 दिसंबर को चौदह वर्षीय किशोरी घर से गायब हो गई। इस पर परिवार के सदस्यों ने ओखला थाने में किशोरी के अपहरण की शिकायत की। तहरीर के आधार पर पुलिस ने शानू नामक युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर खोजबीन शुरू की। 18 जनवरी की रात पीड़ित परिवार ने पीडीडीयू आरपीएफ इंस्पेक्टर को सूचना दी कि डाउन संघमित्रा एक्सप्रेस से उसकी बेटी को चेन्नइ से बिहार एक युवक लेकर जा रहा है। इस सूचना पर ट्रेन के पहुंचने पर ट्रेन के कोच संख्या एस-10 से एसआई आरएन राम की टीम एक व्यक्ति को पकड़ा, लेकिन किशोरी नहीं मिली। इसकी सूचना दिल्ली पुलिस को भी दी गई। बाद में पूछताछ में पता चला कि किशोरी को भगाने वाला पकड़े गए व्यक्ति का रिश्तेदार है। इसके आधार पर पूछताछ में पता चला कि किशोरी कोलकाता में है। इसके बाद दबाव बनाया गया तो आरोपी बृहस्पतिवार कोकिशोरी को लेकर नालंदा के परवल थाने पर पहुंचा। यहां पुलिस ने किशोरी को परिजनों के हवाले कर दिया। आरपीएफ की सूचना पर दिल्ली पुलिस आरोपी को पकड़ने परवल पहुंच गई। वहीं आवश्यक लिखा पढ़ी के बाद आरोपित के रिश्तेदार को आरपीएफ ने छोड़ दिया। आरपीएफ निरीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि किशोरी सुरक्षित अपने घर पहुंच गई है।
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