{"_id":"57c346ea4f1c1b4a38d50b82","slug":"learned-in-yoga-camp","type":"story","status":"publish","title_hn":"योग शिविर में सीखे निरोग रहने के गुर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
योग शिविर में सीखे निरोग रहने के गुर
चंदौली ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Mon, 29 Aug 2016 01:47 AM IST
विज्ञापन
योगाभ्यास कराते योग गुरु
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत स्वाभिमान न्यास पतंजलि योग पीठ के तत्वावधान में नियामताबाद विकास खंड के रमौली गांव में आयोजित पांच दिवसीय निशुल्क योग शिविर में योगाचार्य राजेश योगी ने ग्रामीणों को निरोग रहने के उपाय बताए। इस दौरान योगी ने योग, आसन, प्राणायाम आदि का अभ्यास कराया।
बताया कि शिशु और संत को मोहमाया की रस्सी नहीं बांधती है। बच्चों जैसी निर्मलता व निर्भयता , जवानों जैसा जोश, बुजुर्गों जैसा होश व सन्यासी जैसा समर्पण जहां होगा वह आदमी आम सेखास बन जाएगा। योग इसी का प्रयास करत है। इस मौकेपर जनार्दन प्रसाद, डॉ. मोहनलाल, बबलू यादव, मुन्ना पटेल, बलिराम सिंह, दशरथ, अमित सिंह,अरुण आदि रहे। इसी तरह नगर के राम लक्ष्मी पैलेस में योग पीठ की ओर से चल रहे 25 दिवसंय सहायक योग शिक्षक प्रशिक्षण शिविर का समापन रविवार को हुआ। इस मौके पर यज्ञ हवन का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत सविता बहन ने मंत्रोच्चार के साथ किया। इस दौरान योग शिक्षक नील मणि ने प्राणायाम, कपालभाति, अनुलोम विलोम, चंद्रभेदी, सूर्य भेदी, नाड़ी शोधन का अभ्यास कराया। इस दौरान ज्वाला प्रसाद, मुन्नी चौरसिया, राजकुमारी, कपिलदेव राम, शुभम जायसवाल, विनोद कुमार आदि रहे।
विज्ञापन
बताया कि शिशु और संत को मोहमाया की रस्सी नहीं बांधती है। बच्चों जैसी निर्मलता व निर्भयता , जवानों जैसा जोश, बुजुर्गों जैसा होश व सन्यासी जैसा समर्पण जहां होगा वह आदमी आम सेखास बन जाएगा। योग इसी का प्रयास करत है। इस मौकेपर जनार्दन प्रसाद, डॉ. मोहनलाल, बबलू यादव, मुन्ना पटेल, बलिराम सिंह, दशरथ, अमित सिंह,अरुण आदि रहे। इसी तरह नगर के राम लक्ष्मी पैलेस में योग पीठ की ओर से चल रहे 25 दिवसंय सहायक योग शिक्षक प्रशिक्षण शिविर का समापन रविवार को हुआ। इस मौके पर यज्ञ हवन का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत सविता बहन ने मंत्रोच्चार के साथ किया। इस दौरान योग शिक्षक नील मणि ने प्राणायाम, कपालभाति, अनुलोम विलोम, चंद्रभेदी, सूर्य भेदी, नाड़ी शोधन का अभ्यास कराया। इस दौरान ज्वाला प्रसाद, मुन्नी चौरसिया, राजकुमारी, कपिलदेव राम, शुभम जायसवाल, विनोद कुमार आदि रहे।
विज्ञापन