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अपने कर्तव्यों और दायित्वों से झंडे का सम्मान बनाएं रखें : सुखराम

Thu, 24 Nov 2022 06:30 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 24 Nov 2022 06:30 AM IST
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Maintain respect for the flag with your duties and responsibilities: Sukhram
पुलिस लाइन में ध्वजारोहण करते एएसपी सुखराम भारती। संवाद - फोटो : CHANDAULI
चंदौली। जिले में पुलिस झंडा दिवस बुधवार को समारोहपूर्वक मनाया गया। पुलिस लाइन में अपर पुलिस अधीक्षक आपरेशन सुखराम भारती ने पुलिस ध्वजारोहण व सलामी ली। वहीं पुलिसकर्मियों द्वारा जनसेवा एवं राष्ट्रसेवा में किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। सभी को इस गौरवशाली दिन के लिए हार्दिक बधाई व शुभकामना दी।
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इस दौरान उन्होंने कहा कि हमें पूर्ण विश्वास है कि आने वाले समय में आप अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से करते हुए इस झंडे और पुलिस विभाग का मान-सम्मान बनाए रखेंगे। वहीं पुलिस महानिदेशक देवेंद्र सिंह चौहान ने पुलिस विभाग के समस्त अधिकारियों व कर्मचारियों हेतु भेजे गए शुभकामना संदेश को पढ़ कर सुनाया गया। जनपद के समस्त थानों व पुलिस कार्यालयों पर भी पुलिस कलर के ध्वज को फहराया और शुभकामना संदेश पढ़ कर सुनाया गया।
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पुलिस के लिए आज का दिन है गौरवशाली : एएसपी
चंदौली। एसपी सुखराम भारती ने कहा कि बल के लिए बहुत ही गौरवशाली व ऐतिहासिक दिन है। कहानियां, व्यक्तित्व को स्थापित करती हैं तथा इतिहास एक संगठन को बनाता है। आज ही के दिन 23 नवंबर सन् 1952 को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री द्वारा उत्तर प्रदेश पुलिस को पुलिस कलर (ध्वज) प्रदान किया गया था। यह ध्वज जहां हमारे चरित्र को दर्शाता है। वहीं हमारे गौरवशाली इतिहास का प्रतीक भी है। जिससे हमने देश सेवा एवं लोक सेवा में अपने कौशल, शौर्य व कर्तव्यपरायणता से अप्रतिम योगदान दिया है। यह ध्वज हमारे लिए प्रेरणादायी है तथा इस ध्वज के फहराने मात्र से हम सभी में एक नई ऊर्जा का संचार होता है।
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पुलिस धर्म निभाने की देता है प्रेरणा ध्वज
चंदौली। एएसपी विनय कुमार सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस का यह ध्वज हमें पुलिस धर्म को निभाने की प्रेरणा देता है। हम सद्जनों की रक्षा एवं दुष्टता का नाश करने हेतु वर्दीधारण करते हैं। हमारे अप्रतिम योगदान के फलस्वरूप ही हमें यह ध्वज प्रदान किया गया है, जो हम सबके लिए गर्व की बात है उप्र पुलिस पूरे भारतवर्ष का प्रथम राज्य पुलिस बल है, जिसे सर्वप्रथम पुलिस ध्वज प्रदान किया गया था।
सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक है पुलिस ध्वज
चंदौली। चकिया सीईओ रघुराज प्रताप सिंह ने कहा कि पुलिस के इतिहास में 23 नवंबर का दिन विशेष महत्व रखता है। 23 नवंबर 1952 के बाद प्रतिवर्ष सैनिक कल्याण के लिए झंडे के स्टीकर जारी किए जाते हैं। यह हमारे स्वाभिमान और सम्मान का प्रतीक है। यही नहीं हमें गौरव गाथा भी यह बताता है कि हमारा स्वाभिमान और सम्मान क्या है।
संवेदनशील और कर्तव्य निष्ठा का संदेश देता है ध्वज
चंदौली। मुगलसराय सीओ अनिरुद्ध सिंह कहा कि किसी भी संगठन का ध्वज उसकी पहचान होती है। आज का दिन यूपी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण है। पुलिस विभाग की गौरवशाली गरिमा को बनाए रखने के लिए पुलिस को संवेदनशील व कर्तव्यनिष्ठ रहने का संदेश देता है। जिससे जनता में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़े।

पुलिस के शौर्य को दर्शाता है ध्वज
चंदौली। कुरुक्षेत्र में कौरवों और पांडवों के बीच हुए धर्म युद्ध में अर्जुन के रथ पर भी ध्वज पताका थी। ध्वज को धर्म की अधर्म पर विजय की प्रेरणा के तौर पर माना जाता है। ध्वज कर्तव्य का पाठ और मूल्यों के लिए संघर्ष, समर्पण सिखाता है। चूंकि पुलिस या सेना भी समाज में बुराई को दंडित कराने और अच्छाई जीवित रखने के लिए, बुराई पर अच्छाई की जीत के लिए कार्य करती है इसीलिए पुलिस को उनके शौर्य के लिए सम्मानित करते हुए 23 नवंबर 1952 को देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने उत्तर प्रदेश पुलिस को ‘पुलिस कलर’ (पुलिस ध्वज) प्रदान किया था। इसी दिन पीएसी को भी ध्वज प्रदान किया गया था।
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