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ऐसे में तो कभी भी हो सकती है भगदड़ की घटना
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पीडीडीयू नगर। हावड़ा दिल्ली रूट पर अतिव्यस्त पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म से बाहर निकलने वाला मार्ग सकरा है। जिससे स्टेशन पर भीड़ बढ़ने पर बाहर निकलने में दिक्कत होती है।
रेलवे स्टेशन से बाहर आने के लिए एक मात्र फुटओवर ब्रिज बना है। जबकि एक फुटओवर ब्रिज एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए बना हुआ है। फुटओवर ब्रिज पर जाने के लिए प्लेटफार्म संख्या पांच छह और सात आठ का रैंप अत्यंत संकरा है। ऐसे में पैसेंजर ट्रेनों के आने पर यात्रियों को ऊपर चढ़ने के लिए इंतजार करना पड़ता है।
पं. दीनदयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन से कोरोना के पूर्व प्रतिदिन 175 जोड़ी से अधिक ट्रेनों का आवागमन होता रहा है। यहां से प्रतिदिन बीस हजार से अधिक यात्री ट्रेनों में सवार होते हैं और उतरते हैं। रेलवे स्टेेेेशन पर स्थित आठ प्लेटफार्मों से बाहर आने के लिए एक फुटओवर ब्रिज बना हुआ है। वहीं स्टेशन के दूसरी छोर पर एक ओर फुटओवर ब्रिज है, जो सभी प्लेटफार्मों को आपस में जोड़ता है। अंग्रेजी शासनकाल में रेलवे स्टेशन के एक छोर से दूसरी ओर आवागमन के लिए मुख्य फुटओवर ब्रिज से सटा एक और ओवरब्रिज था। इससे लोग सेंट्रल कॉलोनी से बाजार आते थे। इसे पिछले वर्ष हटा दिया गया है। तीन अक्तूबर 2007 को जीवित्पुत्रिका के मौके पर तीन और चार नंबर प्लेटफार्म से दो नंबर प्लेटफार्म पर आते समय फुटओवर ब्रिज की सीढ़ियों पर भगदड़ मचने से 14 महिलाओं की मौत हो गई थी। इसके बाद प्रतिवर्ष जीवित्पुत्रिका के मौके पर भगदड़ न मचे इसके लिए प्लेटफार्मों पर सुरक्षा बलों की विशेष ड्यूटी लगाई जाती है। कोरोना के बाद अधिकतर ट्रेनें पटरी पर लौट आई है और यात्रियों की संख्या भी पहले की तरह हो गई है। ऐसे में मेमू सहित अन्य ट्रेनों के आनेपर स्टेशन पर भीड़ बढ़ जाती है।
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रेलवे स्टेशन से बाहर आने के लिए एक मात्र फुटओवर ब्रिज बना है। जबकि एक फुटओवर ब्रिज एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए बना हुआ है। फुटओवर ब्रिज पर जाने के लिए प्लेटफार्म संख्या पांच छह और सात आठ का रैंप अत्यंत संकरा है। ऐसे में पैसेंजर ट्रेनों के आने पर यात्रियों को ऊपर चढ़ने के लिए इंतजार करना पड़ता है।
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पं. दीनदयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन से कोरोना के पूर्व प्रतिदिन 175 जोड़ी से अधिक ट्रेनों का आवागमन होता रहा है। यहां से प्रतिदिन बीस हजार से अधिक यात्री ट्रेनों में सवार होते हैं और उतरते हैं। रेलवे स्टेेेेशन पर स्थित आठ प्लेटफार्मों से बाहर आने के लिए एक फुटओवर ब्रिज बना हुआ है। वहीं स्टेशन के दूसरी छोर पर एक ओर फुटओवर ब्रिज है, जो सभी प्लेटफार्मों को आपस में जोड़ता है। अंग्रेजी शासनकाल में रेलवे स्टेशन के एक छोर से दूसरी ओर आवागमन के लिए मुख्य फुटओवर ब्रिज से सटा एक और ओवरब्रिज था। इससे लोग सेंट्रल कॉलोनी से बाजार आते थे। इसे पिछले वर्ष हटा दिया गया है। तीन अक्तूबर 2007 को जीवित्पुत्रिका के मौके पर तीन और चार नंबर प्लेटफार्म से दो नंबर प्लेटफार्म पर आते समय फुटओवर ब्रिज की सीढ़ियों पर भगदड़ मचने से 14 महिलाओं की मौत हो गई थी। इसके बाद प्रतिवर्ष जीवित्पुत्रिका के मौके पर भगदड़ न मचे इसके लिए प्लेटफार्मों पर सुरक्षा बलों की विशेष ड्यूटी लगाई जाती है। कोरोना के बाद अधिकतर ट्रेनें पटरी पर लौट आई है और यात्रियों की संख्या भी पहले की तरह हो गई है। ऐसे में मेमू सहित अन्य ट्रेनों के आनेपर स्टेशन पर भीड़ बढ़ जाती है।
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