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पंडालों में विराजीं मा
चंदौली ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sat, 08 Oct 2016 01:41 AM IST
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प्रतिमा ले जाते श्रद्धालु।
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आदिशक्ति भगवती की उपासना के के क्रम में नवरात्र के छठे दिन पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमाएं देर शाम तक स्थापित की गईं। इसके साथ ही चार दिवसीय दुर्गा पूजनोत्सव की शुरुआत हो गई। बांस बल्ली, बीट और कपड़े से तैयार पंडाल मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा के साथ मंदिर में परिवर्तित हो गए। पंडालों के आसपास भी विद्युत झालरों से आकर्षक सजावट की गई है। ऐसे में इसकी खूबसूरती देखते ही बन रही है। इसके पूर्व मूर्ति कारखाने से मूर्तियों को पंडालों तक पहुंचाने का सिलसिला दिन भर जारी रहा।
शारदीय नवरात्र में सप्तमी, अष्टमी और नवमी तिथि को मां दुर्गा की प्रतिमा की पूजा अर्चना की जाती है। इस वर्ष दशमी तिथि मंगलवार को होने की वजह से इस दिन भी पंडालों से प्रतिमा नहीं उठायी जाएगी। इस तरह चार दिनों तक मेला लगेगा। करीब एक माह से पूरे जिले में 203 स्थानों पर एक से बढ़कर एक दुर्गा पंडालों का निर्माण किया जा रहा था। शुक्रवार को पंडालों को अंतिम रूप दिया गया और मूर्ति निर्माण स्थलों से शाम के वक्त आदि शक्ति मां दुर्गा, प्रथम पूज्य गणेश, देव सेनानायक कुमार कार्तिकेय, वैभव की देवी महालक्ष्मी, ज्ञान दायनी मां सरस्वती की प्रतिमाएं विभिन्न वाहनों से पंडालों तक पहुंचाई गई।
यहां मंत्रोच्चारपूर्वक मूर्तियों में प्राण प्रतिष्ठा की गई। पूजन अर्चन और जयकारों से माहौल गुंजायमान रहा। पंडालों के आस पास विद्युत लाइटों की आकर्षक सजावट की गई है। वहीं पंडालों के आस पास लाउडस्पीकरों से देवी गीतों का प्रसारण शुरू होने से माहौल भक्तिमय हो गया है। नगर के अफीम कोठी, रविनगर, पटेलनगर, नई सट्टी, लाठ नंबर दो, लाठ नंबर एक, गल्ला मंडी, राम मंदिर, इंडियन इंस्टीट्यूट, परमार कटरा, गया कालोनी, मानसनगर, सेंट्रल कालोनी, लोको कालोनी, बिछुआ मंदिर, अमोघपुर, आरपीएफ कालोनी सहित अन्य इलाकों में पंडालों में दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की गई है। दुलहीपुर संवाददाता के अनुसार नई बस्ती स्थित मूर्ति निर्माण स्थल से सुबह से ही मूर्तियों को ले जाने का शुरू हुआ ।
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तो वह देर रात तक जारी रहा।
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शारदीय नवरात्र में सप्तमी, अष्टमी और नवमी तिथि को मां दुर्गा की प्रतिमा की पूजा अर्चना की जाती है। इस वर्ष दशमी तिथि मंगलवार को होने की वजह से इस दिन भी पंडालों से प्रतिमा नहीं उठायी जाएगी। इस तरह चार दिनों तक मेला लगेगा। करीब एक माह से पूरे जिले में 203 स्थानों पर एक से बढ़कर एक दुर्गा पंडालों का निर्माण किया जा रहा था। शुक्रवार को पंडालों को अंतिम रूप दिया गया और मूर्ति निर्माण स्थलों से शाम के वक्त आदि शक्ति मां दुर्गा, प्रथम पूज्य गणेश, देव सेनानायक कुमार कार्तिकेय, वैभव की देवी महालक्ष्मी, ज्ञान दायनी मां सरस्वती की प्रतिमाएं विभिन्न वाहनों से पंडालों तक पहुंचाई गई।
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यहां मंत्रोच्चारपूर्वक मूर्तियों में प्राण प्रतिष्ठा की गई। पूजन अर्चन और जयकारों से माहौल गुंजायमान रहा। पंडालों के आस पास विद्युत लाइटों की आकर्षक सजावट की गई है। वहीं पंडालों के आस पास लाउडस्पीकरों से देवी गीतों का प्रसारण शुरू होने से माहौल भक्तिमय हो गया है। नगर के अफीम कोठी, रविनगर, पटेलनगर, नई सट्टी, लाठ नंबर दो, लाठ नंबर एक, गल्ला मंडी, राम मंदिर, इंडियन इंस्टीट्यूट, परमार कटरा, गया कालोनी, मानसनगर, सेंट्रल कालोनी, लोको कालोनी, बिछुआ मंदिर, अमोघपुर, आरपीएफ कालोनी सहित अन्य इलाकों में पंडालों में दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की गई है। दुलहीपुर संवाददाता के अनुसार नई बस्ती स्थित मूर्ति निर्माण स्थल से सुबह से ही मूर्तियों को ले जाने का शुरू हुआ ।
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तो वह देर रात तक जारी रहा।