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Chandauli News: मस्जिदों में रमजान के पहले जुमे की पढ़ी गई नमाज
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रमजान माह का आगाज जुमे से हुआ। सवाब के महीने के पहले दिन मस्जिदों में अमन की दुआ मांगी गई। तकरीर हुई। नमाज अदा करने वालों में बच्चों की भी अच्छी तादाद थी। शाम को रोजा इफ्तार किया गया। मुख्यालय स्थित शाही मस्जिद, जामा मस्जिद के अलावा ग्रामीण इलाकों मे विभिन्न मस्जिदों में रमजान माह के पहले जुमे की नमाज पढ़ी गई। तकरीर में मौलानाओं ने रोजे की अहमियत बतायी। उन्होंने कहा कि रमजान खैर-ओ-बरकत का अजीम महीना है। इसमें नेकियां बरसती हैं। गुनहगारों की तौबा कबूल की जाती है। रोजे के माने झुलसा देना होता है। इंसान 11 महीने जो भी गुनाह करता है, रोजा उन गुनाहों को झुलसा कर रख देता है। खुदा से डरो। इसका मतलब है कि इंसान बनो। विनम्रता का भाव पैदा करो। जो रोजा नहीं रखता, मस्जिदों से दूर रहता है, नमाज अदा नहीं करना, कुरआन की तिलावत नहीं करता है, उसकी तौबा कबूल नहीं की जाती है। रमजान माह को तीन असरे में बांटा गया है। पहला असरा रहमत, दूसरा बरकत व तीसरा असरा मगफिरत का है। इस महीने में 70 गुना सवाब बढ़ जाता है।
इफ्तार के बाद मांगी बरकत और रहमत की दुआ
चंदौली। बरकम व रहमत की पाक महीना रमजान शुरू हो गया। शुक्रवार को मुस्लिम बंधुओं ने पहला रोजा रखा और मगरीब की नमाज के बाद परिवार के साथ मिलकर रोजा इफ्तार किया। नमाज परिवार की तरक्की व सुखी के साथ-साथ देश में अमन-चैन कायम रखने के लिए दुआ की।
विदित हो कि माह-ए-रमजान का मुस्लिम बंधु पूरे साल बेसब्री से इंतजार करते हैं। शुक्रवार को सुबह सेहरी के साथ ही मुस्लिम बंधुओं ने पहला रोजा रखा। शाम को सूर्यास्त होने के बाद अजान होते ही मुस्लिम बंधुओं ने घर में बने लजीज पकवानों से रोजा खोला और इसके बाद नमाज अदा कर दुआ की। इसे लेकर पूरे दिन लोगों में उत्साह दिखा।
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रोजा इफ्तार के मद्देनजर महिलाएं शाम से ही रसोई में लजीज पकवानों को तैयार करने में जुटी रहीं। पहला रोजा होने के कारण बड़ों के साथ ही बच्चों ने भी रोजा रखा और परिवार के साथ इफ्तार करने के साथ ही पूरी शिद्दत के साथ ही इबादत की। चंदौली नगर सहित जनपद के कस्बाई व ग्रामीण इलाकों में मस्जिद मुस्लिम बंधुओं से गुलजार रहे। मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में चहल-पहल नजर आई।
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इफ्तार के बाद मांगी बरकत और रहमत की दुआ
चंदौली। बरकम व रहमत की पाक महीना रमजान शुरू हो गया। शुक्रवार को मुस्लिम बंधुओं ने पहला रोजा रखा और मगरीब की नमाज के बाद परिवार के साथ मिलकर रोजा इफ्तार किया। नमाज परिवार की तरक्की व सुखी के साथ-साथ देश में अमन-चैन कायम रखने के लिए दुआ की।
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विदित हो कि माह-ए-रमजान का मुस्लिम बंधु पूरे साल बेसब्री से इंतजार करते हैं। शुक्रवार को सुबह सेहरी के साथ ही मुस्लिम बंधुओं ने पहला रोजा रखा। शाम को सूर्यास्त होने के बाद अजान होते ही मुस्लिम बंधुओं ने घर में बने लजीज पकवानों से रोजा खोला और इसके बाद नमाज अदा कर दुआ की। इसे लेकर पूरे दिन लोगों में उत्साह दिखा।
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रोजा इफ्तार के मद्देनजर महिलाएं शाम से ही रसोई में लजीज पकवानों को तैयार करने में जुटी रहीं। पहला रोजा होने के कारण बड़ों के साथ ही बच्चों ने भी रोजा रखा और परिवार के साथ इफ्तार करने के साथ ही पूरी शिद्दत के साथ ही इबादत की। चंदौली नगर सहित जनपद के कस्बाई व ग्रामीण इलाकों में मस्जिद मुस्लिम बंधुओं से गुलजार रहे। मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में चहल-पहल नजर आई।