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अब आंगनबाड़ी केंद्रों से बच्चों-महिलाओं को मिलेगा सूखा राशन
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पीडीडीयू नगर। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और किशोरियों को दिया जाना वाला पुष्टाहार दलिया और पंजीरी नहीं मिलेगी। इसकी जगह अब उन्हें सूखे राशन का वितरण किया जाएगा। इसका वितरण राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत समूह की महिलाओं की ओर से किया जाएगा। इसके लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को 4800 से छह हजार रुपये तक मानदेय दिया जाएगा।
दरअसल महिलाओं को रोजगार से जोड़ने और केंद्रों पर दलिया और पंजीरी वितरण में गड़बड़ी रोकने के लिए किया जा रहा है। समूह की महिलाएं टेक होम राशन (टीएचआर) के तहत बच्चों, किशोरियों और गर्भवती महिलाओं का सूखा राशन के तहत चावल, दाल और गेहूं का वितरण करेंगी। इससे पात्रों को समय से और सही मात्रा में जहां राशन मिलेगा वहीं समूह की महिलाओं को रोजगार भी मुहैया होगा। वितरण करने वाली महिलाओं का भी चयन कर लिया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी नीलम मेहता ने बताया कि इसकी शुरूआत 25 नवंबर से होगी। इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है। समूह की महिलाएं अलग-अलग प्लास्टिक के कंटेनर में सूखा राशन चावल दाल और गेहूं को पैक कर मुहैया कराएंगी।
1823 आंगनबाड़ी केंद्रों पर होगा वितरण
पीडीडीयू नगर। जिले में 1823 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इसके अलावा 50 नए केंद्र बनाए जा रहे हैँ। इन केंद्रों पर करीब 1.92 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। छह माह से तीन साल के बच्चों को हल्का नीले कंटेनर, तीन साल से छह वर्ष के बच्चों को हरे कंटेनर, गंभीर कुपोषित बच्चों को लाल कंटेनर, गर्भवती महिलाओं को पीले कंटेनर और 11-14 साल की किशोरियों को गुलाबी प्लास्टिक के कंटेनर में एक से डेढ़ किलो चावल, डेढ़ से ढाई किलो गेहूं और दाल सूखा राशन वितरित किया जाएगा। इसकी पैकेजिंग केंद्रों पर होगी। साथ ही दूध और घी भी दिया जाएगा। प्रत्येक तीन माह पर 450 से 900 ग्राम तक देशी घी और 400 ग्राम से 750 ग्राम तक स्किम्ड दूध का वितरण किया जाएगा।
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समूह की 180 महिलाओं का हुआ चयन
पीडीडीयू नगर। केंद्रों पर सूखा राशन वितरण के लिए जिले के सभी ब्लाकों से 180 समूह की महिलाओं का चयन किया गया गया है। इन महिलाओं को 4800 से छह हजार रुपये तक का मानदेय भी दिया जाएगा। इससे न सिर्फ जरूरतमंदों को समय से और सही मात्रा में राशन मिलेगा बल्कि इन महिलाओं को रोजगार से भी जोड़ा जा सकेगा।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर सूखा राशन वितरण के लिए प्रत्येक ब्लाक से 20-20 महिलाओं का चयन किया गया है। इसके लिए कुल 180 महिलाएं लगाई जाएंगी। साथ ही इस कार्य के लिए उन्हें 4800 से छह हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय भी मुहैया कराया जाएगा। एमपी चौबे, उपायुक्त रोजगार।
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दरअसल महिलाओं को रोजगार से जोड़ने और केंद्रों पर दलिया और पंजीरी वितरण में गड़बड़ी रोकने के लिए किया जा रहा है। समूह की महिलाएं टेक होम राशन (टीएचआर) के तहत बच्चों, किशोरियों और गर्भवती महिलाओं का सूखा राशन के तहत चावल, दाल और गेहूं का वितरण करेंगी। इससे पात्रों को समय से और सही मात्रा में जहां राशन मिलेगा वहीं समूह की महिलाओं को रोजगार भी मुहैया होगा। वितरण करने वाली महिलाओं का भी चयन कर लिया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी नीलम मेहता ने बताया कि इसकी शुरूआत 25 नवंबर से होगी। इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है। समूह की महिलाएं अलग-अलग प्लास्टिक के कंटेनर में सूखा राशन चावल दाल और गेहूं को पैक कर मुहैया कराएंगी।
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1823 आंगनबाड़ी केंद्रों पर होगा वितरण
पीडीडीयू नगर। जिले में 1823 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इसके अलावा 50 नए केंद्र बनाए जा रहे हैँ। इन केंद्रों पर करीब 1.92 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। छह माह से तीन साल के बच्चों को हल्का नीले कंटेनर, तीन साल से छह वर्ष के बच्चों को हरे कंटेनर, गंभीर कुपोषित बच्चों को लाल कंटेनर, गर्भवती महिलाओं को पीले कंटेनर और 11-14 साल की किशोरियों को गुलाबी प्लास्टिक के कंटेनर में एक से डेढ़ किलो चावल, डेढ़ से ढाई किलो गेहूं और दाल सूखा राशन वितरित किया जाएगा। इसकी पैकेजिंग केंद्रों पर होगी। साथ ही दूध और घी भी दिया जाएगा। प्रत्येक तीन माह पर 450 से 900 ग्राम तक देशी घी और 400 ग्राम से 750 ग्राम तक स्किम्ड दूध का वितरण किया जाएगा।
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समूह की 180 महिलाओं का हुआ चयन
पीडीडीयू नगर। केंद्रों पर सूखा राशन वितरण के लिए जिले के सभी ब्लाकों से 180 समूह की महिलाओं का चयन किया गया गया है। इन महिलाओं को 4800 से छह हजार रुपये तक का मानदेय भी दिया जाएगा। इससे न सिर्फ जरूरतमंदों को समय से और सही मात्रा में राशन मिलेगा बल्कि इन महिलाओं को रोजगार से भी जोड़ा जा सकेगा।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर सूखा राशन वितरण के लिए प्रत्येक ब्लाक से 20-20 महिलाओं का चयन किया गया है। इसके लिए कुल 180 महिलाएं लगाई जाएंगी। साथ ही इस कार्य के लिए उन्हें 4800 से छह हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय भी मुहैया कराया जाएगा। एमपी चौबे, उपायुक्त रोजगार।