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Chandauli News: दस हजार मुआवजा देने के निर्देश
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पीडीडीयू नगर। सरकारी फाइल में जीवित व्यक्ति को मृत दिखाकर पेंशन रोकने के मामले की सुनवाई मानवाधिकार आयोग ने की। आयोग ने पीड़ित व्यक्ति के परिवार वालों को दस हजार रुपये मुआवजा देने के निर्देश दिए।
इलिया थाना के सरैया गांव निवासी शिवमुरत केशरी (77) को समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने फाइलों में मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उन्होंने समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के निर्देश पर वृद्धा पेंशन के लिए फिर आवेदन किया। लेकिन दस माह बीतने के बाद भी पेंशन शुरू नही हो पाई।
मानवाधिकार सीडब्लूए संस्था के चेयरमैन योगेंद्र कुमार सिंह (योगी) ने इसकी शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से की। आयोग ने प्रदेश के चीफ सेक्रेटरी से रिपोर्ट तलब की। इस पर डीएम कार्यालय से एक जून 2023 को रिपोर्ट दी गई।
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इसमें बताया गया पीड़ित की पेंशन प्रक्रिया ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से शुरू कर दी गई है। लेकिन रुके समय की पेंशन के ब्याज के बारे में नहीं बताया गया। इस पर आयोग ने चीफ सेक्रेटरी यूपी सरकार को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पीड़ित को वृद्धा पेंशन के वितरण में देरी के लिए ब्याज के साथ ही दस हजार रुपये देने के निर्देश दिए। इसके पूर्व 30 मई 2023 को शिवमूरत की मौत हो गई। ऐसे में 13 मई 2024 को सुनवाई करते हुए मानवाधिकार आयोग ने परिवार वालों को दस हजार का भुगतान करने के निर्देश दिए।
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इलिया थाना के सरैया गांव निवासी शिवमुरत केशरी (77) को समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने फाइलों में मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उन्होंने समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के निर्देश पर वृद्धा पेंशन के लिए फिर आवेदन किया। लेकिन दस माह बीतने के बाद भी पेंशन शुरू नही हो पाई।
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मानवाधिकार सीडब्लूए संस्था के चेयरमैन योगेंद्र कुमार सिंह (योगी) ने इसकी शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से की। आयोग ने प्रदेश के चीफ सेक्रेटरी से रिपोर्ट तलब की। इस पर डीएम कार्यालय से एक जून 2023 को रिपोर्ट दी गई।
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इसमें बताया गया पीड़ित की पेंशन प्रक्रिया ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से शुरू कर दी गई है। लेकिन रुके समय की पेंशन के ब्याज के बारे में नहीं बताया गया। इस पर आयोग ने चीफ सेक्रेटरी यूपी सरकार को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पीड़ित को वृद्धा पेंशन के वितरण में देरी के लिए ब्याज के साथ ही दस हजार रुपये देने के निर्देश दिए। इसके पूर्व 30 मई 2023 को शिवमूरत की मौत हो गई। ऐसे में 13 मई 2024 को सुनवाई करते हुए मानवाधिकार आयोग ने परिवार वालों को दस हजार का भुगतान करने के निर्देश दिए।