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दवा के लिए भटके मरीज
चंदौली ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Wed, 21 Sep 2016 01:26 AM IST
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नारेबाजी करते जनपद के फार्मासिस्ट ।
डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन जिला इकाई की ओर से मंगलवार को कमलबंद हड़ताल की शुरुआत की गई। जिले के फार्मासिस्टों ने सीएमओ कार्यालय पहुंचकर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मांगों के समर्थन में एकजुट होकर संघर्ष को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। दूसरी तरफ हड़ताल के चलते मरीजों को दवा के लिए भटकना पड़ा।
इस दौरान जिलाध्यक्ष डा. आरबी यादव ने कहा कि फार्मासिस्ट अब अपने अधिकार के लिए पीछे नहीं रहेंगे। प्रदेश सरकार को हमने धरना-प्रदर्शन सहित वार्ता के माध्यम से अपनी मांगों से अवगत कराया गया, लेकिन आज तक सरकार ने हमारी मांगों पर विचार नहीं किया। नौ सितंबर से ही फार्मासिस्टों ने आंदोलनों के माध्यम से अपनी मांगें रखी, लेकिन सरकार जब हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दी तो आज हम सभी को विवश होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए बाध्य होना पड़ा।
वेतन विसंगति, पदोन्नति मानक निर्धारण, उच्च पदों का सृजन, पुरानी पेंशन बहाली, पदों के पुनरीक्षण के साथ दस वर्षों की सेवा के उपरांत राजपत्रित अधिकारी का दर्जा, ट्रामा सेंटरों में पद सृजन, नवनियुक्त फार्मासिस्टों के नाम वरिष्ठता सूची में शामिल किए जाने की मांग पर सरकार तत्काल विचार करे, जब तक हमारी मांगों पर विचार नहीं होता हम सभी आंदोलन को जारी रखेंगे। दवा न मिलने के कारण मरीज पूरी तरह से परेशान दिखे।
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इस अवसर पर जेएन राय, योगेन्द्र पाल, दुर्गेश कुमार, संतोष सिंह, परवेज अहमद, मोहम्मद शाहिद, त्रिभुवन राम, अशोक यादव आदि उपस्थित थे।
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इस दौरान जिलाध्यक्ष डा. आरबी यादव ने कहा कि फार्मासिस्ट अब अपने अधिकार के लिए पीछे नहीं रहेंगे। प्रदेश सरकार को हमने धरना-प्रदर्शन सहित वार्ता के माध्यम से अपनी मांगों से अवगत कराया गया, लेकिन आज तक सरकार ने हमारी मांगों पर विचार नहीं किया। नौ सितंबर से ही फार्मासिस्टों ने आंदोलनों के माध्यम से अपनी मांगें रखी, लेकिन सरकार जब हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दी तो आज हम सभी को विवश होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए बाध्य होना पड़ा।
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वेतन विसंगति, पदोन्नति मानक निर्धारण, उच्च पदों का सृजन, पुरानी पेंशन बहाली, पदों के पुनरीक्षण के साथ दस वर्षों की सेवा के उपरांत राजपत्रित अधिकारी का दर्जा, ट्रामा सेंटरों में पद सृजन, नवनियुक्त फार्मासिस्टों के नाम वरिष्ठता सूची में शामिल किए जाने की मांग पर सरकार तत्काल विचार करे, जब तक हमारी मांगों पर विचार नहीं होता हम सभी आंदोलन को जारी रखेंगे। दवा न मिलने के कारण मरीज पूरी तरह से परेशान दिखे।
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इस अवसर पर जेएन राय, योगेन्द्र पाल, दुर्गेश कुमार, संतोष सिंह, परवेज अहमद, मोहम्मद शाहिद, त्रिभुवन राम, अशोक यादव आदि उपस्थित थे।