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धान के लिए बारिश बनी वरदान, खुश हुए किसान
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पीडीडीयू नगर। उमस व गर्मी के बाद जिले में हो रही रिमझिम बारिश से किसान काफी खुुश हैं। कीटों से प्रभावित धान के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं है। वहीं बादलों के छाए रहने और रुक-रुककर हो रही बारिश से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। अब तक 30 डिग्री सेल्सियस के ऊपर रहने वाला तापमान 28 डिग्री पर पहुंच गया है।
पिछले एक पखवारे से जिले में पड़ रही उमसभरी गर्मी से लोगों का हाल बेहाल था। सोमवार की सुबह आसमान को काले बादलों ने घेर लिया और ठंडी हवाएं चलने लगीं। कुछ देर बाद रुक-रुककर जिले के विभिन्न हिस्सों में बारिश होने लगी। इससे मौसम सुहाना हो गया। मंगलवार को भी सुबह से बारिश होने का क्रम बना रहा। नगर में दोपहर के एक बजे के करीब 10 मिनट तक हुई मूसलाधार बारिश से गर्म हो रहा मौसम एकबार फिर ठंडा हो गया। बारिश से किसानों के चेहरे पर रौनक दिखाई दे रही है।
किसानों के अनुसार इस बारिश से झुलसा रोग व तनाछेदक कीटों की चपेट में आ चुके धान की फसल के रोगमुक्त होने की संभावना काफी बढ़ गई है। बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। उनके अनुसार यह बारिश धन की फसल के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। राज्य कृषि मौसम विभाग के प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि आगामी बुधवार व बृहस्पतिवार को भी तेज हवा के साथ हल्की फुहार पड़ने की संभावना है।
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बारिश न होने और मौसम गर्म होने से धान की फसलों में झुलसा रोग का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा था। बारिश से फसल में लगने वाले झुलसा रोग के साथ अन्य रोग भी समाप्त हो जाएंगे।- रतन सिंह, सिकठा।
कम बारिश के चलते तनाछेदक कीटों का प्रकोप शुरू हो गया था। इस रोग से पहले पत्ते फिर पूरा पौधा सूख जाता है। बारिश होने से इस बीमारी के समाप्त होने की संभावना बढ़ गई है। कामेश्वर राय, डिग्घी।
नहरों से पानी न मिलने के बाद पानी के लिए आसमान की ओर टकटकी लगाए किसानों को इस बारिश से काफी राहत मिली है। इससे धान की फसल को काफी फायदा पहुंचा है। देवेंद्र राय, पई।
लगातार दो दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश से किसानों के धान की फसल में लग रहे रोगों से राहत मिल गई है।यह बारिश धान की फसल के लिए संजीवनी के समान है। अजीत सिंह, जलालपुर।
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पिछले एक पखवारे से जिले में पड़ रही उमसभरी गर्मी से लोगों का हाल बेहाल था। सोमवार की सुबह आसमान को काले बादलों ने घेर लिया और ठंडी हवाएं चलने लगीं। कुछ देर बाद रुक-रुककर जिले के विभिन्न हिस्सों में बारिश होने लगी। इससे मौसम सुहाना हो गया। मंगलवार को भी सुबह से बारिश होने का क्रम बना रहा। नगर में दोपहर के एक बजे के करीब 10 मिनट तक हुई मूसलाधार बारिश से गर्म हो रहा मौसम एकबार फिर ठंडा हो गया। बारिश से किसानों के चेहरे पर रौनक दिखाई दे रही है।
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किसानों के अनुसार इस बारिश से झुलसा रोग व तनाछेदक कीटों की चपेट में आ चुके धान की फसल के रोगमुक्त होने की संभावना काफी बढ़ गई है। बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। उनके अनुसार यह बारिश धन की फसल के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। राज्य कृषि मौसम विभाग के प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि आगामी बुधवार व बृहस्पतिवार को भी तेज हवा के साथ हल्की फुहार पड़ने की संभावना है।
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बारिश न होने और मौसम गर्म होने से धान की फसलों में झुलसा रोग का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा था। बारिश से फसल में लगने वाले झुलसा रोग के साथ अन्य रोग भी समाप्त हो जाएंगे।- रतन सिंह, सिकठा।
कम बारिश के चलते तनाछेदक कीटों का प्रकोप शुरू हो गया था। इस रोग से पहले पत्ते फिर पूरा पौधा सूख जाता है। बारिश होने से इस बीमारी के समाप्त होने की संभावना बढ़ गई है। कामेश्वर राय, डिग्घी।
नहरों से पानी न मिलने के बाद पानी के लिए आसमान की ओर टकटकी लगाए किसानों को इस बारिश से काफी राहत मिली है। इससे धान की फसल को काफी फायदा पहुंचा है। देवेंद्र राय, पई।
लगातार दो दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश से किसानों के धान की फसल में लग रहे रोगों से राहत मिल गई है।यह बारिश धान की फसल के लिए संजीवनी के समान है। अजीत सिंह, जलालपुर।