चंदौली में अवैध शराब फैक्टी का भंडाफोड़: पुलिस ने पकड़े चार आरोपी, मकाने में बनाई जा रही थी शराब
चंदौली जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र के रेमा गांव स्थित एक मकान में अवैध रूप से शराब बनायी जा रही थी। इस गांव में पहले भी शराब की भट्टियां चलती थी। पुलिस और आबकारी की ताबड़तोड़ कार्रवाई से शराब का अवैध कारोबार बंद कराया दिया था। लेकिन अब डर है कि कहीं गांव में फिर से अवैध शराब न बनाई जाने लगे।
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चंदौली जिले के अलीनगर पुलिस व आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने गुरुवार की अलसुबह रेमा गांव में छापा मार कर एक अवैध शराब के अड्डे का भंडाफोड़ किया। मौके से पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया। वहीं भारी मात्रा में शराब व शराब बनाने के उपकरण बरामद हुए।
अलीनगर पुलिस को सूचना मिली थी कि रेमा गांव स्थित एक मकान में कुछ लोग अवैध रूप से शराब बनाने का काम कर रहे हैं। मौके पर एक मालवाहक और एक कार में शराब को आपूर्ति के लिए लादा जा रहा है। सूचना पर अलीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह व आबकारी निरीक्षक ज्ञानप्रताप सिंह की संयुक्त टीम पहुंच गई।
पुलिस को देख सभी भागने लगे लेकिन पुलिस ने दौड़ाकर पकड़ लिया। इसके बाद टीम ने मकान के अंदर से चार पेटियों में 177 शीशी अवैध देसी शराब, चार ड्रम में 750 लीटर स्प्रिट, एक गैलन में तीस लीटर अवैध शराब, नामी शराब कंपनी के रैपर, खाली शीशी, ढक्कन, कीप, गत्ता, पांच खाली गैलन व पानी को बरामद किया। पुलिस ने एक मालवाहक मैजिक और एक कार भी बरामद की है।
छापे में पुलिस ने रेमा निवासी संतोष कुमार यादव, बृजेश यादव, विनोद यादव व चंदौली कोतवाली क्षेत्र के लीलापुर निवासी अजीत उर्फ विक्की सिंह को पकड़ लिया और थाने ले आई। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने चारों को जेल भेज दिया। इस दौरान टीम में एसआई रमेश यादव, श्रीकांत पांडेय, बाबूराम यादव, नीलम त्रिपाठी, ताराचंद सिंह आदि शामिल रहे। सीओ सदर रामवीर सिंह ने बताया कि अवैध शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया है। चार लोग गिरफ्तार हुए हैं। आगे भी ऐसे कार्रवाई और जांच पड़ताल होती रहेगी।
नामी कंपनियों का रैपर लगाकर बेचते से शराब
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अवैध रूप से शराब तैयार कर नामी कंपनियों के रैपर शीशी पर लगाकर बेचते हैं। पुलिस ने बताया कि शराब की दुकान बंद होने के बाद ये लोग वहीं आसपास झोले में शराब रखकर बेचते थे। इसके साथ ही बिहार में शराब की आपूर्ति की जाती थी।
कच्ची शराब बनाने जाने के लिए जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र का रेमा गांव काफी प्रसिद्ध था। यहां महुआ से कच्ची शराब बनाई जाती थी। वर्ष 2016-2017 में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अमित वर्मा और आबकारी निरीक्षक विजय प्रताप यादव ने ताबड़तोड़ कार्रवाई कर भट्टियों को बंद करा दिया था। वहां कच्ची शराब बनाए जाने का कारोबार पूरी तरह से बंद हो चुका था। बीतते वक्त के साथ पुलिस और आबकारी विभाग सुस्ती से रेमा में अवैध शराब बनाने का खेल एक बार फिर से पनपने लगा है। गुरुवार को पुलिस और आबकारी की टीम ने अवैध शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर भले साख बचाने की कोशिश की हो लेकिन एक आशंका फिर से प्रबल हो गई है कि कहीं रेमा गांव में फिर से भट्टी सुलगने न लगे।