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दो माह में मात्र 11 फीसद हुई गेहूं की खरीद, अंतिम तिथि भी नजदीक
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पीडीडीयू नगर/चंदौली। जिले में गेहूं खरीद की स्थिति काफी दयनीय है। आलम यह है कि दो माह में लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 11 फीसद ही गेहूं की खरीद हो सकी है। खरीद की आखिरी तिथि 15 जून में भी मात्र एक सप्ताह शेष बचे हैं। ऐसे में लक्ष्य तक पहुंच पाना तो दूर 15 फीसद खरीद का आंकड़ा भी पार करना मुश्किल है। बिचौलियों ने किसानों को खेत में ही गेहूं की ज्यादा कीमत दे दी। जिससे किसान खरीद केंद्र तक नहीं पहुंच सके।
चंदौली में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हुई। शासन की ओर से 15 जून तक कुल 83 हजार मिट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा गया था, जिसके सापेक्ष अब तक मात्र 8936 मेट्रिक टन ही गेहूं की खरीदारी हुई है। जो 11 फीसद से भी कम है। गेहूं खरीद के लिए सरकार की ओर से जनपद में 57 क्रय केंद्र खोले गए हैं जिनपर 15 जून तक खरीदारी की जानी है लेकिन क्रय केंद्रों पर किसानों के न पहुंचने से अधिकांश क्रय केंद्र बंद हैं। किसान क्रय केंद्रों का रुख इसलिए नहीं कर रहे हैं क्योंकि बाजार में उन्हें केंद्रों पर मिलने वाले रेट से अधिक रेट मिल जा रहा है। अब तक क्रय केंद्रों पर जनपद के 2002 किसानों से 8936 मिट्रिक टन गेहूं की खरीदारी की गई है। इनमें 1811 किसानों का 1634 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया है।
नियामताबाद। विकासखंड क्षेत्र में दो सरकारी गेहूं खरीद केंद्र बनाए गए हैं। इनमें दोनों ही मार्केटिंग के केंद्र हैं। एक केंद्र पड़ाव क्षेत्र के सेमरा में व दूसरा केंद्र गोधना के नाम से नियामताबाद में खोला जाना था। विडंबना यह है कि अभी तक ये केंद्र खुले ही नहीं हैं। गोधना केंद्र के प्रभारी एमओ ज्ञान प्रकाश ने बताया कि उनका एक्सीडेंट होने के बाद केंद्र खुला ही नहीं है। वहीं गेहूं का मूल्य सरकार द्वारा निर्धारित दर से अधिक खुले बाजार में मिल जाने के कारण किसान केंद्र पर पहुंच ही नहीं रहे हैं। ऐसे में केंद्र खोलने का कोई औचित्य ही नहीं है। संवाद
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पड़ाव। क्षेत्र के सेमरा स्थित क्रय केंद्र पर बृहस्पतिवार को ताला लगा मिला। क्रय केंद्र प्रभारी और सहायक को फोन करने पर उनका मोबाइल स्वीच ऑफ बता रहा था। स्थानीय लोगों ने बताया कि रोज की यही हालत है। इनकी लापरवाही की वजह से किसान भी क्रय केंद्र नहीं आते। संवाद
धीना। क्षेत्र में गेहूं क्रय केंद्र खोले जाने की जानकारी किसानों को नहीं है क्योंकि अधिकांश किसान क्रय केंद्रों की अपेक्षा फुटकर व्यापारी से ही अधिक कीमत मिलने पर अपना गेहूं बेच दे रहे हैं। बिचौलिए खलिहान से ही किसानों का गेहूं खरीद ले रहे हैं। क्षेत्र के किसान केशव राय, सतीश राय, दरोगा राय, बलवंत सिंह, जितेन सिंह, बहादुर सिंह, आनंद राय, महेंद्र राय, अरविंद राय, बब्बू राय, छोटे सिंह, महीप गौड़, प्रमोद दुबे आदि ने बताया कि क्रय केंद्र खोले जाने की जानकारी रखने की नौबत ही नहीं आई है। क्रय केंद्रों पर ढ़ुआई, पल्लेदारी, गेहूं में कटौती आदि से परेशान किसान फुटकर व्यापारियों को अच्छे रेट में गेहूं बेचकर नगद पैसा भी पा जा रहे हैं। संवाद
कंदवा। क्षेत्र के चिरईगांव में खुले मार्केटिंग के क्रय केंद्र पर आज तक मात्र साढ़े सात सौ कुंतल गेहूं की खरीद हुई है,वहीं अरंगी में खुले पीसीयू के क्रय केंद्र पर अब तक करीब ढाई हजार कुंतल गेहूं की खरीद की गई है। खलिहान में ही ज्यादा मूल्य मिलने के चलते चिरईगांव में किसानों ने क्रय केंद्र पर गेहूं बेंचना मुनासिब नहीं समझा। क्रय केंद्र प्रभारी वंदना सिंह ने बताया कि क्रय केंद्र खुलते समय ही तीन हजार बोरियां आई थीं। वो भी नहीं भर सकीं। संवाद
गेहूं की खरीद 15 जून तक की जाएगी। जनपद के 2002 किसानों से 8936 मेट्रिक टन गेहूं की खरीदारी हुई है। इसमें 1811 किसानों का भुगतान भी कर दिया गया है। क्रय केंद्रों पर खरीदारी की जा रही है। अनूप कुमार श्रीवास्तव, जिला विपणन अधिकारी।
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चंदौली में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हुई। शासन की ओर से 15 जून तक कुल 83 हजार मिट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा गया था, जिसके सापेक्ष अब तक मात्र 8936 मेट्रिक टन ही गेहूं की खरीदारी हुई है। जो 11 फीसद से भी कम है। गेहूं खरीद के लिए सरकार की ओर से जनपद में 57 क्रय केंद्र खोले गए हैं जिनपर 15 जून तक खरीदारी की जानी है लेकिन क्रय केंद्रों पर किसानों के न पहुंचने से अधिकांश क्रय केंद्र बंद हैं। किसान क्रय केंद्रों का रुख इसलिए नहीं कर रहे हैं क्योंकि बाजार में उन्हें केंद्रों पर मिलने वाले रेट से अधिक रेट मिल जा रहा है। अब तक क्रय केंद्रों पर जनपद के 2002 किसानों से 8936 मिट्रिक टन गेहूं की खरीदारी की गई है। इनमें 1811 किसानों का 1634 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया है।
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नियामताबाद। विकासखंड क्षेत्र में दो सरकारी गेहूं खरीद केंद्र बनाए गए हैं। इनमें दोनों ही मार्केटिंग के केंद्र हैं। एक केंद्र पड़ाव क्षेत्र के सेमरा में व दूसरा केंद्र गोधना के नाम से नियामताबाद में खोला जाना था। विडंबना यह है कि अभी तक ये केंद्र खुले ही नहीं हैं। गोधना केंद्र के प्रभारी एमओ ज्ञान प्रकाश ने बताया कि उनका एक्सीडेंट होने के बाद केंद्र खुला ही नहीं है। वहीं गेहूं का मूल्य सरकार द्वारा निर्धारित दर से अधिक खुले बाजार में मिल जाने के कारण किसान केंद्र पर पहुंच ही नहीं रहे हैं। ऐसे में केंद्र खोलने का कोई औचित्य ही नहीं है। संवाद
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पड़ाव। क्षेत्र के सेमरा स्थित क्रय केंद्र पर बृहस्पतिवार को ताला लगा मिला। क्रय केंद्र प्रभारी और सहायक को फोन करने पर उनका मोबाइल स्वीच ऑफ बता रहा था। स्थानीय लोगों ने बताया कि रोज की यही हालत है। इनकी लापरवाही की वजह से किसान भी क्रय केंद्र नहीं आते। संवाद
धीना। क्षेत्र में गेहूं क्रय केंद्र खोले जाने की जानकारी किसानों को नहीं है क्योंकि अधिकांश किसान क्रय केंद्रों की अपेक्षा फुटकर व्यापारी से ही अधिक कीमत मिलने पर अपना गेहूं बेच दे रहे हैं। बिचौलिए खलिहान से ही किसानों का गेहूं खरीद ले रहे हैं। क्षेत्र के किसान केशव राय, सतीश राय, दरोगा राय, बलवंत सिंह, जितेन सिंह, बहादुर सिंह, आनंद राय, महेंद्र राय, अरविंद राय, बब्बू राय, छोटे सिंह, महीप गौड़, प्रमोद दुबे आदि ने बताया कि क्रय केंद्र खोले जाने की जानकारी रखने की नौबत ही नहीं आई है। क्रय केंद्रों पर ढ़ुआई, पल्लेदारी, गेहूं में कटौती आदि से परेशान किसान फुटकर व्यापारियों को अच्छे रेट में गेहूं बेचकर नगद पैसा भी पा जा रहे हैं। संवाद
कंदवा। क्षेत्र के चिरईगांव में खुले मार्केटिंग के क्रय केंद्र पर आज तक मात्र साढ़े सात सौ कुंतल गेहूं की खरीद हुई है,वहीं अरंगी में खुले पीसीयू के क्रय केंद्र पर अब तक करीब ढाई हजार कुंतल गेहूं की खरीद की गई है। खलिहान में ही ज्यादा मूल्य मिलने के चलते चिरईगांव में किसानों ने क्रय केंद्र पर गेहूं बेंचना मुनासिब नहीं समझा। क्रय केंद्र प्रभारी वंदना सिंह ने बताया कि क्रय केंद्र खुलते समय ही तीन हजार बोरियां आई थीं। वो भी नहीं भर सकीं। संवाद
गेहूं की खरीद 15 जून तक की जाएगी। जनपद के 2002 किसानों से 8936 मेट्रिक टन गेहूं की खरीदारी हुई है। इसमें 1811 किसानों का भुगतान भी कर दिया गया है। क्रय केंद्रों पर खरीदारी की जा रही है। अनूप कुमार श्रीवास्तव, जिला विपणन अधिकारी।