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‘कृष’, ‘एश्वर्या’ और ‘माही’ ने खूब लूटी वाहवाही

Tue, 09 Aug 2022 12:48 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 09 Aug 2022 12:48 AM IST
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'Krrish', 'Aishwarya' and 'Mahi' garnered a lot of accolades
पीडीडीयू नगर। माधोपुर में सब्जी अनुसंधान केंद्र के शिलान्यास के बाद जनसभा स्थल पर लगाई गई प्रदर्शनी में कृष, ऐश्वर्या और माही ने खूब वाहवाही लूटी। चौंकिए मत, यह कोई फिल्मी स्टार के नाम नहीं बल्कि धान के कटोरे में किसानों द्वारा पहले से उपजाई जा रही उन्नत सब्जियों के प्रजातियों के नाम हैं। जिले के कई ब्लॉकों के किसानों ने इन सब्जियों का उत्पादन अपने घर पर किया है। उन्होंने विश्वास के साथ कहा कि अगर हमें थोड़ी सी आधुनिक तकनीक की जानकारी हो जाए तो सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में चंदौली इतिहास रच सकता है।
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धान के कटोरा के नाम से प्रसिद्ध चंदौली के किसानों को उन्नत और ज्यादा मुनाफा देने वाली सब्जियों के आधुनिक तकनीक से प्रशिक्षित करने के लिए सरकार माधोपुर में सब्जी अनुसंधान केंद्र बनाने जा रही है। लेकिन चंदौली कि किसान इस दिशा में पहले से काफी प्रतिभाशाली हैं। बस उन्हें सही मार्गदर्शन की जरूरत है। इसकी झलक माधोपुर में जनसभा के दौरान किसानों द्वारा लगाई गई सब्जियों के प्रदर्शनी में मिली। विकासखंड चंदौली के गोरारी गांव के निवासी किसान सुरेंद्र सिंह ने कृष-एफ-1 प्रजाति का खीरा सबको आश्चर्यचकित करने वाला है। एक खीरे का वजह 300 सौ ग्राम से भी ज्यादा है। चहनियां के किसान सदानंद ने ऐश्वर्या प्रजाति की शिमला मिर्च प्रदर्शनी में लगाई थी। देखने वालों ने बताया कि इससे पहले इतनी बड़ी शिमला मिर्च नहीं देखी। सदानंद ने बताया कि यह पूरी तरह से जैविक भी है। वहीं सकलडीहा के किसान मनोज सिंह का माही-3 प्रजाति का कद्दू समान कद्दू से काफी पड़ा और हरा था। जिसे लोग बार-बार उठाकर देख रहे थे। धानापुर के वंशराज के परवल के दिवाने तो सब हो गए। एक परवल का वजह 100 ग्राम के आसपास था।रेमा गांव के किसान विठ्ठलदास की माही प्रजाति की लौकी, बबुरी के राजू यादव की गुलसन बैगन, चहनिया के संतोष राय का मुटका मोती बैगन, अहिकौरा के प्रमोद कुुमार का वीयनार बैगन, ताजपुरा के भानू प्रताप के काशी प्रजाति की भिंडी, धानापुर के वंशराज यादव की मिर्च नामधारी, अतायगस्तगंज गांव के किसान कृष्णानंद का वीएनआर संकर-1 करेला,बसगांवां के फूलमती देवी की एफ वी 4 परवल, चकिया के संत कुमार का हाइब्रीड नींबू, शहाबगंज के अगस्तनंद का इलाहाबादी अमरूद, पियरी के गणेश प्रसाद का पूसा उदय खीरा और मेढवां गांव के किसान विनय सिंह का विनार प्रजाति का काफी बड़ा करेला प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र बना हुआ था। धानापुर के किसान वंशराज ने बताया कि हम लोगों के घरों में कई ऐसी सब्जियों की खेती होती है जो काफी उपज देती हैं पर उसको लेकर हम कभी सिरियस नहीं हुए। अब पता चल रहा कि तकनीक का उपयोग कर उनसे काफी पैसे भी कमाए जा सकते हैं।
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‘चिंटू’ और ‘तेलंगाना सोना’ को निहारते रहे लोग
पीडीडीयू नगर। माधोपुर में लगी प्रदर्शनी में चिंटू और तेलंगाना सोना धान की फसल को भी लोग निहारते नजर आए। धान के कटोरा चंदौली काला चावल को लेकर पूरे दुनिया में चर्चित रहा है। पीएम मोदी भी मन की बात कार्यक्रम में इसका जिक्र कर यहां के किसानों की प्रशंसा कर चुके हैं। काला चावल के अलावा चंदौली में धान की और उन्नत प्रजातियां हैं जिनकी एक झलक प्रदर्शनी में दिखी। प्रदर्शनी में गोविंद भोग, चिंटू धान, तेलांगाना सोना, जनक बीज, सीआर धार-310 की गमले में प्रदर्शनी लगाई गई थी।जिसे देखने के लिए हर किसी के पैर ठिठक जा रहे थे।
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