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Chandauli News: वाम दलों ने हड़ताल के समर्थन में निकाला मार्च
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चकिया। श्रम कानून को वापस लेने, विद्युत विभाग का निजीकरण रोकने, मनरेगा को बहाल करने और आदिवासियों को वन भूमि से उजाड़ने सहित 12 सूत्री मांगों को लेकर बृहस्पतिवार को प्रस्तावित देशव्यापी आम हड़ताल के समर्थन में वामपंथी दलों ने संयुक्त रूप से चकिया नगर में मार्च निकाला।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भाकपा माले, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और आईपीएफ के कार्यकर्ताओं ने मां काली मंदिर परिसर से प्रतिरोध मार्च निकाला।
इसके बाद गांधी पार्क में सभा कर केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने गरीबों और मजदूरों के लिए लाभकारी मनरेगा को समाप्त कर उसके स्थान पर बीबी जी राम जी कानून लागू कर रही है, जो मनरेगा के साथ ही गरीबों के रोजगार समाप्त करने की साजिश है।
वक्ताओं ने कहा कि 44 श्रम कानून को समाप्त कर लेबर कोड कानून लागू कर श्रमिकों को मान्यता देने, शिक्षा स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई व्यवस्था को ठीक करने, सीलिंग से निकली भूमि और वन भूमि पर लंबे समय से काबिज गरीबों की बेदखली पर रोक लगाने की मांग की।
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वक्ताओं ने विद्युत निगम का निजीकरण न करने स्मार्ट और प्रीपेड मीटर पर रोक लगाने की भी मांग की। सभा के दौरान पहुंचे उप जिलाधिकारी विनय कुमार मिश्रा ने 12 सूत्री मांगों का ज्ञापन लिया।
अध्यक्षता परमानंद मौर्य, शिवमूरत राम और रामायण ने संयुक्त रूप से की। संचालन शंभुनाथ यादव ने किया। सभा में राजेंद्र यादव, लालमनी विश्वकर्मा, अजय राय, सुखदेव मिश्र, रामनिवास पांडेय, महानंद राजभर, चौथी पासवान, जयनाथ, बलिराम कुरिल ने विचार व्यक्त किया।
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मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भाकपा माले, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और आईपीएफ के कार्यकर्ताओं ने मां काली मंदिर परिसर से प्रतिरोध मार्च निकाला।
इसके बाद गांधी पार्क में सभा कर केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने गरीबों और मजदूरों के लिए लाभकारी मनरेगा को समाप्त कर उसके स्थान पर बीबी जी राम जी कानून लागू कर रही है, जो मनरेगा के साथ ही गरीबों के रोजगार समाप्त करने की साजिश है।
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वक्ताओं ने कहा कि 44 श्रम कानून को समाप्त कर लेबर कोड कानून लागू कर श्रमिकों को मान्यता देने, शिक्षा स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई व्यवस्था को ठीक करने, सीलिंग से निकली भूमि और वन भूमि पर लंबे समय से काबिज गरीबों की बेदखली पर रोक लगाने की मांग की।
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वक्ताओं ने विद्युत निगम का निजीकरण न करने स्मार्ट और प्रीपेड मीटर पर रोक लगाने की भी मांग की। सभा के दौरान पहुंचे उप जिलाधिकारी विनय कुमार मिश्रा ने 12 सूत्री मांगों का ज्ञापन लिया।
अध्यक्षता परमानंद मौर्य, शिवमूरत राम और रामायण ने संयुक्त रूप से की। संचालन शंभुनाथ यादव ने किया। सभा में राजेंद्र यादव, लालमनी विश्वकर्मा, अजय राय, सुखदेव मिश्र, रामनिवास पांडेय, महानंद राजभर, चौथी पासवान, जयनाथ, बलिराम कुरिल ने विचार व्यक्त किया।