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कोरोना संक्रमितों के गांव बने हाटस्पाट, रास्ते सील
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पीडीडीयू नगर। जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची है। शुक्रवार को तीन मरीजों के मिलने के बाद शनिवार को जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संक्रमित मिले मरीजों के गांवों को सील करने के साथ ही हाट स्पाट बना दिया है। साथ ही बाहरियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
जिले में अब तक कुुल संक्रमितों की संख्या 67 हो गई है। इसमें 38 एक्टिव केस और 28 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। जबकि एक मरीज की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। शुक्रवार को शहाबगंज ब्लाक के मनकपड़ा, सकलडीहा के सेवखर और नियामताबाद के कटरिया में मरीज मिले थे। सभी को वाराणसी कोविड़-19 सेंटर भेजा गया है। इसके साथ ही शनिवार को गांवों को सील करते हुए हाट स्पाट बना दिया गया है।
इलिया संवाददाता के अनुसार मनकपड़ा गांव में मुंबई से आए युवक को कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने के बाद गांव में शनिवार को प्रशासनिक अमला चिकित्सीय टीम के साथ पहुंचा। जिला पंचायत राज अधिकारी ब्रह्मचारी दुबे ने ग्रामीणों को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए घरों में रहने का निर्देश दिया। पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आधा दर्जन लोगों को जो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए थे। संपर्क में आए लोगों की जांच की गई। साथ ही युवक के घर सहित गांव की गलियों को सैनिटाइज किया गया तथा गांव की गलियों में बांस बल्ली लगाकर गांव को हॉटस्पॉट बना दिया गया।
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नियामताबाद संवाददाता के अनुसार विकासखंड के कटरिया मड़ई पर बस्ती में कोरोना पॉजिटिव युवक बीते 17 जून को महाराष्ट्र से आया था। जिला अस्पताल में सैंपल लेने के बाद उसे होम क्वारंटीन किया गया था। जहां से वह अपने घर शहाबगंज के मनकपड़ा गया था। उसके बाद कटरिया मड़ई पर स्थित अपने चाचा के घर पर आ गया। जैसे ही उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई उसे एम्बुलेंस से वाराणसी स्थित इसीएसआई हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। शनिवार को सीडीओ डॉ एके श्रीवास्तव ने गांव में साफ सफाई व अन्य तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि कोरोना हॉटस्पॉट के बस्ती के 52 परिवार के 188 लोगों को लॉकडाउन का शत प्रतिशत पालन कराने का निर्देश दिया गया है। कहा कि बस्ती में किसी भी तरह की दुकान को खुलने की इजाजत नहीं होगी। बस्ती में किसी भी व्यक्ति के आने या बाहर जाने पर पाबंदी होगी। इस मौके पर डीपीआरओ ब्रह्मचारी दूबे, एडीओ पंचायत राकेश श्रीवास्तव, चौकी प्रभारी अतुल प्रजापति, सीडीपीओ नंदिनी शुक्ला मौजूद रहे।
इसी तरह सकलडीहा के रेवसा गांव में 18 जून को गांव में एक कोरोना संक्रमित मिलने पर गांव में पूरी चाक-चौबंद व्यवस्था कर दी गयी। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम उसके आसपास या संपर्क में आये लोगों का स्क्रीनिंग कर जांच किया। वहीं पुलिस प्रशासन द्वारा बांस बल्ली लगाकर गांव को लॉक डाउन कर दिया।
क्षेत्र के रेवसा गांव में 14 जून को जितेंद्र उर्फ प्रवीण गोंड मुंबई से गांव लौटा था। 18 जून को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर प्रशासन हरकत में आया और उसको पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल वाराणसी में भर्ती कराया। शनिवार को भी चिकित्सकों की टीम गांव में पहुंचकर उसके संपर्क में आए और आसपास के लोगों की स्क्रीनिंग की गई।
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जिले में अब तक कुुल संक्रमितों की संख्या 67 हो गई है। इसमें 38 एक्टिव केस और 28 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। जबकि एक मरीज की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। शुक्रवार को शहाबगंज ब्लाक के मनकपड़ा, सकलडीहा के सेवखर और नियामताबाद के कटरिया में मरीज मिले थे। सभी को वाराणसी कोविड़-19 सेंटर भेजा गया है। इसके साथ ही शनिवार को गांवों को सील करते हुए हाट स्पाट बना दिया गया है।
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इलिया संवाददाता के अनुसार मनकपड़ा गांव में मुंबई से आए युवक को कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने के बाद गांव में शनिवार को प्रशासनिक अमला चिकित्सीय टीम के साथ पहुंचा। जिला पंचायत राज अधिकारी ब्रह्मचारी दुबे ने ग्रामीणों को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए घरों में रहने का निर्देश दिया। पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आधा दर्जन लोगों को जो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए थे। संपर्क में आए लोगों की जांच की गई। साथ ही युवक के घर सहित गांव की गलियों को सैनिटाइज किया गया तथा गांव की गलियों में बांस बल्ली लगाकर गांव को हॉटस्पॉट बना दिया गया।
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नियामताबाद संवाददाता के अनुसार विकासखंड के कटरिया मड़ई पर बस्ती में कोरोना पॉजिटिव युवक बीते 17 जून को महाराष्ट्र से आया था। जिला अस्पताल में सैंपल लेने के बाद उसे होम क्वारंटीन किया गया था। जहां से वह अपने घर शहाबगंज के मनकपड़ा गया था। उसके बाद कटरिया मड़ई पर स्थित अपने चाचा के घर पर आ गया। जैसे ही उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई उसे एम्बुलेंस से वाराणसी स्थित इसीएसआई हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। शनिवार को सीडीओ डॉ एके श्रीवास्तव ने गांव में साफ सफाई व अन्य तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि कोरोना हॉटस्पॉट के बस्ती के 52 परिवार के 188 लोगों को लॉकडाउन का शत प्रतिशत पालन कराने का निर्देश दिया गया है। कहा कि बस्ती में किसी भी तरह की दुकान को खुलने की इजाजत नहीं होगी। बस्ती में किसी भी व्यक्ति के आने या बाहर जाने पर पाबंदी होगी। इस मौके पर डीपीआरओ ब्रह्मचारी दूबे, एडीओ पंचायत राकेश श्रीवास्तव, चौकी प्रभारी अतुल प्रजापति, सीडीपीओ नंदिनी शुक्ला मौजूद रहे।
इसी तरह सकलडीहा के रेवसा गांव में 18 जून को गांव में एक कोरोना संक्रमित मिलने पर गांव में पूरी चाक-चौबंद व्यवस्था कर दी गयी। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम उसके आसपास या संपर्क में आये लोगों का स्क्रीनिंग कर जांच किया। वहीं पुलिस प्रशासन द्वारा बांस बल्ली लगाकर गांव को लॉक डाउन कर दिया।
क्षेत्र के रेवसा गांव में 14 जून को जितेंद्र उर्फ प्रवीण गोंड मुंबई से गांव लौटा था। 18 जून को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर प्रशासन हरकत में आया और उसको पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल वाराणसी में भर्ती कराया। शनिवार को भी चिकित्सकों की टीम गांव में पहुंचकर उसके संपर्क में आए और आसपास के लोगों की स्क्रीनिंग की गई।