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Chandauli News: अब ड्रोन से करेंगे फसलों पालन-पोषण
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चंदौली। फसलों के पोषण और हिफाजत का काम अब ड्रोन के जरिए की जाएगी। ड्रोण से फसलों में छिड़काव का प्रदर्शन होता रहा है लेकिन पहली बार हलुआ गांव के किसान संगठन (एफसीओ) ने दस लाख रुपये ड्रोन खरीदकर उसका इस्तेमाल खेती के लिए करने का फैसला लिया है। इसके लिए कृषि विभाग के पोर्टल पर आवेदन किया गया है। दो सप्ताह में इसका प्रयोग शुरू होने की उम्मीद है।
आर्गेनिक फार्मिंग एंड फार्म मशीनरी किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के निदेशक देवेद्र प्रताप सिंह ने बताया कि किसान पोर्टल पर ड्रोन के लिए आवेदन किया है। कंपनी 25 सितंबर तक ड्रोन उपलब्ध करा देगी। उसकी मदद से एफपीओ से जुडे 425 किसानों के खेतों में उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव किया जाएगा। ड्रोन की कीमत दस लाख रुपये है। जल्द ही कंपनी एक प्रशिक्षक के साथ ड्रोन भेजेगी। लाइसेंस भी जारी हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि केवीके परिसर में प्रदर्शन के तौर पर ड्रोन के प्रयोग को देखा था। इसके लिए 40 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। वाराणसी के कृषि विज्ञान केंद्र कल्लीपुर, बीएचयू, अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान केंद्र चांदपुर, भारती सब्जी अनुसंधान संस्थान शाहशंपुर में ड्रोन से उर्वरक और कीटनाशकों के छिड़काव होता है। वहां के यह केवल प्रदर्शन तक ही सीमित था। पहली बार किसान इसका उपयोग कर सकेंगे।
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इनसेट--
जिले के लिए एक ड्रोन के आवंटन का लक्ष्य है। इसके लिए एक किसान संगठन ने आवेदन किया है। सत्यापन के एफपीओ को चार लाख रुपये का अनुदान मिलेगा। जिले में 21 एफपीओ सक्रिय हैं। ड्रोन की मदद से खेती करने वाला यह पूर्वांचल का पहला संगठन होगा।-जनार्दन, उप कृषि निदेशक
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आर्गेनिक फार्मिंग एंड फार्म मशीनरी किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के निदेशक देवेद्र प्रताप सिंह ने बताया कि किसान पोर्टल पर ड्रोन के लिए आवेदन किया है। कंपनी 25 सितंबर तक ड्रोन उपलब्ध करा देगी। उसकी मदद से एफपीओ से जुडे 425 किसानों के खेतों में उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव किया जाएगा। ड्रोन की कीमत दस लाख रुपये है। जल्द ही कंपनी एक प्रशिक्षक के साथ ड्रोन भेजेगी। लाइसेंस भी जारी हो जाएगा।
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उन्होंने बताया कि केवीके परिसर में प्रदर्शन के तौर पर ड्रोन के प्रयोग को देखा था। इसके लिए 40 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। वाराणसी के कृषि विज्ञान केंद्र कल्लीपुर, बीएचयू, अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान केंद्र चांदपुर, भारती सब्जी अनुसंधान संस्थान शाहशंपुर में ड्रोन से उर्वरक और कीटनाशकों के छिड़काव होता है। वहां के यह केवल प्रदर्शन तक ही सीमित था। पहली बार किसान इसका उपयोग कर सकेंगे।
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जिले के लिए एक ड्रोन के आवंटन का लक्ष्य है। इसके लिए एक किसान संगठन ने आवेदन किया है। सत्यापन के एफपीओ को चार लाख रुपये का अनुदान मिलेगा। जिले में 21 एफपीओ सक्रिय हैं। ड्रोन की मदद से खेती करने वाला यह पूर्वांचल का पहला संगठन होगा।-जनार्दन, उप कृषि निदेशक