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साढ़े तेरह करोड़ रुपये की कर्जदार हुई नगर पालिका

Tue, 19 Jul 2022 12:24 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 19 Jul 2022 12:24 AM IST
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Municipality became indebted to the tune of thirteen and a half crore rupees
पीडीडीयू नगर। नगर पालिका के वर्तमान जनप्रतिनिधि बोर्ड का कार्यकाल कुछ ही माह में समाप्त हो जाएगा। इन सबके बीच आर्थिक तंगी से जूझ रही नगर पालिका पर लगभग 13.5 करोड़ रुपये का कर्ज हो गया है। इसमें कर्मचारियों के वेतन, पीएफ, एनपीएस, टेंडर कराए जाने के लिए अखबारों में प्रकाशित विज्ञापन की राशि, निर्माण कार्यों के भुगतान समेत रिटायर हो चुके कर्मचारियों को मिलने वाली धनराशि शामिल है।
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कोरोना काल के समय से ही शासन की ओर से की जा रही कटौती ने नगर पालिका को कर्जदार बना दिया है। धीरे-धीरे नगर पालिका पर 13 करोड़ 51 लाख 01 हजार 585 रुपये का बकाया हो गया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार पालिका ने अभी नगर पालिका कर्मचारियों की जून माह के वेतन का भुगतान नहीं हो सका है। ऐसे में नगर पालिका जून माह के वेतन के रूप में एक करोड़ 24 लाख रुपये बकाया है। इसके अलावा वर्ष 2022 में 144 कर्मचारियों का फरवरी से जून माह तक पीएफ का 36 लाख 38 हजार 337 रुपये रुपये जमा नहीं किया है। वहीं 60 कर्मचारियों का एनपीएस (नेशनल पेंशन स्कीम) के तहत 18 लाख 76 हजार 693 रुपये की राशि भी जमा नहीं की गई है। वहीं नगर पालिका कार्यालय में सामान्य प्रशासन से संबंधित 28 कर्मचारियों का नौ लाख 44 हजार 755 रुपये व कर विभाग के12 कर्मचारियों का पांच लाख 49 हजार 526 रुपये मई माह 2022 का वेतन भी अभी तक नहीं मिल सका है। वहीं दूसरी तरफ आउसोर्सिंग पर कार्यरत 285 कर्मचारियों के अप्रैल से जून तक के वेतन 72 लाख रुपये का भुगतान भी नहीं हो पाया है। इसके साथ ही आउट सोर्सिंग पर कार्यरत सात कम्प्यूटर आपरेटरों का मार्च से जून माह का वेतन लगभग छह लाख बीस हजार रुपये भी नहीं मिला है। इसके अलावा अब तक सेवानिवृत्त हो चुके 93 कर्मचारियों का पांच करोड़ 38 लाख 72 हजार 274 रुपये बकाया है। इसके साथ टेंडर कराये जाने के लिए अखबारों में प्रकाशित विज्ञापन के लगभग चालीस लाख रुपये का भुगतान भी नहीं हो सका है। वहीं बोर्ड हुए कार्यो की धनराशि लगभग पांच करोड़ रुपये का ठेकेदारों का भुगतान भी नहीं हुए है।
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