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Chandauli News: निजीकरण के पहले सरकार उपभोक्ताओं से राय ले
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नियामताबाद। निजीकरण के पहले सरकार बिजली उपभोक्ताओं और बिजली निगम के कर्मचारियों की राय ले। यही नहीं निगम की अरबो खरबों रुपये की परिसंपत्ति का मूल्यांकन कर उसे सार्वजनिक करे। यह मांग शनिवार को बिजली निगम के कर्मियों ने अधीक्षक अभियंता कार्यालय पर धरना प्रदर्शन के दौरान कहीं। इसके पूर्व निजीकरण के खिलाफ कर्मियों ने नारेबाजी की।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले निजीकरण के विरोध में अधीक्षण अभियंता कार्यालय के समीप धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान बिजली कर्मचारियों ने कहा कि बिजली के क्षेत्र में सबसे बड़े स्टेक होल्डर बिजली के उपभोक्ता और बिजली के कर्मचारी हैं। आम उपभोक्ताओं और कर्मचारियों की राय लिए बना निजीकरण की कोई प्रक्रिया शुरू न की जाए।
संघर्ष समिति की मांग है कि अरबों खरबों रुपए की बिजली की संपत्तियों का एक कमेटी बनाकर मूल्यांकन कराई जाए। जब तक यह मूल्यांकन सार्वजनिक न हो तब तक निजीकरण की कोई प्रक्रिया शुरू करना संदेह के घेरे में होगा।
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विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले निजीकरण के विरोध में अधीक्षण अभियंता कार्यालय के समीप धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान बिजली कर्मचारियों ने कहा कि बिजली के क्षेत्र में सबसे बड़े स्टेक होल्डर बिजली के उपभोक्ता और बिजली के कर्मचारी हैं। आम उपभोक्ताओं और कर्मचारियों की राय लिए बना निजीकरण की कोई प्रक्रिया शुरू न की जाए।
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संघर्ष समिति की मांग है कि अरबों खरबों रुपए की बिजली की संपत्तियों का एक कमेटी बनाकर मूल्यांकन कराई जाए। जब तक यह मूल्यांकन सार्वजनिक न हो तब तक निजीकरण की कोई प्रक्रिया शुरू करना संदेह के घेरे में होगा।
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