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सेक्शन कंट्रोलर और स्टेशन मास्टर से लगातार नाइड ड्यूटी कराना अन्याय
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पीडीडीयू नगर। ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन शाखा तीन के बैनर तले रेलवे के परिचालन विभाग के कर्मियों की बैठक में स्टेशन मास्टर, क्रू कंट्रोलर और टीआई कर्मचारियों ने समस्याएं बताई। यूनियन के पदाधिकारियों ने समस्याओं को उठाने और समाधान के लिए आंदोलन करने का आश्वान दिया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि स्टेशन मास्टर से लगातार नाइट ड्यूटी कराना अन्याय है।
इस अवसर पर ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह पीएनएम प्रभारी मिथिलेश कुमार ने कहा कि वर्तमान में सरकार रेलवे के निजीकरण की साजिश कर रही है, लेकिन यूनियन इसे सफल नहीं होने देगी। कहा कि यदि निजी लोग ट्रेन चलाने में सक्षम है तो उन्हें अपनी पटरी बिछानी होगी और उसके बाद ट्रेन चलाए। कहा कि कोरोना काल में ड्यूटी के दौरान मृत रेल कर्मियों के परिवारीजनों को पचास लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की गई। कहा कि रेलवे 43600 रुपये से अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को नाइट ड्यूटी अलाउंस नहीं दिया जा रहा है। यह कर्मचारियों के साथ अन्याय है। यदि सरकार जल्द ही इस पर निर्णय नहीं करती है तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान कर्मचारियों ने कहा कि ग्रैंड कार्ड रेल खंड देश कर व्यस्तम रेल रूट है। इस रूट पर स्टेशन मास्टर और सेक्शन कंट्रोलर से सात दिनों की रात की ड्यूटी कराना अन्याय है। इसे बंद कर सप्ताह में दो दिनों का साप्ताहिक रोस्टर चालू करने की जरूरत हे। कहा कि इसे महाप्रबंधन और प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधक के समक्ष उठाया गया है। इसके समाधान का आश्वासन दिया गया है। इस दौरान स्टेशन मास्टर कौंसिल का गठन कर करने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर रमेशचंद्रा, बीबी पासवान, चीफ कंट्रोलर नसीर अहमद, सरोज कुमार, प्रशांत कुमार केशरी, अक्षय प्रताप सिंह, प्रिंस कुमार, संजय सिंह, मनोज चौधरी, पंचम यादव, नवीन सहाय, एसबी चौधरी रहे। अध्यक्षता एसपी सिन्हा ने और संचालन सीबी राय ने किया।
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इस अवसर पर ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह पीएनएम प्रभारी मिथिलेश कुमार ने कहा कि वर्तमान में सरकार रेलवे के निजीकरण की साजिश कर रही है, लेकिन यूनियन इसे सफल नहीं होने देगी। कहा कि यदि निजी लोग ट्रेन चलाने में सक्षम है तो उन्हें अपनी पटरी बिछानी होगी और उसके बाद ट्रेन चलाए। कहा कि कोरोना काल में ड्यूटी के दौरान मृत रेल कर्मियों के परिवारीजनों को पचास लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की गई। कहा कि रेलवे 43600 रुपये से अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को नाइट ड्यूटी अलाउंस नहीं दिया जा रहा है। यह कर्मचारियों के साथ अन्याय है। यदि सरकार जल्द ही इस पर निर्णय नहीं करती है तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान कर्मचारियों ने कहा कि ग्रैंड कार्ड रेल खंड देश कर व्यस्तम रेल रूट है। इस रूट पर स्टेशन मास्टर और सेक्शन कंट्रोलर से सात दिनों की रात की ड्यूटी कराना अन्याय है। इसे बंद कर सप्ताह में दो दिनों का साप्ताहिक रोस्टर चालू करने की जरूरत हे। कहा कि इसे महाप्रबंधन और प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधक के समक्ष उठाया गया है। इसके समाधान का आश्वासन दिया गया है। इस दौरान स्टेशन मास्टर कौंसिल का गठन कर करने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर रमेशचंद्रा, बीबी पासवान, चीफ कंट्रोलर नसीर अहमद, सरोज कुमार, प्रशांत कुमार केशरी, अक्षय प्रताप सिंह, प्रिंस कुमार, संजय सिंह, मनोज चौधरी, पंचम यादव, नवीन सहाय, एसबी चौधरी रहे। अध्यक्षता एसपी सिन्हा ने और संचालन सीबी राय ने किया।
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