कोरोना के कर्मवीरः मां दाई तो बेटा चिकित्सक बन कर रहा है मानव सेवा
कोरोना से लड़ाई में समाज में कर्म योद्धाओं की कई तस्वीरें सामने आ रही है। हर कोई अपने तरीके से इस संक्रमण काल में सेवा करने में जुटा है। इन सबके बीच चंदौली जिले के सकलडीहा कस्बे का एक परिवार ऐसा भी है जहां मां से लेकर बेटा तक मानव सेवा में लगे हुए है।
मां चंदौली स्थित निजी चिकित्सालय में दाई का काम कर वहां मरीजों की सेवा करती है तो चिकित्सक बेटा प्रदेश के बांदा के राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज कोरोना संक्रमितों की सेवा में जुटा है। सकलडीहा कस्बा निवासिनी अनिता देवी (58) के पति मनोज कुमार की मृत्यु लगभग 16 वर्ष पूर्व हो गई थी।
अनिता निजी अस्पताल में बतौर दाई का काम कर अपने दो पुत्रों सूर्य प्रकाश आर्य (28) और चंद्र प्रताप आर्य (26) को बेहतर शिक्षा दी। बच्चों की शिक्षा के लिए अनिता ने खूब मेहनत की। मां की मेहनत को परवान चढ़ाने में बच्चों ने भी खूब लगन से पढ़ाई की और एक अच्छे मुकाम पर पहुंच गए है।
अनिता देवी के चिकित्सक पुत्र चंदप्रताप की प्राथमिक शिक्षा सकलडीहा में हुई। इसके बाद इंटर तक की पढ़ाई वाराणसी में हुई। वर्ष 2019 में मोती लाल नेहरू प्रयागराज से एमबीबीएस की डिग्री हासिल करने के बाद बतौर चिकित्सक राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज बांदा में मानव सेवा में जुटे हुए है।
वहीं सूर्य प्रकाश बैंगलूरू स्थित एक निजी कंपनी में साफ्टवेयर इंजीनियर है। अनिता देवी बताती है कि अस्पताल में लोगों की सेवा करके उन्हें काफी आनंद मिलता है। कहा कि इस नौकरी से आज वे अपने बच्चों को इस मुकाम तक पहुंचा पाने में कामयाब हो पाई है। उन्होंने कहा कि ऐसे संक्रमण काल में चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों की समाज को सख्त जरूरत है इसलिए अब यह कार्य और अधिक महत्वपूर्व हो गया है।