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लॉकडाउन ने ऑटो मोबाइल सेक्टर का भी किया बेड़ा गर्क
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पीडीडीयू नगर। लॉकडाउन ने दो महीने में ओटो मोबाइल सेक्टर को काफी नुकसान पहुंचाया है। लगन में बंदी के कारण जहां नई गाड़ियों की बिक्री नहीं हुई वहीं दूसरी तरफ मोटर पार्ट्स का कारोबार भी बुरी तरह से प्रभावित हुआ। एजेंसी संचालकों व मोटर पार्ट्स विक्रेताओं के अनुसार जिले में लगभग साठ करोड़ रुपये का ऑटो मोबाइल सेक्टर से जुड़ा कारोबार इस लॉकडाउन में प्रभावित हुुआ है। व्यवसायियों ने मांग की कि सरकार को व्यवसायों को घाटे के संक्रमण से उबारने के लिए टैक्सों में छूट दी जानी चाहिए।
देशभर में कोरोना संक्रमण को देखते हुए 25 मार्च से लॉकडाउन लागू किया गया था। इस दौरान लगन का सीजन शुरू हुआ लेकिन लॉकडाउन के कारण कोई भी वैवाहिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं हो सका, इसके कारण लोगों ने नई बाइकें नहीं खरीदी। इसके पूर्व नवरात्र में में मोटरसाइकिल से जुड़ी एजेंसियां बंद होने के कारण बाइकों की बिक्री नहीं हुई।
जिलें में बाइकों की छोटी-बड़ी 50 एजेंसियां हैं वहीं मोटर पार्ट्स व्यवसाय से जुड़ी 200 दुकानें है। लॉकडाउन में दुकानों के बंद रहने के कारण मोटर पार्ट्स की बिक्री भी ठप रही। एजेंसी संचालक ने कहा कि लॉकडाउन ने कोराबार पर काफी बुरा असर डाला है। कहा कि बाइकों की बिक्री नहीं होने स्टाफ की तनख्वाह देने में परेशानी हो रही है। उन्होंने टैक्सों में छूट दिए जाने की मांग की। एजेंसी संचालक अरुण कुमार ने कहा कि नवरात्र और लगन में बाइकों की बिक्री नहीं हुई, वहीं दूसरी तरफ होलसेल वाहन की बिक्री के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं। मोटर पार्ट्स व्यवसायी चंद्रदीप सिंह दीपू ने कहा कि लॉकडाउन में बाइकों की मरम्मत का कार्य पूरी तरह से बंद रहा ऐसे में मोटर पार्ट्स की बिक्री नहीं हुई। कारोबार को काफी नुकसान हुआ है। व्यवसायी विपिन राणा ने कहा कि लॉकडाउन से कारोबार बंद होने से काफी नुकसान हुआ है। बावजूद इसके तमाम तरह से टैक्स भरने हैं, इससे दुकानदारों पर अतिरिक्त भार पड़ेगा।
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देशभर में कोरोना संक्रमण को देखते हुए 25 मार्च से लॉकडाउन लागू किया गया था। इस दौरान लगन का सीजन शुरू हुआ लेकिन लॉकडाउन के कारण कोई भी वैवाहिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं हो सका, इसके कारण लोगों ने नई बाइकें नहीं खरीदी। इसके पूर्व नवरात्र में में मोटरसाइकिल से जुड़ी एजेंसियां बंद होने के कारण बाइकों की बिक्री नहीं हुई।
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जिलें में बाइकों की छोटी-बड़ी 50 एजेंसियां हैं वहीं मोटर पार्ट्स व्यवसाय से जुड़ी 200 दुकानें है। लॉकडाउन में दुकानों के बंद रहने के कारण मोटर पार्ट्स की बिक्री भी ठप रही। एजेंसी संचालक ने कहा कि लॉकडाउन ने कोराबार पर काफी बुरा असर डाला है। कहा कि बाइकों की बिक्री नहीं होने स्टाफ की तनख्वाह देने में परेशानी हो रही है। उन्होंने टैक्सों में छूट दिए जाने की मांग की। एजेंसी संचालक अरुण कुमार ने कहा कि नवरात्र और लगन में बाइकों की बिक्री नहीं हुई, वहीं दूसरी तरफ होलसेल वाहन की बिक्री के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं। मोटर पार्ट्स व्यवसायी चंद्रदीप सिंह दीपू ने कहा कि लॉकडाउन में बाइकों की मरम्मत का कार्य पूरी तरह से बंद रहा ऐसे में मोटर पार्ट्स की बिक्री नहीं हुई। कारोबार को काफी नुकसान हुआ है। व्यवसायी विपिन राणा ने कहा कि लॉकडाउन से कारोबार बंद होने से काफी नुकसान हुआ है। बावजूद इसके तमाम तरह से टैक्स भरने हैं, इससे दुकानदारों पर अतिरिक्त भार पड़ेगा।
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