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45 साल से एक ही पानी की टंकी से तीन दर्जन गांवों में हो रही सप्लाई
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सकलडीहा। क्षेत्र के तीन दर्जन गांवों में 45 साल से 310 किलोलीटर की पानी टंकी से लगभग 50 हजार की आबादी को पानी की सप्लाई की जा रही है। जबकि चार दशक में जनसंख्या बढ़ने के साथ नए कनेक्शन भी बढ़ गए हैं। लेकिन समय के साथ न तो टंकी की क्षमता बढ़ाई गई और न ही पानी के कनेक्शनों को बढ़ाया गया। नियमित पेयजल आपूर्ति की समस्या को लेकर कस्बावासी और ग्रामीण परेशान हैं। इसके बाद भी खराब हुई बोरिंग की मरम्मत तो दूर अतिरिक्त पानी टंकी लगाने के लिये जिम्मेदार चुप्पी साधे हुए हैं।
जलनिगम विभाग की ओर से सकलडीहा ग्राम समूह पेयजल योजना के तहत करीब 45 साल पूर्व 310 किलोलीटर की पानी टंकी बनाई गई थी। इससे तीन दर्जन से अधिक गांवों को पेयजल आपूर्ति की जाने लगी। पिछले दो साल से प्रथम ट्यूववेल की बोरिंग खराब हो जाने से 50 हजार से अधिक लोगों को नियमित पानी नहीं मिल पा रहा है।
वहीं सरकारी कार्यालयों से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, बैंक सहित अन्य विभागों के कर्मचारी भी पेयजल की किल्लत से परेशान रहते हैं। कई जनप्रतिनिधियों ने अतिरिक्त टंकी और मोटर लगवाने का आश्वासन दिया पर पूरा नहीं किया। इससे ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीण अमित कुमार, कृष्णा सोनी, हरिकुमार जायसवाल, रंजीत सिंह, बाबूजान, हरिहर चौरसिया, नागे, पुत्तुल यादव ने जिला प्रशासन से नियमित पेयजल आपूर्ति कराने की मांग की है। जल-जीवन-मिशन के तहत जिले की पुरानी पेयजल व्यवस्था में सुधार किए जाने के लिए पुनर्गठन पेयजल योजना की तैयारी की जा रही है। सुधार कार्य के लिए कार्ययोजना बनाकर शासन के पास भेज दी गई है। धन अवमुक्त होते ही कार्य आरंभ करा दिए जाएंगे। हेमंत सिंह, एक्सईएन, जलनिगम।
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जलनिगम विभाग की ओर से सकलडीहा ग्राम समूह पेयजल योजना के तहत करीब 45 साल पूर्व 310 किलोलीटर की पानी टंकी बनाई गई थी। इससे तीन दर्जन से अधिक गांवों को पेयजल आपूर्ति की जाने लगी। पिछले दो साल से प्रथम ट्यूववेल की बोरिंग खराब हो जाने से 50 हजार से अधिक लोगों को नियमित पानी नहीं मिल पा रहा है।
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वहीं सरकारी कार्यालयों से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, बैंक सहित अन्य विभागों के कर्मचारी भी पेयजल की किल्लत से परेशान रहते हैं। कई जनप्रतिनिधियों ने अतिरिक्त टंकी और मोटर लगवाने का आश्वासन दिया पर पूरा नहीं किया। इससे ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीण अमित कुमार, कृष्णा सोनी, हरिकुमार जायसवाल, रंजीत सिंह, बाबूजान, हरिहर चौरसिया, नागे, पुत्तुल यादव ने जिला प्रशासन से नियमित पेयजल आपूर्ति कराने की मांग की है। जल-जीवन-मिशन के तहत जिले की पुरानी पेयजल व्यवस्था में सुधार किए जाने के लिए पुनर्गठन पेयजल योजना की तैयारी की जा रही है। सुधार कार्य के लिए कार्ययोजना बनाकर शासन के पास भेज दी गई है। धन अवमुक्त होते ही कार्य आरंभ करा दिए जाएंगे। हेमंत सिंह, एक्सईएन, जलनिगम।
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