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Chandauli News: 45 दिनों में 6 बार जला इंसुलेटर, 100 गांवों में 6 घंटे गुल रही बिजली

Thu, 09 Jul 2026 01:14 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jul 2026 01:14 AM IST
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Insulator burnt six times in 45 days; power out for six hours across 100 villages.
मदनपुरा में 33 हजार लाइन की मरम्मत करते विद्युत कर्मी। संवाद
अमड़ा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े करीब 100 गांवों के लोगों के लिए बिजली संकट आम बात है। बीते 45 दिनों में 33 केवी हाईटेंशन लाइन का तार और इंसुलेटर छह बार जल चुका है। जिम्मेदार समाधान तलाशने में नाकाम है। बुधवार को मदनपुरा गांव के पास 33 केवी लाइन का इंसुलेटर जलने से दोपहर 12 बजे से शाम छह बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रही। बिजली गुल रहने से सवा लाख आबादी को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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अमड़ा उपकेंद्र की सबसे बड़ी समस्या यह है कि इसकी विद्युत आपूर्ति चंदौली से नहीं बल्कि पड़ोसी जनपद गाजीपुर के जमानिया विद्युत उपकेंद्र से होती है। आबादी बढ़ने से साथ क्षमता में वृद्धि न होने से करीब करीब तीन वर्षों से हाईटेंशन लाइन में बार-बार फाल्ट आने, तार और इंसुलेटर जलने की समस्या बरकरार है। अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका है। बुधवार को इंसुलेटर जलने से अमड़ा उपकेंद्र से जुड़े सभी 10 फीडरों की आपूर्ति एक साथ बंद हो गई। बिजली गुल होने से पेयजल संकट गहरा गया। धान की रोपाई और सिंचाई कार्य प्रभावित हो गया। वेल्डिंग, आटा चक्की, फोटो स्टेट, मोबाइल रिपेयरिंग, साइबर कैफे समेत बिजली आधारित छोटे कारोबार भी घंटों बंद रहे। छह घंटे बाद आपूर्ति बहाल हुई। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश और गर्मी के मौसम में बिजली व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे चल रही है। हल्की तकनीकी खराबी भी कई घंटों तक आपूर्ति बाधित कर देती है। लोगों ने जर्जर लाइन बदलने और स्थायी समाधान की मांग की है। सूचना मिलने पर विद्युत विभाग की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों का कहना है कि जमानिया से अमड़ा तक आने वाली 33 केवी लाइन में पिछले तीन वर्षों से बार-बार तकनीकी खराबी हो रही है। कभी तार टूटता है तो कभी इंसुलेटर जल जाता है। कई बार शिकायत और मांग के बावजूद अब तक लाइन के सुदृढ़ीकरण या वैकल्पिक आपूर्ति की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। डॉ कृष्णकांत तिवारी, मुड्डा ने कहा कि धान की रोपाई का समय चल रहा है। छह-छह घंटे बिजली गुल रहने से फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। हर कुछ दिनों में हाईटेंशन लाइन खराब हो जाती है। विभाग को इसका स्थायी समाधान करना चाहिए। डॉ कृष्णकांत तिवारी, मुड्डा ने कहा कि बिजली कटते ही दुकान का पूरा काम ठप हो जाता है। वेल्डिंग, फोटोस्टेट और अन्य बिजली से चलने वाले कारोबार प्रभावित होते हैं। बार-बार बिजली की कटौती से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।गगुलाब यादव, कंजेहरा ने कहा कि उमसभरी गर्मी में घंटों बिजली नहीं रहने से घर में रहना मुश्किल हो जाता है। पानी की भी दिक्कत हो जाती है क्योंकि मोटर नहीं चलती। छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है।- जय सिंह, एसडीओ, अमड़ा विद्युत उपकेंद्र ने कहा कि इंसुलेटर जलने के कारण आपूर्ति बाधित हुई थी। खराबी दूर कर बिजली बहाल कर दी गई है। भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए लाइन की नियमित निगरानी और तकनीकी परीक्षण कराया जा रहा है।--
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