कोरोना से लापरवाही लोगों पर पड़ सकती है भारी

Varanasi Bureauवाराणसी ब्यूरो Updated Sat, 31 Oct 2020 12:09 AM IST
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पीडीडीयू नगर में बिना मास्क के बाजार करने निकले लोग।
पीडीडीयू नगर में बिना मास्क के बाजार करने निकले लोग। - फोटो : CHANDAULI

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पीडीडीयू नगर। कोरोना का पहला पीक बीत रहा है। चिकित्सकों के अनुसार इसके दूसरे चरण का पीक भी आ सकता है। यानी कोरोना अभी और खतरनाक तरीके से वापस आएगा। बावजूद इसके त्योहारों पर लोग बिना मास्क के घूमते नजर आ रहे हैं। मास्क के प्रति लापरवाही इस समय घातक साबित हो सकती है। ठंड शुरू होने के कारण स्माग छाने लगा है। यह सांस की बीमारी बढ़ाने वाला साबित होता है। स्माग के चलते होने वाली सांस की बीमारी और कोरोना दोनों मिलकर घातक साबित हो सकते हैं। जबकि स्माग से होने वाली खांसी और श्वास की बीमारी भी कोरोना से मिलती जुलती है।
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जिले में कोरोना के मामले कम हो रहे हैं। पिछले एक पखवाड़े से औसतन दस लोग संक्रमित मिल रहे हैं। यही कारण है कि जिले में एक्टिव मरीजों की संख्या भी 130 से नीचे आ गई है। इसका नतीजा है कि त्योहारी सीजन में लोग कोरोना के प्रति बेफिक्र हो रहे हैं। यही नहीं प्रशासन भी मास्क की चेकिंग और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के प्रति लापरवाह नजर आ रहा है। दस दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संदेश में लोगों को त्योहारी सीजन में और सावधानी बरतने की नसीहत दी थी। इससे कोरोना के खतरे की गंभीरता को समझा जा सकता है। दूसरी तरफ जिले में लोग कोराना के प्रति लोग बेपरवाह नजर आ रहे हैं। बाजार में न तो दो गज की दूरी है और न ही मास्क जरूरी समझ रहे हैं लोग। शुक्रवार को बाजार में चारो तरफ बेफिक्री दिखी। चाहे जीटी रोड स्थित सब्जी मंडी हो अथवा काली मंदिर के समीप अथवा चाय की दुकान। कहीं कोई मास्क लगाए नही दिखा।
ठंड में ताकतवर हो जाते हैं वायरस
पीडीडीयू नगर। कोई भी वैश्विक महामारी दो से तीन चरणों में आती है। देश में कोरोना वैश्विक महामारी का पहला पीक बीत चुका है लेकिन यूरोपीय देशों में दूसरा पीक आने लगा है। यूरोप में संक्रमितों की संख्या बढ़ने लगी है। पूर्व मध्य रेलवे लोको मंडलीय अस्पताल के कोरोना के नोडल अधिकारी डॉ. आरपी सिंह ने कहा कि देश में कोरोना के मामले कम दिख रहे हैं लेकिन इससे बेपरवाह होने की जरूरत नहीं है। ठंड में वायरस ताकतवर हो जाते हैं। कोरोना का असर सीधे श्वास से संबंधित हैं। ऐसे श्वास रोगियों के लिए कोरोना का दूसरा चरण खतरनाक होगा। सर्दी, जुकाम, खासी, कोल्ड डायरिया, बीपी की शिकायत बढ़ जाती है। ऐसे में लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।
जब तक दवाई नही तब तक ढिलाई नहीं
कोरोना से बचना है तो ढिलाई से बचना होगा। डॉ. आरपी सिंह, डॉ. सीएस झा, डॉ. संजय कुमार आर्य का कहना है कि यूरोप हमारे सामने नजीर है। ऐसे में कोरोना से बचाव के लिए सुरक्षात्मक उपाय सबसे बड़ा हथियार है। मास्क पहनने, सोशल डिस्टेसिंग का पालन औछर बार बार बार हाथ साबून से धोने अथवा अल्कोहलयुक्त सैनिटाइजर का उपयोग करना सबसे आवश्यक है। सुरक्षात्मक उपाय तो कम से कम एक वर्ष अपनाने ही होंगे। तभी बीमारियों से बच सकेंगे।
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