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Chandauli News: दिल्ली से आने वाली ट्रेनों में 100 से ज्यादा वेटिंग, होली पर घर आ पाना हुआ मुश्किल
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पीडीडीयू नगर। होली पर यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने नई दिल्ली की ओर जाने वाली छह जोड़ी स्पेशल ट्रेनों को संचालन 31 मार्च तक बढ़ा दिया है। इसके बावजूद होली पर दिल्ली से आने वाली ट्रेनों में 100 से ज्यादा वेटिंग चल रही है। यही हाल चेन्नई, मुंबई और कोलकाता की तरफ से आने वाली ट्रेनों का है। यात्री अब तत्काल टिकट के लिए लाइन में लग रहे हैं।
होली 14 मार्च को मनाई जाएगी। होलिका दहन 13 मार्च को रात में होगा। चंदौली सहित पूर्वांचल के अन्य जिलों से बड़ी संख्या में लोग दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई समेत अन्य स्थानों पर रहकर विभिन्न कंपनियों आदि में काम करते हैं। कुछ लोग वहीं बस भी गए हैं और होली तथा दीपावली आदि पर घर पहुंचते हैं। महाकुंभ के कारण जनवरी और फरवरी माह में स्पेशल ट्रेनों के कारण बड़ी संख्या में नियमित ट्रेनों को रद्द किया गया था। इससे लोगों को घर पहुंचने में दिक्कत हुई। उधर, महाकुंभ के बाद अब ट्रेनों में सीट खाली नहीं है। रविवार की शाम पांच बजे तक की स्थिति पर नजर डालें तो नई दिल्ली से 12 मार्च को नई दिल्ली से पीडीडीयू जंक्शन आने के लिए भगत की कोठी कामाख्या एक्सप्रेस के सेकेंड एसी में 14, थर्ड एसी में 35 और स्लीपर में 83 वेटिंग है। इसी तरह नेताजी एक्सप्रेस के सेकेंड एसी में सीट रिग्रेट (अब बुकिंग नहीं हो सकती) दिखा रहा है, जबकि थर्ड एसी में 48 और स्लीपर में 71 नंबर वेटिंग है। नंदन-कानन एक्सप्रेस, महानंदा, नार्थ ईस्ट आनंद विहार-रांची सुपरफास्ट, सीमांचल एक्सप्रेस, महाबोधि, श्रमजीवी, विक्रमशिला, नई दिल्ली-राजगीर होली स्पेशल में सेकेंड, थर्ड एसी और स्लीपर में 50 से ज्यादा वेटिंग है।
नई दिल्ली-रांची राजधानी, डिब्रूगढ़ राजधानी, नई दिल्ली-सियालदह राजधानी, नई दिल्ली-भुवनेश्वर राजधानी, नई दिल्ली-पटना राजधानी एक्सप्रेस में 30 से ज्यादा वेटिंग है। इसी तरह मुंबई से आने वाली ट्रेनों की स्थिति देखें तो लोकमान्य तिलक-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस, मुंबई-आसनसोल, जनता एक्सप्रेस, कोलकाता मेल, पाटलिपुत्र एक्सप्रेस में 30 से ज्यादा वेटिंग है। कोलकाता मेल के सेकेंड एसी, इकॉनामी में सीट रिग्रेट है। चेन्नई से आने वाली संघमित्रा का भी हाल बेहाल है। इसके स्लीपर में 148, थर्ड एसी में 71 वेटिंग है। वरीय मंडल वरीय प्रबंधक सुधाशुं रंजन ने बताया कि यात्रियों की भीड़ की स्थिति को देखते हुए छह जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। आगे ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
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होली 14 मार्च को मनाई जाएगी। होलिका दहन 13 मार्च को रात में होगा। चंदौली सहित पूर्वांचल के अन्य जिलों से बड़ी संख्या में लोग दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई समेत अन्य स्थानों पर रहकर विभिन्न कंपनियों आदि में काम करते हैं। कुछ लोग वहीं बस भी गए हैं और होली तथा दीपावली आदि पर घर पहुंचते हैं। महाकुंभ के कारण जनवरी और फरवरी माह में स्पेशल ट्रेनों के कारण बड़ी संख्या में नियमित ट्रेनों को रद्द किया गया था। इससे लोगों को घर पहुंचने में दिक्कत हुई। उधर, महाकुंभ के बाद अब ट्रेनों में सीट खाली नहीं है। रविवार की शाम पांच बजे तक की स्थिति पर नजर डालें तो नई दिल्ली से 12 मार्च को नई दिल्ली से पीडीडीयू जंक्शन आने के लिए भगत की कोठी कामाख्या एक्सप्रेस के सेकेंड एसी में 14, थर्ड एसी में 35 और स्लीपर में 83 वेटिंग है। इसी तरह नेताजी एक्सप्रेस के सेकेंड एसी में सीट रिग्रेट (अब बुकिंग नहीं हो सकती) दिखा रहा है, जबकि थर्ड एसी में 48 और स्लीपर में 71 नंबर वेटिंग है। नंदन-कानन एक्सप्रेस, महानंदा, नार्थ ईस्ट आनंद विहार-रांची सुपरफास्ट, सीमांचल एक्सप्रेस, महाबोधि, श्रमजीवी, विक्रमशिला, नई दिल्ली-राजगीर होली स्पेशल में सेकेंड, थर्ड एसी और स्लीपर में 50 से ज्यादा वेटिंग है।
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नई दिल्ली-रांची राजधानी, डिब्रूगढ़ राजधानी, नई दिल्ली-सियालदह राजधानी, नई दिल्ली-भुवनेश्वर राजधानी, नई दिल्ली-पटना राजधानी एक्सप्रेस में 30 से ज्यादा वेटिंग है। इसी तरह मुंबई से आने वाली ट्रेनों की स्थिति देखें तो लोकमान्य तिलक-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस, मुंबई-आसनसोल, जनता एक्सप्रेस, कोलकाता मेल, पाटलिपुत्र एक्सप्रेस में 30 से ज्यादा वेटिंग है। कोलकाता मेल के सेकेंड एसी, इकॉनामी में सीट रिग्रेट है। चेन्नई से आने वाली संघमित्रा का भी हाल बेहाल है। इसके स्लीपर में 148, थर्ड एसी में 71 वेटिंग है। वरीय मंडल वरीय प्रबंधक सुधाशुं रंजन ने बताया कि यात्रियों की भीड़ की स्थिति को देखते हुए छह जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। आगे ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
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