{"_id":"1ca817f17fd72cf134d2a5efd9648323","slug":"pramaspa-movement-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रमासपा का आंदोलन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रमासपा का आंदोलन
ब्यूरो चंदौली अमर उजाला
Updated Wed, 31 Dec 2014 01:18 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीस अति पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने और धान क्रय की
विज्ञापन
मांग को लेकर प्रगतिशील मानव समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को
विकास भवन पर धरना दिया।
कहा कि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो कार्यकर्ता और उग्र आंदोलन शुरू कर देंगे।
इस अवसर पर ठाकुर प्रसाद बिंद ने कहा कि प्रदेश में निवास करने वाली बीस अति पिछड़ी जातियों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति अत्यंत दयनीय है। कहा कि न जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल कर विकास की मुख्य धारा में लाने की जरूरत है।
उक्त जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल कर अनुसूचित जाति का कोटा 35 प्रतिशत करने के लिए पार्टी लगातार संघर्ष कर रही है। जिला पंचायत सदस्य सुशील सिंह ने कहा कि जनपद में सरकारी एजेंसियों पर धान की खरीद नहीं हो रही है। किसान बिचौलियों के हाथ औने-पौने दाम में अपनी फसल बेचने को मजबूर हैं।
क्रय केंद्रों पर कोई व्यवस्था नहीं है। जिला प्रशासन लाख दावा करे, लेकिन उसका एजेंसियों पर कोई नियंत्रण नहीं रह गया है। जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद बिंद ने कहा कि धानापुर थाना क्षेत्र के कवई पहाड़पुर गांव में नौ नवंबर को घटित घटना में पुलिस ने निर्दोष लोगों को गलत तरीके से फंसाया है। इस मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए।
इस अवसर पर सुरेश बिंद, गब्बर सिंह, सोहन, संतोष, रामप्यारे आदि उपस्थित रहे। संचालन जंगबहादुर बिंद ने किया।
कहा कि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो कार्यकर्ता और उग्र आंदोलन शुरू कर देंगे।
इस अवसर पर ठाकुर प्रसाद बिंद ने कहा कि प्रदेश में निवास करने वाली बीस अति पिछड़ी जातियों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति अत्यंत दयनीय है। कहा कि न जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल कर विकास की मुख्य धारा में लाने की जरूरत है।
उक्त जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल कर अनुसूचित जाति का कोटा 35 प्रतिशत करने के लिए पार्टी लगातार संघर्ष कर रही है। जिला पंचायत सदस्य सुशील सिंह ने कहा कि जनपद में सरकारी एजेंसियों पर धान की खरीद नहीं हो रही है। किसान बिचौलियों के हाथ औने-पौने दाम में अपनी फसल बेचने को मजबूर हैं।
क्रय केंद्रों पर कोई व्यवस्था नहीं है। जिला प्रशासन लाख दावा करे, लेकिन उसका एजेंसियों पर कोई नियंत्रण नहीं रह गया है। जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद बिंद ने कहा कि धानापुर थाना क्षेत्र के कवई पहाड़पुर गांव में नौ नवंबर को घटित घटना में पुलिस ने निर्दोष लोगों को गलत तरीके से फंसाया है। इस मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए।
इस अवसर पर सुरेश बिंद, गब्बर सिंह, सोहन, संतोष, रामप्यारे आदि उपस्थित रहे। संचालन जंगबहादुर बिंद ने किया।