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3.60 करोड़ से लगेगा पंजीरी खारखाना, 12 हजार को मिलेगा रोजगार
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पीडीडीयू नगर। जिले में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं अब पोषाहार बनाएंगी। उसी पोषाहार को आंगनबाड़ी केंद्रों से वितरित किया जाएगा। इसके लिए धानापुर, चंदौली, चकिया और सकलडीहा में पंजीरी प्लांट लगाया जाएगा। कुल मिलाकर चारों प्लांटों को लगाने में करीब तीन करोड़ 60 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इन प्लांटों में 100 से अधिक महिलाएं काम करेंगी। साथ ही पंजीरी से जो आय प्राप्त होगा वह सभी समूहों में बांटा जाएगा। इससे लगभग 12 हजार से अधिक महिलाओं को रोजगार मिलेगा। उम्मीद है कि अगस्त माह में ही प्लांट लग जाएंगे।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने हर जिले में पंजीरी बनाने का प्लांट लगाने का काम शुरू किया है। उसी के तहत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की महिलाओं को चंदौली में इससे जोड़ा जा रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, चार ब्लाकों में अभी कारखाना लगाया जाएगा। इसके लिए मशीन मंगाई जा रही है। एक प्लांट को लगाने में करीब 90 लाख रुपये खर्च होंगे। यह धनराशि अलग-अलग 300 समूहों से एकत्रित की जाएगी। यानी एक समूह 30 हजार रुपये देगा। चकिया में प्लांट लगाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। उम्मीद है कि 15 दिन के अंदर प्लांट लगाने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
पंजीरी बनाकर आईसीडीएस यानी बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के जरिए बच्चों, गर्भवती महिलाओं व स्कूल न जाने वाली किशोरियों को वितरित किया जाएगा। इससे जो लाभ मिलेगा उसके आधार पर 1200 समूहों की 12 हजार से ज्यादा महिलाओं में बराबर-बराबर दिया जाएगा। एनआरएलएम के डीएमएम अभिषेक ने बताया कि एक समूह में औसतन 11 महिला होती हैं। एक प्लांट से 300 समूह जुड़ेंगे। इस तरह से एक प्लांट से जो महिलाएं लाभान्वित होंगी उनकी संख्या 3300 होगी। सभी चार प्लांटों से 12900 महिलाएं होंगी।
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पंजीरी बनाने वाले प्लांट में कुछ महिलाओं को नियमित काम भी दिया जाएगा। एनआरएलएम के डीडीएम ने बताया कि प्रत्येक प्लांट में करीब 20 महिलाएं काम करेंगी। इस तरह से चार प्लांटों में कुल मिलाकर 80 महिलाएं काम करेंगी। इन्हें छह से आठ हजार रुपये हर महीने मानदेय दिया जाएगा।
प्रत्येक समूह के पास बचत और अन्य मद का कुछ न कुछ धन होता है। ऐसे में समूहों द्वारा जो धनराशि लगायी जाएगी उससे व्यवसाय होगा। देखरेख ओर संचालन की जिम्मेदारी भी समूह की होगी। चकिया और चंदौली में अनमोल प्रेरणा लघु उद्योग, धानापुर में शिवशक्ति प्रेरणा महिला लघु उद्योग और सकलडीहा में खुशी प्रेरणा महिला लघु उद्योग द्वारा प्लांटों का संचालन किया जाएगा।
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महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने हर जिले में पंजीरी बनाने का प्लांट लगाने का काम शुरू किया है। उसी के तहत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की महिलाओं को चंदौली में इससे जोड़ा जा रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, चार ब्लाकों में अभी कारखाना लगाया जाएगा। इसके लिए मशीन मंगाई जा रही है। एक प्लांट को लगाने में करीब 90 लाख रुपये खर्च होंगे। यह धनराशि अलग-अलग 300 समूहों से एकत्रित की जाएगी। यानी एक समूह 30 हजार रुपये देगा। चकिया में प्लांट लगाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। उम्मीद है कि 15 दिन के अंदर प्लांट लगाने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
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पंजीरी बनाकर आईसीडीएस यानी बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के जरिए बच्चों, गर्भवती महिलाओं व स्कूल न जाने वाली किशोरियों को वितरित किया जाएगा। इससे जो लाभ मिलेगा उसके आधार पर 1200 समूहों की 12 हजार से ज्यादा महिलाओं में बराबर-बराबर दिया जाएगा। एनआरएलएम के डीएमएम अभिषेक ने बताया कि एक समूह में औसतन 11 महिला होती हैं। एक प्लांट से 300 समूह जुड़ेंगे। इस तरह से एक प्लांट से जो महिलाएं लाभान्वित होंगी उनकी संख्या 3300 होगी। सभी चार प्लांटों से 12900 महिलाएं होंगी।
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पंजीरी बनाने वाले प्लांट में कुछ महिलाओं को नियमित काम भी दिया जाएगा। एनआरएलएम के डीडीएम ने बताया कि प्रत्येक प्लांट में करीब 20 महिलाएं काम करेंगी। इस तरह से चार प्लांटों में कुल मिलाकर 80 महिलाएं काम करेंगी। इन्हें छह से आठ हजार रुपये हर महीने मानदेय दिया जाएगा।
प्रत्येक समूह के पास बचत और अन्य मद का कुछ न कुछ धन होता है। ऐसे में समूहों द्वारा जो धनराशि लगायी जाएगी उससे व्यवसाय होगा। देखरेख ओर संचालन की जिम्मेदारी भी समूह की होगी। चकिया और चंदौली में अनमोल प्रेरणा लघु उद्योग, धानापुर में शिवशक्ति प्रेरणा महिला लघु उद्योग और सकलडीहा में खुशी प्रेरणा महिला लघु उद्योग द्वारा प्लांटों का संचालन किया जाएगा।