UP: हेड कांस्टेबल के नाम पर बनेगी सड़क, ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले पुलिसकर्मी के घर पहुंचे कैबिनेट मंत्री
यूपी के जाैनपुर में गोतस्करों ने सिपाही को अपनी पिकअप से कुचल दिया था। ट्राॅमा सेंटर में इलाज के दाैरान उसकी माैत हो गई थी। इस मामले के बाद पुलिस महकमे में शोक माहाैल व्याप्त है। वहीं, कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने पुलिसकर्मी के घर जाकर परिवार को ढांढस बंधाया।
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जौनपुर में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले हेड कांस्टेबल दुर्गेश सिंह के उकनीवीरम राय गांव स्थित आवास पर शुक्रवार को प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मिलकर ढांढस बंधाया। दुर्गेश के नाम पर गांव में सड़क, स्मृतिद्वार और स्मृति उपवन बनवाने का आश्वासन दिया।
गांव निवासी दीनानाथ सिंह के दो पुत्र राजीव रंजन सिंह और दुर्गेश कुमार सिंह थे। दुर्गेश जौनपुर के चंदवक थाने में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। बीते शनिवार को वाहनों की जांच अभियान के दौरान पशु तस्करों ने उनपर गाड़ी चढ़ा दी थी। इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी।
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मंत्री को घर पर देखकक परिजन रोने लगे। मंत्री ने दुर्गेश के पिता को प्रदेश सरकार की ओर से हर संभव सहयोग दिलाने का भरोसा दिया। इस मौके पर अभय प्रजापति, अशोक प्रजापति, प्रकाश राजभर, अतुल सिंह, राजेश राजभर, रवि श्रीवास्तव, निठोहर सत्यार्थी, अरूण रत्नाकर मौजूद रहे।
ऐसे हुई थी माैत
शनिवार देर रात मुखबिरों की सूचना पर एसओजी टीम के साथ चंदवक और जलालपुर थाने की पुलिस टीम ने आजमगढ़-वाराणसी मार्ग पर स्थित खुज्जी मोड़ पर घेराबंदी कर रखी थी। पुलिस को किसी बड़े शातिर गौतस्कर की सूचना मिली थी।
रात लगभग 11:40 पर पुलिस को आजमगढ़ की तरफ से पिकअप तेज रफ्तार में आती हुई दिखी, जिसके बाद पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन बैरिकेडिंग तोड़ते हुए पिकअप चालक वाराणसी की तरफ भाग निकला। पुलिस ने उधर रेलवे क्राॅसिंग पर पहले से ही रास्ता बंद करवा रखा था। जिसपर पिकअप चालक वापस खुज्जी की तरफ गाड़ी घुमाकर लाया।
खुज्जी मोड़ पर दुबारा बैरिकेडिंग और गाड़ियों से रास्ता बंद देख पिकअप चालक ने गाड़ी का रुख पटरियों की तरफ कर दिया। पिकअप चालक ने बर्बरतापूर्वक सड़क के किनारे खड़ी गाड़ियों को टक्कर मारते हुए आरक्षी दुर्गेश सिंह को कुचल दिया। अपने साथी को घायल देख सभी पुलिस कर्मी उसे बचाने दौड़े पिकअप मारिकपुर गांव के रास्ते फरार हो गया।
परिजनों में मचा कोहराम
इधर, घायल दुर्गेश सिंह के सिर में गंभीर चोट आने की वजह से निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह तत्काल दुर्गेश सिंह को गाड़ी लादकर सीधा ट्राॅमा सेंटर रवाना हो गए। काफी कोशिशों के बावजूद ब्रेन हैमरेज के कारण देर रात 2.40 बजे आरक्षी दुर्गेश सिंह की मौत हो गई।
इस घटना से पूरे पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। एसपी जौनपुर और एसपी सिटी रात लगभग साढ़े तीन बजे चंदवक थाने पहुंच गए। इस बाबत, चंदवक थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मृत आरक्षी का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम दबिश दे रही है।
मूल रूप से चंदौली जिले के सकलडीहा थाना क्षेत्र के रहने वाले आरक्षी दुर्गेश सिंह (36) 2011 बैच के आरक्षी थे। कर्तव्यनिष्ठ और मिलनसार व्यक्ति थे। इनकी पत्नी प्रियंका सिंह कर्रा स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका के पद पर तैनात है। इनकी सात वर्षीय एक बेटी भी है। देर रात जब पत्नी को इस घटना के बारे में पता चला तो वह सदमे से बेहोश हो गईं।