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एक दिन में तीन फीट बढ़ा गंगा का पानी
ब्यूरो/ अमरउजाला, चंदौली
Updated Sat, 16 Jul 2016 01:06 AM IST
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गंगाघाट पर ओवरलोड नाव का हो रहा संचालन।
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गंगा के जलस्तर में बढ़ाव शुक्रवार को भी जारी रहा। पिछले 24 घंटे में तीन फीट पानी बढ़ा है। जिस तरह से जल स्तर में बढोत्तरी हो रही है, उसको देखते हुए तटवर्ती गांव के किसानों में कटान को लेकर डर है। लोगों का कहना है कि गंगा का पानी अभी भी गांव से दूर बह रहा है। पर यदि इसी रफ्तार से पानी में बढ़ोत्तरी होती रही तो चार पांच दिनों के भीतर पानी गांव में घुसने लगेगा। दूसरी तरफ गंगा में बलुआ घाट पर ओवरलोड नावों का चलना अभी जारी है।
अच्छे मानसून का असर गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी के रूप में दिख रहा है। एक सप्ताह तक गंगा के जल स्तर में बढोत्तरी के बाद रफ्तार कुछ थमी लेकिन बुधवार से पानी के बढ़ने का क्रम फिर से शुरू हो गया है। गुरुवार और शुक्रवार को क्रमश: तीन फीट पानी की बढ़ोत्तरी होती रही। बढोत्तरी से गंगा के तटवर्ती गांवों के लोग दहशत में हैं। बलुआ, हसनपुर, पुरा विजयी, पुरा गणेश सहित विभिन्न तटवर्ती गांव में गंगा का पानी घाट से 10 से 12 फीट नीचे बह रहा है। साथ ही गंगा में कटान तेज हो गई है। मांग के बावजूद गंगा कटान के लिए व्यापक इंतजाम नहीं किए गए हैं। इससे लोगों में आक्रोश है। किसान जब धान की रोपाई करते हैं तो गंगा कटान की वजह से फसल बाधित होती है। वहीं जब गंगा कटान नहीं होती है तो सूखे से फसल बर्बाद होती है। एडीएम बीबी पांडेय ने कहा कि बाढ़ से निबटने की पूरी तैयारी की जा चुकी है।
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अच्छे मानसून का असर गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी के रूप में दिख रहा है। एक सप्ताह तक गंगा के जल स्तर में बढोत्तरी के बाद रफ्तार कुछ थमी लेकिन बुधवार से पानी के बढ़ने का क्रम फिर से शुरू हो गया है। गुरुवार और शुक्रवार को क्रमश: तीन फीट पानी की बढ़ोत्तरी होती रही। बढोत्तरी से गंगा के तटवर्ती गांवों के लोग दहशत में हैं। बलुआ, हसनपुर, पुरा विजयी, पुरा गणेश सहित विभिन्न तटवर्ती गांव में गंगा का पानी घाट से 10 से 12 फीट नीचे बह रहा है। साथ ही गंगा में कटान तेज हो गई है। मांग के बावजूद गंगा कटान के लिए व्यापक इंतजाम नहीं किए गए हैं। इससे लोगों में आक्रोश है। किसान जब धान की रोपाई करते हैं तो गंगा कटान की वजह से फसल बाधित होती है। वहीं जब गंगा कटान नहीं होती है तो सूखे से फसल बर्बाद होती है। एडीएम बीबी पांडेय ने कहा कि बाढ़ से निबटने की पूरी तैयारी की जा चुकी है।
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