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Chandauli News: कहीं आधी रात के बाद तो कहीं भोर में हुआ होलिका दहन
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पीडीडीयू नगर में जली होलिका। संवाद
पीडीडीयू नगर।
होली की पूर्व संध्या पर सोमवार की रात जिले भर में परंपरागत तरीके से 1696 स्थानों पर होलिका दहन किया गया। भद्रा का प्रभाव और मंगलवार को चंद्रग्रहण के कारण कहीं आधी रात के बाद तो कहीं भोर में होलिका दहन किया गया। इस दौरान लोगों ने फाग गीतों गाकर एक-दूसरे को रंग-अबीर लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं।
फाल्गुन मास की पूर्णिमा को होलिका दहन तथा चैत्र कृष्ण प्रतिपदा को होली खेलने की परंपरा है। इस वर्ष पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण लगने और सोमवार शाम पूर्णिमा तिथि में भद्रा के कारण भद्रा के पुच्छ काल में ही कई स्थानों पर होलिका दहन किया गया।
जिले में होली की तैयारी वसंत पंचमी से ही शुरू हो गई थी। कहीं वसंत पंचमी तो कहीं महाशिवरात्रि के दिन होलिका की स्थापना की गई। इसके बाद लकड़ी और उपलों को एकत्र कर होलिका सजाई गई। नगर के कैलाशपुरी, नई सट्टी, धर्मशाला रोड, पीपी सेंटर, शाहकुटी, लाठ नंबर दो, काली महाल, चतुर्भुजपुर, आरपीएफ कॉलोनी, गया कॉलोनी, मानस नगर, चकिया त्रिमुहानी, सेंट्रल कॉलोनी सहित पूरे जिले में 1696 स्थानों पर होलिका सजाई गई।
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होली की पूर्व संध्या पर सोमवार की रात जिले भर में परंपरागत तरीके से 1696 स्थानों पर होलिका दहन किया गया। भद्रा का प्रभाव और मंगलवार को चंद्रग्रहण के कारण कहीं आधी रात के बाद तो कहीं भोर में होलिका दहन किया गया। इस दौरान लोगों ने फाग गीतों गाकर एक-दूसरे को रंग-अबीर लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं।
फाल्गुन मास की पूर्णिमा को होलिका दहन तथा चैत्र कृष्ण प्रतिपदा को होली खेलने की परंपरा है। इस वर्ष पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण लगने और सोमवार शाम पूर्णिमा तिथि में भद्रा के कारण भद्रा के पुच्छ काल में ही कई स्थानों पर होलिका दहन किया गया।
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जिले में होली की तैयारी वसंत पंचमी से ही शुरू हो गई थी। कहीं वसंत पंचमी तो कहीं महाशिवरात्रि के दिन होलिका की स्थापना की गई। इसके बाद लकड़ी और उपलों को एकत्र कर होलिका सजाई गई। नगर के कैलाशपुरी, नई सट्टी, धर्मशाला रोड, पीपी सेंटर, शाहकुटी, लाठ नंबर दो, काली महाल, चतुर्भुजपुर, आरपीएफ कॉलोनी, गया कॉलोनी, मानस नगर, चकिया त्रिमुहानी, सेंट्रल कॉलोनी सहित पूरे जिले में 1696 स्थानों पर होलिका सजाई गई।
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