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मानसून के जल्द आने की उम्मीद, गर्मी से मिलेगी राहत
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पीडीडीयू नगर। जिले में इस वर्ष समय से पहले मानसून के आने के साथ सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। संभावना है कि 12 से 17 जून के बीच जिले में मानसून दस्तक दे सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, इस बार जनपद में सामान्य से ज्यादा बारिश होने की भी संभावना है। मानसून अगले दो से तीन दिन में पूरे अंडमान सागर, अंडमान निकोबार द्वीप समूहों, मध्यपूर्व बंगाल की खाड़ी में छा जाएगा। वहीं, केरल तट पर मानसून के 27 मई से एक जून तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
पिछले वर्ष जिले में 12 जून को मानसून प्रवेश कर गया था। 12 से 15 जून के बीच 75.7 एमएम बारिश हुई थी। जिले में सामान्य तौर पर एक वर्ष में 1325 एमएम बारिश होती है। दक्षिण पश्चिम मानसून के प्रभाव में 15 जून से 30 सितंबर तक 1083 एमएम बारिश होती है जबकि उत्तरी पूर्वी मानसून के प्रभाव से अक्टूबर से दिसंबर माह के बीच करीब 86 एमएम बारिश होती है। जनवरी से मार्च के बीच में 51.5 एमएम बारिश होती है। वहीं, अप्रैल और मई माह में 105.6 एमएम बारिश होती है। कृषि विभाग की ओर से धान उत्पादक किसानों को सलाह दी गई है कि वे धान की रोपाई के लिए खेतों को तैयार करना आरंभ कर दें। बीज के प्रभेदों के अनुसार धान की बोआई करें। मानसून के आने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। जिले में मॉनसून के पहुंचने में अब कुछ दिन शेष रह गए हैं। मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 11 जून से 14 जून के बीच जिले में मानसून के पहुंचने की संभावना है। साथ ही मौसम के दीर्घकालिक पूर्वानुमान में जिले में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है।
केरल प्रदेश में एक जून को मानसून प्रवेश करेगा जबकि प्रदेश में 11 जून से 14 जून के बीच पहुंचेगा। वर्तमान में भू मध्य रेखीय प्रशांत क्षेत्र में ला-नीना की स्थिति बनी हुई है। नवीनतम एमएमसीएएफएस के साथ अन्य जलवायु मॉडल पूर्वानुमान से संकेत मिलता है कि ला नीना की स्थिति मानसून के दौरान भी बने रहने की संभावना है जिस कारण सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। मानसून के एक सप्ताह पहले पहुंचने की संभावना को देखते हुए किसान धान की रोपाई के लिए खेत तैयार कर लें। - अतुल कुमार सिंह, प्रभारी, राज्य कृषि मौसम केंद्र।
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पिछले वर्ष जिले में 12 जून को मानसून प्रवेश कर गया था। 12 से 15 जून के बीच 75.7 एमएम बारिश हुई थी। जिले में सामान्य तौर पर एक वर्ष में 1325 एमएम बारिश होती है। दक्षिण पश्चिम मानसून के प्रभाव में 15 जून से 30 सितंबर तक 1083 एमएम बारिश होती है जबकि उत्तरी पूर्वी मानसून के प्रभाव से अक्टूबर से दिसंबर माह के बीच करीब 86 एमएम बारिश होती है। जनवरी से मार्च के बीच में 51.5 एमएम बारिश होती है। वहीं, अप्रैल और मई माह में 105.6 एमएम बारिश होती है। कृषि विभाग की ओर से धान उत्पादक किसानों को सलाह दी गई है कि वे धान की रोपाई के लिए खेतों को तैयार करना आरंभ कर दें। बीज के प्रभेदों के अनुसार धान की बोआई करें। मानसून के आने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। जिले में मॉनसून के पहुंचने में अब कुछ दिन शेष रह गए हैं। मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 11 जून से 14 जून के बीच जिले में मानसून के पहुंचने की संभावना है। साथ ही मौसम के दीर्घकालिक पूर्वानुमान में जिले में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है।
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केरल प्रदेश में एक जून को मानसून प्रवेश करेगा जबकि प्रदेश में 11 जून से 14 जून के बीच पहुंचेगा। वर्तमान में भू मध्य रेखीय प्रशांत क्षेत्र में ला-नीना की स्थिति बनी हुई है। नवीनतम एमएमसीएएफएस के साथ अन्य जलवायु मॉडल पूर्वानुमान से संकेत मिलता है कि ला नीना की स्थिति मानसून के दौरान भी बने रहने की संभावना है जिस कारण सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। मानसून के एक सप्ताह पहले पहुंचने की संभावना को देखते हुए किसान धान की रोपाई के लिए खेत तैयार कर लें। - अतुल कुमार सिंह, प्रभारी, राज्य कृषि मौसम केंद्र।
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