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लॉकडाउन में जिले में प्रभावित हुआ 36 करोड़ के मिठाई का कारोबार
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पीडीडीयू नगर। कोरोना संक्रमणकाल ने लॉकडाउन में मिठाई व्यवसायियों पर काफी बुरा प्रभाव पड़ा है। लॉकडाउन के लागू होते ही जिले में जहां व्यवसायियों ने लगभग एक करोड़ रुपये की मिठाइयां फेंक दीं। वहीं दो महीने तक दुकानें बंद रहने के कारण जिलेभर के लगभग 12 सौ मिठाई विक्रेताओं का कारोबार ठप था। दुकानदारों के अनुसार इससे रोजाना औसतन पांच हजार का नुकसान हुआ।
ऐसे में दो महीने तक दुकान बंद होने से लगभग 36 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। चार दिन पहले मिठाइयां बेचने की इजाजत जिला प्रशासन की ओर से तो दी गई है लेकिन लॉकडाउन में मिठाई की बिक्री सामान्य दिनों की अपेक्षा आधी रह गई है। इससे भी मिठाई कारोबार से जुड़े लोगों को नुकसान हो रहा है।
जिले में छोटे-बड़े कुल 12 सौ मिठाई दुकानदार हैं। लॉकडाउन लागू होने के बाद दुकानदारों को दुकानों में रखी मिठाईयां फेंकनी पड़ी थी। एक आंकड़े के अनुसार उस दौरान लगभग एक करोड़ रुपये की मिठाईयां लोगों ने फेंकी थी। लॉकडाउन के दो माह के दौरान आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खोलने की इजाजत तो दी लेकिन अन्य व्यवसायों समेत मिठाई की दुकानें खोलने पर पाबंदी रही इससे दुकानदारों को काफी नुकसान हुआ।
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पीडीडीयू नगर में मिठाई व्यवसाई संतोष यादव ने बताया कि जिले में छोटे व बड़े दुकानदार की प्रतिदिन की औसत बिक्री पांच हजार रुपये हो जाती है। इसके हिसाब से दो महिने में मिठाई का करोड़ों रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। सैयदराजा के मिठाई व्यवसायी नामवर प्रसाद ने बताया कि जब सामान्य दिनों में एक दुकान में दस से पंद्रह हजार रुपये की मिठाई रहती थी। लॉकडाउन लागू होते ही दुकानदारों को मिठाइयां फेंकनी पड़ी थीं जिससे उस दौरान जिले में लगभग एक करोड़ रुपये की मिठाइयां नष्ट की गई थी। कहा कि अब दुकानें तो खुल रही हैं लेकिन बिक्री आधी रह गई है।
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ऐसे में दो महीने तक दुकान बंद होने से लगभग 36 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। चार दिन पहले मिठाइयां बेचने की इजाजत जिला प्रशासन की ओर से तो दी गई है लेकिन लॉकडाउन में मिठाई की बिक्री सामान्य दिनों की अपेक्षा आधी रह गई है। इससे भी मिठाई कारोबार से जुड़े लोगों को नुकसान हो रहा है।
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जिले में छोटे-बड़े कुल 12 सौ मिठाई दुकानदार हैं। लॉकडाउन लागू होने के बाद दुकानदारों को दुकानों में रखी मिठाईयां फेंकनी पड़ी थी। एक आंकड़े के अनुसार उस दौरान लगभग एक करोड़ रुपये की मिठाईयां लोगों ने फेंकी थी। लॉकडाउन के दो माह के दौरान आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खोलने की इजाजत तो दी लेकिन अन्य व्यवसायों समेत मिठाई की दुकानें खोलने पर पाबंदी रही इससे दुकानदारों को काफी नुकसान हुआ।
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पीडीडीयू नगर में मिठाई व्यवसाई संतोष यादव ने बताया कि जिले में छोटे व बड़े दुकानदार की प्रतिदिन की औसत बिक्री पांच हजार रुपये हो जाती है। इसके हिसाब से दो महिने में मिठाई का करोड़ों रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। सैयदराजा के मिठाई व्यवसायी नामवर प्रसाद ने बताया कि जब सामान्य दिनों में एक दुकान में दस से पंद्रह हजार रुपये की मिठाई रहती थी। लॉकडाउन लागू होते ही दुकानदारों को मिठाइयां फेंकनी पड़ी थीं जिससे उस दौरान जिले में लगभग एक करोड़ रुपये की मिठाइयां नष्ट की गई थी। कहा कि अब दुकानें तो खुल रही हैं लेकिन बिक्री आधी रह गई है।