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Chandauli News: पिछले साल से एक हजार मीट्रिक टन ज्यादा होगा आम का उत्पादन
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दुलहीपुर। इस वर्ष आम का उत्पादन बढ़ने की संभावना है। कृषि अधिकारी के अनुसार पिछले साल की अपेक्षा इस साल एक हजार मीट्रिक टन ज्यादा आम हो सकता । पिछले वर्ष पांच हजार मीट्रिक टन आम हुआ था। तमाम किसान इस बार किराये पर आम के पेड़ लिए हैं। आम के पेड़ मंजरियों से गुलजार हैं।
गांव व सीवान में स्थित आम के बगीचों में बौर आने लगे हैं। इससे जहां आम के पेड़ निखरे दिख रहे हैं वहीं आसपास का वातावरण भी बेहद मनमोहक हो गया है। इस बार आम के पेडों पर भारी मात्रा में आए बौर को देखकर किसानों के चेहरे पर रौनक हैं।
इलाके के अधिकांश बागों में आम के पेड़ बौर के गुच्छे से लदे हैं। बीते कुछ वर्षों में आम अच्छे नहीं फले थे। जिससे नुकसान हुआ था । जिन पेड़ों पर बौर या फल आए थे वे प्रतिकूल मौसम के कारण खराब हो गए। इस बार बागों में बौर अच्छे फल होने के संकेत दे रहे हैं। बबली, राजेश सोनकर, राजबहादुर सोनकर,रिंकू सोनकर, लालू सोनकर आदि का कहना है कि इस बार फलों की अच्ही पैदावार हो सकती है। बारिश के बाद मंजरी (बौर)में लगने वाले कीट पंतगों से भी हद तक छुटकारा मिल गया है।
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दुलहीपुर। किसान किराये पर आम के बाग लेकर अच्छी कमाई की उम्मीद लगाए हुए हैं। बौर आने से पहले ही वह बाग मालिकों से मिलकर सौदा तय कर लेते हैं और फलों की बिक्री के बाद उन्हें भुगतान करते हैं। दवाओं का छिड़काव के साथ बाग में नमी बनाए रखना और रखवाली सब इन्हीं के जिम्मे रहता है। इस बार आम के पेड़ बौर से लद गए हैं जिससे कारोबार करने वालों को उम्मीद है कि इस बार बेहतर मुनाफा प्राप्त करेंगे।
जिला उद्यान अधिकारी शीतला प्रसाद वर्मा ने बताया कि हाल में हुई बारिश आम के मंजरी के लिए लाभदायक सिद्ध हुए हैं। मंजरी में फल लगने के बाद सल्फर का छिड़काव कराने से उत्पाद बेहतर होगा। जनपद में 351 हेक्टेयर आम के बाग हैं। 2023 मे पांच हजार मीट्रिक टन आम हुआ था। अबकी बार अगर मौसम ने साथ दिया तो लगभग छः हजार मीट्रिक टन से अधिक फल हो सकते हैं।
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गांव व सीवान में स्थित आम के बगीचों में बौर आने लगे हैं। इससे जहां आम के पेड़ निखरे दिख रहे हैं वहीं आसपास का वातावरण भी बेहद मनमोहक हो गया है। इस बार आम के पेडों पर भारी मात्रा में आए बौर को देखकर किसानों के चेहरे पर रौनक हैं।
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इलाके के अधिकांश बागों में आम के पेड़ बौर के गुच्छे से लदे हैं। बीते कुछ वर्षों में आम अच्छे नहीं फले थे। जिससे नुकसान हुआ था । जिन पेड़ों पर बौर या फल आए थे वे प्रतिकूल मौसम के कारण खराब हो गए। इस बार बागों में बौर अच्छे फल होने के संकेत दे रहे हैं। बबली, राजेश सोनकर, राजबहादुर सोनकर,रिंकू सोनकर, लालू सोनकर आदि का कहना है कि इस बार फलों की अच्ही पैदावार हो सकती है। बारिश के बाद मंजरी (बौर)में लगने वाले कीट पंतगों से भी हद तक छुटकारा मिल गया है।
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दुलहीपुर। किसान किराये पर आम के बाग लेकर अच्छी कमाई की उम्मीद लगाए हुए हैं। बौर आने से पहले ही वह बाग मालिकों से मिलकर सौदा तय कर लेते हैं और फलों की बिक्री के बाद उन्हें भुगतान करते हैं। दवाओं का छिड़काव के साथ बाग में नमी बनाए रखना और रखवाली सब इन्हीं के जिम्मे रहता है। इस बार आम के पेड़ बौर से लद गए हैं जिससे कारोबार करने वालों को उम्मीद है कि इस बार बेहतर मुनाफा प्राप्त करेंगे।
जिला उद्यान अधिकारी शीतला प्रसाद वर्मा ने बताया कि हाल में हुई बारिश आम के मंजरी के लिए लाभदायक सिद्ध हुए हैं। मंजरी में फल लगने के बाद सल्फर का छिड़काव कराने से उत्पाद बेहतर होगा। जनपद में 351 हेक्टेयर आम के बाग हैं। 2023 मे पांच हजार मीट्रिक टन आम हुआ था। अबकी बार अगर मौसम ने साथ दिया तो लगभग छः हजार मीट्रिक टन से अधिक फल हो सकते हैं।