{"_id":"6a4c11a4e189fc66230d468a","slug":"man-ke-pankh-a-powerful-literary-platform-for-new-and-established-writers-chandauli-news-c-189-1-svns1012-150993-2026-07-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"मन के पंख नए और स्थापित रचनाकारों के लिए सशक्त साहित्यिक मंच : वक्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मन के पंख नए और स्थापित रचनाकारों के लिए सशक्त साहित्यिक मंच : वक्ता
विज्ञापन
पड़ाव के सेमरा में पुस्तक का विमोचन अतिथि। स्रोत:-जागरूक पाठक
- फोटो : punch news
राष्ट्रीय चेतना प्रकाशन की ओर से प्रकाशित एवं दिनेश चंद्र संपादित साझा काव्य संग्रह ‘’मन के पंख’’ का लोकार्पण रविवार को सेमरा स्थित एक सभागार में किया गया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि यह काव्य संग्रह नए और स्थापित रचनाकारों के लिए एक सशक्त साहित्यिक मंच है। मुख्य अतिथि बीएचयू के दृश्य कला संकाय की डीन प्रो. डॉ. उत्तमा दीक्षित ने साहित्य और कला के पारस्परिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसी साझा कृतियां नवोदित रचनाकारों के आत्मविश्वास को नई उड़ान देती हैं।
वरिष्ठ साहित्यकार एवं केंद्रीय तिब्बती संस्थान/विश्वविद्यालय के विजिटिंग प्रोफेसर प्रो. डॉ. उमेश प्रसाद सिंह ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण ही नहीं, उसकी चेतना का भी वाहक होता है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि ‘’मन के पंख’’ संवेदनाओं, विचारों और सृजनात्मक अभिव्यक्ति का सशक्त दस्तावेज है, जो समकालीन हिंदी साहित्य को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। पुस्तक के संपादक दिनेश चंद्र ने बताया कि साझा काव्य संग्रह में 31 कवियों की रचनाएं शामिल हैं। उन्होंने सभी सहयोगियों, रचनाकारों और अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए पुस्तक की प्रकाशन यात्रा पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में काव्य संग्रह से जुड़े रचनाकारों ने अपनी-अपनी प्रतिनिधि रचनाओं का सस्वर पाठ किया। विशिष्ट अतिथि साहित्यकार अखलाक खान ‘’भारतीय’’, पूर्व प्राचार्य डॉ. अनिल यादव तथा सेंट अल हनीफ एजुकेशनल ग्रुप के चेयरमैन हाजी डॉ. वसीम अहमद ने भी काव्य संग्रह की सराहना करते हुए अपने विचार रखे। संवाद
विज्ञापन
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि यह काव्य संग्रह नए और स्थापित रचनाकारों के लिए एक सशक्त साहित्यिक मंच है। मुख्य अतिथि बीएचयू के दृश्य कला संकाय की डीन प्रो. डॉ. उत्तमा दीक्षित ने साहित्य और कला के पारस्परिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसी साझा कृतियां नवोदित रचनाकारों के आत्मविश्वास को नई उड़ान देती हैं।
विज्ञापन
वरिष्ठ साहित्यकार एवं केंद्रीय तिब्बती संस्थान/विश्वविद्यालय के विजिटिंग प्रोफेसर प्रो. डॉ. उमेश प्रसाद सिंह ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण ही नहीं, उसकी चेतना का भी वाहक होता है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि ‘’मन के पंख’’ संवेदनाओं, विचारों और सृजनात्मक अभिव्यक्ति का सशक्त दस्तावेज है, जो समकालीन हिंदी साहित्य को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। पुस्तक के संपादक दिनेश चंद्र ने बताया कि साझा काव्य संग्रह में 31 कवियों की रचनाएं शामिल हैं। उन्होंने सभी सहयोगियों, रचनाकारों और अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए पुस्तक की प्रकाशन यात्रा पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में काव्य संग्रह से जुड़े रचनाकारों ने अपनी-अपनी प्रतिनिधि रचनाओं का सस्वर पाठ किया। विशिष्ट अतिथि साहित्यकार अखलाक खान ‘’भारतीय’’, पूर्व प्राचार्य डॉ. अनिल यादव तथा सेंट अल हनीफ एजुकेशनल ग्रुप के चेयरमैन हाजी डॉ. वसीम अहमद ने भी काव्य संग्रह की सराहना करते हुए अपने विचार रखे। संवाद

पड़ाव के सेमरा में पुस्तक का विमोचन अतिथि। स्रोत:-जागरूक पाठक- फोटो : punch news