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डायरिया का प्रकोप
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Mon, 31 Aug 2015 02:08 AM IST
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नगर के वार्ड संख्या एक नई बस्ती की दलित बस्ती में डायरिया फैल गया है।
यहां के 24 बच्चे इसकी चपेट में आ चुके हैं। बीमार बच्चों का इलाज विभिन्न निजी अस्पतालों में हो रहा है। दूसरी तरफ मुहल्ले के लोगों ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी, लेकिन डाक्टरों की टीम वहां नहीं पहुंची। मुहल्ले के लोगों का कहना है कि गंदगी की वजह से डायरिया फैला हुआ है।
साफ सफाई के लिए नगर पालिका प्रशासन से कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
शनिवार को ही यहां के बच्चों को उल्टी-दस्त शुरू हो गई। देखते ही देखते बीमारों की संख्या लगातार बढ़ती गई। रविवार को भी बच्चों के बीमार पड़ने का सिलसिला जारी रहा।
अब तक बस्ती के चौबीस बच्चे बीमार हो चुके हैैं। बस्ती के बबलू (12), गुडिया (5), केसारी लाल(4), घेंघी कुमारी (4), दासी (2), भागीरथी(7), निशा (3) , राजकुमार (दो वर्ष) , सोनी (10), बबलू (2), खलासी (4), अतवारी(61), शीला(14), अजय, शशिकला, बाबू, खुशी, छक्कू, मुराहू, सुनीता, श्यामदेई, आनंद (14) आदि को नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
क्षेत्रीय सभासद के प्रतिनिधि संतोष कुमार ने बताया कि दलित बस्ती में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। वार्ड में बिना टेंडर के ही जल निगम की पाइप लाइन बिछायी जा रही है, लेकिन दलित बस्ती और चौहान बस्ती तक पाइप नहीं पहुंची है। वार्ड में अब तक मिनी ट्यूबवेल चालू नहीं किया गया।
इससे लोग कुएं का पानी पीने को मजबूर हैं। इलाके में कीटनाशकों का भी छिड़काव नहीं हुआ है। क्लोरीन की गोलियां भी वितरित नहीं हुई हैं और न ही ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जा रहा है। लोग अशुद्ध जल पी रहे हैं। इसी वजह से डायरिया का प्रकोप फैला है।
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यहां के 24 बच्चे इसकी चपेट में आ चुके हैं। बीमार बच्चों का इलाज विभिन्न निजी अस्पतालों में हो रहा है। दूसरी तरफ मुहल्ले के लोगों ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी, लेकिन डाक्टरों की टीम वहां नहीं पहुंची। मुहल्ले के लोगों का कहना है कि गंदगी की वजह से डायरिया फैला हुआ है।
साफ सफाई के लिए नगर पालिका प्रशासन से कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
शनिवार को ही यहां के बच्चों को उल्टी-दस्त शुरू हो गई। देखते ही देखते बीमारों की संख्या लगातार बढ़ती गई। रविवार को भी बच्चों के बीमार पड़ने का सिलसिला जारी रहा।
अब तक बस्ती के चौबीस बच्चे बीमार हो चुके हैैं। बस्ती के बबलू (12), गुडिया (5), केसारी लाल(4), घेंघी कुमारी (4), दासी (2), भागीरथी(7), निशा (3) , राजकुमार (दो वर्ष) , सोनी (10), बबलू (2), खलासी (4), अतवारी(61), शीला(14), अजय, शशिकला, बाबू, खुशी, छक्कू, मुराहू, सुनीता, श्यामदेई, आनंद (14) आदि को नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
क्षेत्रीय सभासद के प्रतिनिधि संतोष कुमार ने बताया कि दलित बस्ती में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। वार्ड में बिना टेंडर के ही जल निगम की पाइप लाइन बिछायी जा रही है, लेकिन दलित बस्ती और चौहान बस्ती तक पाइप नहीं पहुंची है। वार्ड में अब तक मिनी ट्यूबवेल चालू नहीं किया गया।
इससे लोग कुएं का पानी पीने को मजबूर हैं। इलाके में कीटनाशकों का भी छिड़काव नहीं हुआ है। क्लोरीन की गोलियां भी वितरित नहीं हुई हैं और न ही ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जा रहा है। लोग अशुद्ध जल पी रहे हैं। इसी वजह से डायरिया का प्रकोप फैला है।