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Chandauli News: दोहरे हत्याकांड में बड़ा सुराग, चौबेपुर में खून से सनी स्कॉर्पियो बरामद हुई
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वाराणसी के चौबेपुर थाना के बाहर खड़ी डबल मर्डर घटना में प्रयोग स्कार्पियो। स्रोत:-जागरूक पाठक
धीना। डेढ़गांवा गांव के पास माइनर में बोरे में बंद मिले दो युवकों के शवों के मामले में पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे हैं। दोहरे हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस ने वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र से खून से सनी स्कॉर्पियो लावारिस हालत में बरामद की है। हत्या में इस्तेमाल किए जाने की आशंका वाली इस गाड़ी की बरामदगी के बाद पुलिस ने गाजीपुर के चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
पुलिस दावत में हुए विवाद से लेकर हत्या और शवों को माइनर तक पहुंचाने की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। मृतकों की पहचान सिद्धार्थ सिंह और कानपुर निवासी सागर त्रिपाठी के रूप में हुई थी। पुलिस की जांच के अनुसार, दोनों युवकों की हत्या के बाद उनके शवों को करीब 28 किलोमीटर दूर डेढ़गांवा गांव के पास माइनर में फेंका गया था।
वारदात के बाद संदिग्ध स्कॉर्पियो को चौबेपुर क्षेत्र में छोड़कर फरार हो गए। गाड़ी पर खून के निशान मिलने से पुलिस को जांच में महत्वपूर्ण सुराग मिला है। हालांकि, गाड़ी में मिले खून और वारदात के बीच संबंध की पुष्टि फोरेंसिक जांच समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर होनी है।
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बाटी-मीट की दावत में विवाद के बाद हत्या की आशंका : पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 21 अक्टूबर की रात दोनों युवक धानापुर थाना क्षेत्र के नगवा मेढ़वा गांव में विकास सिंह के बोरिंग पंप पर मौजूद थे। वहां बाटी-मीट की दावत के दौरान शराब पीने के बाद विवाद होने की बात सामने आई है। मृतक सागर त्रिपाठी की पत्नी के बयान के मुताबिक, विवाद के दौरान पहले सिद्धार्थ सिंह और फिर सागर त्रिपाठी की हत्या किए जाने की आशंका है।
पुलिस इस बयान का घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य जानकारियों से मिलान कर रही है। फिलहाल हत्या की वजह और वारदात के क्रम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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पुलिस दावत में हुए विवाद से लेकर हत्या और शवों को माइनर तक पहुंचाने की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। मृतकों की पहचान सिद्धार्थ सिंह और कानपुर निवासी सागर त्रिपाठी के रूप में हुई थी। पुलिस की जांच के अनुसार, दोनों युवकों की हत्या के बाद उनके शवों को करीब 28 किलोमीटर दूर डेढ़गांवा गांव के पास माइनर में फेंका गया था।
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वारदात के बाद संदिग्ध स्कॉर्पियो को चौबेपुर क्षेत्र में छोड़कर फरार हो गए। गाड़ी पर खून के निशान मिलने से पुलिस को जांच में महत्वपूर्ण सुराग मिला है। हालांकि, गाड़ी में मिले खून और वारदात के बीच संबंध की पुष्टि फोरेंसिक जांच समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर होनी है।
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बाटी-मीट की दावत में विवाद के बाद हत्या की आशंका : पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 21 अक्टूबर की रात दोनों युवक धानापुर थाना क्षेत्र के नगवा मेढ़वा गांव में विकास सिंह के बोरिंग पंप पर मौजूद थे। वहां बाटी-मीट की दावत के दौरान शराब पीने के बाद विवाद होने की बात सामने आई है। मृतक सागर त्रिपाठी की पत्नी के बयान के मुताबिक, विवाद के दौरान पहले सिद्धार्थ सिंह और फिर सागर त्रिपाठी की हत्या किए जाने की आशंका है।
पुलिस इस बयान का घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य जानकारियों से मिलान कर रही है। फिलहाल हत्या की वजह और वारदात के क्रम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।