{"_id":"ffcbd2a043acc20bc7df471923433e09","slug":"problems-telling-to-the-dm-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"समस्याओं को लेकर मिले डीएम से","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समस्याओं को लेकर मिले डीएम से
ब्यूरो अमर उजाला चंदौली
Updated Tue, 20 Jan 2015 01:38 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
साक्षर भारत मिशन प्रेरक वेलफेयर एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को
विज्ञापन
कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी एनके सिंह से मिला। इस दौरान उन्होंने पांच
सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। कहा कि प्रेरकों को शासन की मंशा के अनुरूप
सुविधाएं मुहैया कराई जाए।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष ह्रषिकेश सिंह ने कहा कि 18 माह से प्रेरकों का मानदेय नहीं मिल पाया है।
इसके चलते हम सभी के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गई है। केंद्रों के संचालन करने के लिए सिर्फ किताबों का वितरण किया गया है। इसके अलावा कोई भी सामग्री नहीं दी गई है।
केंद्रों पर पेंसिल, चॉक व बैठने की कोई व्यवस्था नहीं है। मांग किया कि लोक शिक्षा केंद्रों को संचालित करने के लिए जो बजट मिलता है वह विभाग की ओर से उपलब्ध नहीं कराया गया है।
इसके चलते पठन पाठन के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सभी शिक्षा प्रेरकों का मानदेय दो हजार रुपये है, जिससे प्रेरकों को तमाम असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। हम सभी का मानदेय बढ़ाकर 15 हजार रुपये किया जाए, ताकि प्रेरकों की आर्थिक स्थिति ठीक हो सके।
इस अवसर पर उर्मिला देवी, विजय कुमार, पूनम, प्रीति, धनंजय सिंह, अजय कुमार सिंह, अशोक मौर्या, रुद्र प्रताप तिवारी, नरगिस बानो, रामप्रकाश यादव आदि उपस्थित रहे।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष ह्रषिकेश सिंह ने कहा कि 18 माह से प्रेरकों का मानदेय नहीं मिल पाया है।
इसके चलते हम सभी के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गई है। केंद्रों के संचालन करने के लिए सिर्फ किताबों का वितरण किया गया है। इसके अलावा कोई भी सामग्री नहीं दी गई है।
केंद्रों पर पेंसिल, चॉक व बैठने की कोई व्यवस्था नहीं है। मांग किया कि लोक शिक्षा केंद्रों को संचालित करने के लिए जो बजट मिलता है वह विभाग की ओर से उपलब्ध नहीं कराया गया है।
इसके चलते पठन पाठन के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सभी शिक्षा प्रेरकों का मानदेय दो हजार रुपये है, जिससे प्रेरकों को तमाम असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। हम सभी का मानदेय बढ़ाकर 15 हजार रुपये किया जाए, ताकि प्रेरकों की आर्थिक स्थिति ठीक हो सके।
इस अवसर पर उर्मिला देवी, विजय कुमार, पूनम, प्रीति, धनंजय सिंह, अजय कुमार सिंह, अशोक मौर्या, रुद्र प्रताप तिवारी, नरगिस बानो, रामप्रकाश यादव आदि उपस्थित रहे।