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Chandauli News: अभिमानी नहीं स्वाभिमानी बनें क्षत्रिय समाज के लोग
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कंदवा। क्षेत्र के कम्हरिया गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय में रविवार की दोपहर अंतरराष्ट्रीय क्षत्रिय राजपूत संघ की गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें युवाओं की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया और समाज के युवाओं को सामाजिक बुराइयों को त्यागकर समाज की भलाई में तत्पर रहने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि क्षत्रिय समाज के लोग अभिमान को त्यागकर स्वाभिमानी बनें।
कार्यक्रम के पूर्व अतिथियों ने महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर जिला प्रचारक गोपाल सिंह ने कहा कि क्षत्रिय अपने आपको सेवक के रूप में समझें। तभी हमारा संगठन समाज के लोगों की भलाई के कार्य कर सकेगा। युवाओं के बगैर कोई भी संगठन नहीं चल सकता। विजय शंकर सिंह मुन्ना ने कहा जब हम निष्काम कर्म करेंगे तो ही कोई संगठन आगे बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि क्षत्रिय समाज के लोग अपने बच्चों को संपत्ति के साथ संस्कार दें। अगर संस्कार नहीं रहेगा तो संपत्ति के साथ साथ समाज भी बिखर जाएगा। साहिल सिंह चंदेल ने कहा कि संसार का मार्ग दर्शन करने वाला क्षत्रिय समाज अपने पथ से भटक गया है। राजनीति में क्षत्रियों की घटती संख्या चिंता का विषय है। हमें अपने आपसी द्वेष मिटाते हुए समाज के लोगों की तरक्की के कार्य में लगने की जरूरत है। गोष्ठी में अरविंद सिंह, प्रभाष सिंह, सतेंद्र सिंह, राजेश सिंह आदि ने भी विचार रखे। इस दौरान अंजनी सिंह, डॉ. संजय सिंह, डॉ. मनोज सिंह, नरेंद्र सिंह, पंकज सिंह, पप्पू सिंह, मंगल सिंह, अशोक सिंह, त्रिलोकी सिंह आदि रहे। अध्यक्षता उदय प्रताप सिंह ने और संचालन विनोद सिंह ने किया।
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कार्यक्रम के पूर्व अतिथियों ने महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर जिला प्रचारक गोपाल सिंह ने कहा कि क्षत्रिय अपने आपको सेवक के रूप में समझें। तभी हमारा संगठन समाज के लोगों की भलाई के कार्य कर सकेगा। युवाओं के बगैर कोई भी संगठन नहीं चल सकता। विजय शंकर सिंह मुन्ना ने कहा जब हम निष्काम कर्म करेंगे तो ही कोई संगठन आगे बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि क्षत्रिय समाज के लोग अपने बच्चों को संपत्ति के साथ संस्कार दें। अगर संस्कार नहीं रहेगा तो संपत्ति के साथ साथ समाज भी बिखर जाएगा। साहिल सिंह चंदेल ने कहा कि संसार का मार्ग दर्शन करने वाला क्षत्रिय समाज अपने पथ से भटक गया है। राजनीति में क्षत्रियों की घटती संख्या चिंता का विषय है। हमें अपने आपसी द्वेष मिटाते हुए समाज के लोगों की तरक्की के कार्य में लगने की जरूरत है। गोष्ठी में अरविंद सिंह, प्रभाष सिंह, सतेंद्र सिंह, राजेश सिंह आदि ने भी विचार रखे। इस दौरान अंजनी सिंह, डॉ. संजय सिंह, डॉ. मनोज सिंह, नरेंद्र सिंह, पंकज सिंह, पप्पू सिंह, मंगल सिंह, अशोक सिंह, त्रिलोकी सिंह आदि रहे। अध्यक्षता उदय प्रताप सिंह ने और संचालन विनोद सिंह ने किया।
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