चहनियां। जिले में गंगा का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है। जिस तेजी से गंगा का जल स्तर ऊपर आ रहा है, उससे तटवर्ती इलाके के लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच रही हैं। गंगा कटान और बाढ़ की आशंका से तटवर्ती इलाके के लोग परेशान हैं। पश्चिम वाहिनी बलुआ गंगा घाट पर महिलाओं के लिए बना चेजिंग रूम पूरी तरह डूब गया है। वहीं गंगा का जल खेतों की ओर बढ़ने लगा है।
जिले में पिछले कुछ समय से रूक रूक कर बारिश हो रही है। इससे गंगा के जल स्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। जिले में खतरे का बिंदु 71.262 मीटर है। यह आकलन वर्ष 1978 में आए बाढ़ से किया गया था। वर्तमान में गंगा का जल स्तर 59.25 मीटर है। यह खतरे के निशान से पांच मीटर नीचे है लेकिन विभागीय सूत्रों की माने तो जल स्तर में प्रतिघंटे एक सेमी की बढ़ोत्तरी हो रही है। इस तरह जल्द ही गंगा का पानी खतरे के निशान तक पहुुंच सकता है। जल स्तर बढ़ने के साथ ही तटवर्ती इलाकों में गंगा कटान भी तेज होने लगा है। पश्चिमवाहिनी बलुआ गंगा घाट पर सीढियों को लांघते हुए गंगा का पानी खेतों की तरफ बढ़ने लगा है। वहीं चेेंजिंग रूम पूरी तरह डूब गया है। जल स्तर बढ़ने से तटवर्ती गांव कांवर, महुअरिया, बिशुपुर, महुआरी खास, सराय,बलुआ, डेरवा, महुअर कला, हरधन जूड़ा, विजयी के पूरा, गणेश का पूरा, टांडाकला, बड़गावां, तीरगावां, हसनपुर, नादी निधौरा आदि गांव के किसानों को कटान का डर सता रहा है।