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रैथा गांव में आठ करोड़ की लागत से बन रहा नया फायर स्टेशन
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पीडीडीयू नगर। सकलडीहा विकासखंड के रैथा गांव में आठ करोड़ 70 लाख 65 हजार रुपये की लागत से नया फायर स्टेशन बनाया जा रहा है। वर्ष 2020 से चल रहे निर्माण कार्य में प्रशासनिक भवन लगभग पूरा बन चुका है जबकि आवास और चहारदीवारी बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है। कोरोना संक्रमण के कारण वर्ष 2022 मार्च तक पूरा कर लिए जाने वाले कार्य की अवधि बढ़ गई है। फायर विभाग का दावा है कि आगामी छह माह तक सभी निर्माण पूरे कर लिए जाएंगे। इसके निर्माण के बाद सकलडीहा विकासखंड में अगलगी की घटनाओं पर काबू पाने में काफी सहूलियत होने लगेगी।
जिले में अगलगी की घटनाओं पर तत्काल काबू पाने के लिए सीमित संख्या में संसाधन होने से कठिनाई का सामना करना पड़ा है। विशेषकर ग्रामीण इलाकों में गेहूं की फसल तैयार होने के बाद हाईटेंशन तारों में शार्ट सर्किट व अन्य कारणों से आग लग जाती है। आग लगने की इन घटनाओं में किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है। मुआवजा मिलने की प्रक्रिया जटिल होने से उन्हें तत्काल सहायता नहीं मिल पाती। ग्रामीण इलाकों में आग लगने के बाद काबू पाए जाने के लिए रैथा गांव में शासन के निर्देश पर नया फायर स्टेशन बनाया जा रहा है। फायर स्टेशन बन जाने के बाद विकासखंड सहित आसपास के सैकड़ों गांवों के लोगों को इसका फायदा मिलने लगेगा।
करीब दो एकड़ जमीन पर बन रहे इस फायर स्टेशन का प्रशासनिक भवन बनकर लगभग तैयार हो गया है। इसके अलावा परिसर में अधिकारियों व कर्मचारियों के रहने के लिए आवास बनाए जा रहे हैं। इन आवासों में एक टाइप थ्री, दो टाइप टू व 16 टाइप वन आवास शामिल हैं। आवासों व चहारदीवारी का निर्माण तेजी से किया जा रहा है।
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नए फायर स्टेशन में एक इंस्पेक्टर, दो दरोगा, दो हवलदार, दो चालक व 16 सिपाहियों की नियुक्ति की जाएगी। इसके अलावा आग पर काबू करने के लिए एक बड़ा पांच हजार लीटर क्षमता का व एक छोटा फायर टेंडर रखा जाएगा।
पीडीडीयू नगर। जिले में पांच फायर स्टेशन प्रस्तावित हैं। इसमें चंदौली, सकलडीहा, चकिया, नौगढ़ और इंडस्ट्रीयल एरिया में फायर स्टेशन की स्थापना होनी है। सकलडीहा के रैथा को छोड़कर अभी तक कहीं काम नहीं शुरू हो सका है। चंदौली के जगदीश सराय सहित नौगढ़, चकिया और इंडस्ट्रीयल एरिया में जमीन चिह्नित हो चुकी है। फायर स्टेशन की सबसे ज्यादा जरूरत रामनगर इंडस्ट्रीयल एरिया में हैं, जहां सैकड़ों फैक्ट्री हैं। यदि इन जगहों पर भी फायर स्टेशन की स्थापना हो जाती तो न सिर्फ संसाधन बढ़ जाते बल्कि फायर फाइटर और अधिकारियों की संख्या बढ़ जाती। सीमित क्षेत्रों की जिम्मेदारी होने की वजह से अग्नि स्थल तक जल्दी वाहन पहुंचते और आग पर काबू पाया जा सकता था। संवाद
रैथा गांव में नये फायर स्टेशन का निर्माण तेजी से चल रहा है। इसके बन जाने से सकलडीहा विकासखंड व आसपास के गांवों में आग लगने की घटनाओं पर काबू करने में आसानी होगी। अभी आग लगने की स्थिति में मुगलसराय या चंदौली से दमकल भेजा जाता है जिसके पहुंचने में काफी समय लग जाता है। सुभाष सिंह, चीफ फायर ऑफिसर, चंदौली।
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जिले में अगलगी की घटनाओं पर तत्काल काबू पाने के लिए सीमित संख्या में संसाधन होने से कठिनाई का सामना करना पड़ा है। विशेषकर ग्रामीण इलाकों में गेहूं की फसल तैयार होने के बाद हाईटेंशन तारों में शार्ट सर्किट व अन्य कारणों से आग लग जाती है। आग लगने की इन घटनाओं में किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है। मुआवजा मिलने की प्रक्रिया जटिल होने से उन्हें तत्काल सहायता नहीं मिल पाती। ग्रामीण इलाकों में आग लगने के बाद काबू पाए जाने के लिए रैथा गांव में शासन के निर्देश पर नया फायर स्टेशन बनाया जा रहा है। फायर स्टेशन बन जाने के बाद विकासखंड सहित आसपास के सैकड़ों गांवों के लोगों को इसका फायदा मिलने लगेगा।
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करीब दो एकड़ जमीन पर बन रहे इस फायर स्टेशन का प्रशासनिक भवन बनकर लगभग तैयार हो गया है। इसके अलावा परिसर में अधिकारियों व कर्मचारियों के रहने के लिए आवास बनाए जा रहे हैं। इन आवासों में एक टाइप थ्री, दो टाइप टू व 16 टाइप वन आवास शामिल हैं। आवासों व चहारदीवारी का निर्माण तेजी से किया जा रहा है।
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नए फायर स्टेशन में एक इंस्पेक्टर, दो दरोगा, दो हवलदार, दो चालक व 16 सिपाहियों की नियुक्ति की जाएगी। इसके अलावा आग पर काबू करने के लिए एक बड़ा पांच हजार लीटर क्षमता का व एक छोटा फायर टेंडर रखा जाएगा।
पीडीडीयू नगर। जिले में पांच फायर स्टेशन प्रस्तावित हैं। इसमें चंदौली, सकलडीहा, चकिया, नौगढ़ और इंडस्ट्रीयल एरिया में फायर स्टेशन की स्थापना होनी है। सकलडीहा के रैथा को छोड़कर अभी तक कहीं काम नहीं शुरू हो सका है। चंदौली के जगदीश सराय सहित नौगढ़, चकिया और इंडस्ट्रीयल एरिया में जमीन चिह्नित हो चुकी है। फायर स्टेशन की सबसे ज्यादा जरूरत रामनगर इंडस्ट्रीयल एरिया में हैं, जहां सैकड़ों फैक्ट्री हैं। यदि इन जगहों पर भी फायर स्टेशन की स्थापना हो जाती तो न सिर्फ संसाधन बढ़ जाते बल्कि फायर फाइटर और अधिकारियों की संख्या बढ़ जाती। सीमित क्षेत्रों की जिम्मेदारी होने की वजह से अग्नि स्थल तक जल्दी वाहन पहुंचते और आग पर काबू पाया जा सकता था। संवाद
रैथा गांव में नये फायर स्टेशन का निर्माण तेजी से चल रहा है। इसके बन जाने से सकलडीहा विकासखंड व आसपास के गांवों में आग लगने की घटनाओं पर काबू करने में आसानी होगी। अभी आग लगने की स्थिति में मुगलसराय या चंदौली से दमकल भेजा जाता है जिसके पहुंचने में काफी समय लग जाता है। सुभाष सिंह, चीफ फायर ऑफिसर, चंदौली।