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राम नाम है कल्याणकारी
ब्यूरो अमर उजाला चंदौली
Updated Sat, 14 Mar 2015 01:36 AM IST
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राम नाम है कल्याणकारी, कर्म करने वालों को ही राम मिलते है, उक्त बाते
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शुक्रवार को मसोई गांव स्थित हनुमान मंदिर प्रांगण में चल रहे पांच दिवसीय
संगीतमय श्रीराम कथा के दूसरे दिन प्रख्यात कथा वाचक डा. रामकमल दास जी ने
कही।
उन्होंने कहा कि अगर कर्म करने वाले अपना कर्म करते रहे और फल की चिंता न करे तो उन्हें अवश्य ही राम मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि आज समाज में चारों तरफ बस भागम भाग मची हुई है।
लोग अपनी अपनी स्वार्थ के चलते दूसरों को कष्ट देने से नहीं चुक रहे है। ऐसे लोगों को भला नहीं होता है तथा उनका मन भी स्थिर नहीं रहता है। उन्होंने कहा कि भगवान राम में त्याग की भावना थी वो अपने सुख की बजाय जनमानस को सुखी देना चाहते थे। उनके द्वारा मार्मिक ढंग से रामकथा सुनकर भक्त सराबोर हो गए।
इस दौरान राजन सिंह उर्फ छांगुर, पप्पू सिंह, सतीष सिंह, संजय सिंह, गोरख सिंह, रिट्टू सिंह आदि मौजूद रहे।
उन्होंने कहा कि अगर कर्म करने वाले अपना कर्म करते रहे और फल की चिंता न करे तो उन्हें अवश्य ही राम मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि आज समाज में चारों तरफ बस भागम भाग मची हुई है।
लोग अपनी अपनी स्वार्थ के चलते दूसरों को कष्ट देने से नहीं चुक रहे है। ऐसे लोगों को भला नहीं होता है तथा उनका मन भी स्थिर नहीं रहता है। उन्होंने कहा कि भगवान राम में त्याग की भावना थी वो अपने सुख की बजाय जनमानस को सुखी देना चाहते थे। उनके द्वारा मार्मिक ढंग से रामकथा सुनकर भक्त सराबोर हो गए।
इस दौरान राजन सिंह उर्फ छांगुर, पप्पू सिंह, सतीष सिंह, संजय सिंह, गोरख सिंह, रिट्टू सिंह आदि मौजूद रहे।