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Chandauli News: रानी की बावली की दशा सुधरेगी, 50 लाख मिले
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चकिया । नगर पंचायत क्षेत्र स्थित रानी की बावली के संरक्षण और सुंदरीकरण का काम तीन साल के लंबे अंतराल फिर से शुरू होगा। इसके लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना से 50 लाख रुपये जारी हुए हैं। इससे शेष कार्य कराए जाएंगे।
वर्ष 2019 में नगर पंचायत बोर्ड ने वार्ड नंबर छह सिविल लाइन पूर्वी स्थित रानी की बावली के जीर्णोद्धार व सुंदरीकरण का प्रस्ताव पारित किया था। पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत इस काम पर एक करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव किया गया था। इसकी पहली किस्त के 50 लाख प्राप्त हो गए थे। धन से तालाब का फाउंडेशन और चहारदीवारी का निर्माण कराया गया। उसके बाद धन न आने से तालाब के जीर्णोद्धार का कार्य रुक गया।
सिविल लाइन पूर्वी वार्ड नंबर छह की सभासद सदस्य जिला योजना समिति मीना विश्वकर्मा ने कई बार शासन को पत्र लिखकर धन अवमुक्त करने की मांग की। नगर पंचायत प्रशासन ने भी कार्य को पूर्ण करने के लिए पत्राचार किया। काफी प्रयास के बाद शासन से पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत शेष धनराशि अवमुक्त की है। इस धन से सीढ़ी और रपटा बनाने का कार्य किया जाएगा।
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अधिशासी अधिकारी मेंही लाल गौतम ने बताया कि शेष धनराशि प्राप्त हो गई है। कार्यदायी संस्था ने निर्माण कार्य आरंभ करा दिया है।
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वर्ष 2019 में नगर पंचायत बोर्ड ने वार्ड नंबर छह सिविल लाइन पूर्वी स्थित रानी की बावली के जीर्णोद्धार व सुंदरीकरण का प्रस्ताव पारित किया था। पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत इस काम पर एक करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव किया गया था। इसकी पहली किस्त के 50 लाख प्राप्त हो गए थे। धन से तालाब का फाउंडेशन और चहारदीवारी का निर्माण कराया गया। उसके बाद धन न आने से तालाब के जीर्णोद्धार का कार्य रुक गया।
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सिविल लाइन पूर्वी वार्ड नंबर छह की सभासद सदस्य जिला योजना समिति मीना विश्वकर्मा ने कई बार शासन को पत्र लिखकर धन अवमुक्त करने की मांग की। नगर पंचायत प्रशासन ने भी कार्य को पूर्ण करने के लिए पत्राचार किया। काफी प्रयास के बाद शासन से पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत शेष धनराशि अवमुक्त की है। इस धन से सीढ़ी और रपटा बनाने का कार्य किया जाएगा।
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अधिशासी अधिकारी मेंही लाल गौतम ने बताया कि शेष धनराशि प्राप्त हो गई है। कार्यदायी संस्था ने निर्माण कार्य आरंभ करा दिया है।