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लॉकडाउन में सौ करोड का कपड़े का कारोबार हुआ प्रभावित

Sun, 31 May 2020 11:03 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 31 May 2020 11:03 PM IST
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It was difficult to pay salaries to the shopkeepers
पीडीडीयू नगर। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने 25 मार्च से पूरे देश में लॉकडाउन लगा दिया था। लगभग दो माह तक चले लॉकडाउन ने जिले के कपड़ा कारोबारियों की कमर तोड़ कर रख दी है। कपड़ा व्यापारियों की मानें तो इस दो माह में जिले में लगभग सौ करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। प्रतिबंधों को पूरी तरह हटा लिए जाने के बाद ही व्यवसाय में तेजी आने की संभावना है।
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लॉकडाउन के कारण इस वर्ष शादी-विवाह नहीं के बराबर हुए। इससे कपड़ों की खरीदारी नहीं हुई। वहीं ईद भी लॉकडाउन की भेंट चढ़ गया। कपड़ों की खरीदारी के लिए ग्राहकों को लेकर बाजार सूना रहा। दुकानदारों के लिए दुकानों पर नौकरी करने वालों को वेतन देना भी भारी पड़ने लगा है। छोटे व मंझले दुकानदारों का कहना है कि यदि स्थिति कुछ माह तक ऐसी ही बनी रही तो उनके सामने दुकान बंद करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा। कपड़े के थोक व फुटकर व्यवसायियों ने प्रशासन से दुकानें प्रतिदिन सुबह के 10 से शाम के सात बजे तक खोले जाने की इजाजत देने की मांग की है। कपड़ा व्यवसायी आशीष गुप्ता ने कहा कि दुकान बंद होने से अब तक उनका चार से पांच लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। सभी दुकानदारों का यही हाल है। अब तो घर का खर्च भी चलाना मुश्किल हो गया है। कपड़ा दुकानदार शमीम अहमद ने बताया कि लॉकडाउन के कारण दो माह से दुकान बंद है। इससे दुकान में नौकरी करने वालों को वेतन देना कठिन हो रहा है। परमार कटरा स्थित कपड़े की दुकान चलाने तनुज यादव ने कहा कि जिला प्रशासन को अब प्रतिदिन दुकान खोलने की अनुमति देनी चाहिए। इससे व्यवसाय संभलने में काफी सहूलियत मिलेगी। ऐसा नहीं होने पर दुकान में कार्य करने वाले स्टाफ भी बेरोजगार हो सकते हैं। कपड़े के दुकानदार मुन्ना केशरी ने कहा कि शादी-विवाह के सीजन और ईद पर दुकानदारी न होने का काफी असर पड़ा है। यदि स्थिति ऐसी ही बनी रही तो छोटे व मंझोले कपड़ा व्यवसायियों के सामने दुकान बंद करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।
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