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खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रहीं गंगा, कई गांवों का संपर्क टूटा

Sun, 28 Aug 2022 12:51 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 28 Aug 2022 12:51 AM IST
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Ganga flowing above danger mark, many villages lost contact
पड़ाव के रतनपुर-डोमरी मार्ग पर पहुंचा बाढ़ का पानी। संवाद - फोटो : CHANDAULI
पीडीडीयू नगर। चंदौली में अब गंगा का रौद्र रूप दिखने लगा है। शुक्रवार की देर रात की गंगा खतरे के निशान 71.26 मीटर को पार गईं। शनिवार की शाम गंगा का जलस्तर 71.6 मीटर तक पहुंच गया, जो खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर ऊपर है। पड़ाव और नियामताबाद के सैकड़ों गांव बाढ़ के पानी से घिर गये हैं और कई गांवों का संपर्क टूट गया। अभी भी तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की गति से जलस्तर बढ़ रहा है।
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पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही बारिश की वजह से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार की रात आठ बजे गंगा का जलस्तर 71.17 मीटर यानि खतरे के निशान 71.26 मीटर से छह सेंटीमीटर नीचे था। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रात 11 बजे के करीब गंगा खतरे के निशान को पार गईं। शनिवार को भी जलस्तर के बढ़ने का सिलसिला जारी रहा। शनिवार को शाम आठ बजे तक गंगा का जलस्तर बढ़कर 71.6 पहुंच गया। जो खतरे के निशान से लगभग 35 सेंटीमीटर से भी ऊपर है। जल आयोग के अनुसार अगर गंगा के बढ़ने की रफ्तार यही रही तो वे 1973 के उच्चतम बाढ़ बिंदु 73.9 मीटर के काफी करीब पहुंच सकती हैं।
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शनिवार को पड़ाव क्षेत्र के रतनपुर से डोमरी गांव का संपर्क टूट गया। कई स्कूलों के जाने वाले मार्ग पर गंगा का पानी कमर से भी ज्यादा भर गया। स्थिति यह रही कि सुबह स्कूल के लिए निकले बच्चे जब शाम को घर लौटने लगे तो उन्हें दूसरे रास्ते से होकर जाना पड़ा। कुंडा कला गांव में काफी तेजी से कटान हो रहा है। वहीं चहनिया क्षेत्र के कई गांवों में पानी घुस गया है। नियामताबाद के डांडी और करवत क्षेत्र के सैकड़ों मकान गंगा के पानी से घिर चुुके हैं। नियामताबाद कैली मार्ग पर भी पानी भर गया है।
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इनसेट---
कलेक्टर में हुई बाढ़ कंट्रोल रूम की स्थापना
चदौली। जनपद में संभावित बाढ़ नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। इसके लिए जिलाधिकारी संजीव सिंह के ओर से शनिवार को कलेक्ट्रेट में कंट्रोल रुम के स्थापना की गई। इसके लिए बाढ़ कंट्रोल रूम का नंबर जारी किया है जो 05412-262557 है। बाढ़ के दौरान किसी प्रकार की कोई समस्या हो उक्त नंबर पर कॉल कर सकता है। संवाद
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02. पानी में डूबी बाजरे और धान की फसल
चहनिया। क्षेत्र के भूसौला ग्राम स्थित नाले से गंगा का पानी नैढि और मुकुंदपुर के सिवान में पहुंच चुका है। गंगा के पानी से क्षेत्र में कई एकड़ में लगाई गई बाजरे और धान की फसल डूब गई। इस वर्ष बारिश न होने से किसानो ने कठिन परिश्रम के साथ खुद के पैसे से सिंचाई कर इन फसलों की रक्षा की थी, लेकिन बाढ़ ने उनके उम्मीद और मेहनत पर पानी फेर दिया है। संवाद
बाढ़ प्रभावित गांवों का डीएम ने किया निरीक्षण
चंदौली। गंगा नदी के जलस्तर में तेजी से हो रहे बढ़ोतरी को देखते हुए संभावित बाढ़ से प्रभावित होने वाले इलाकों में जिलाधिकारी संजीव सिंह, पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल, विधायक रमेश जायसवाल सहित अधिकारियों ने शनिवार को निरीक्षण किया। डीएम ने बाढ़ चौकियों पर सभी मूलभूत व्यवस्थाएं करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी संजीव सिंह ने ग्राम पंचायत कुंडा खुर्द, सहजौर, बाढ़ राहत चौकी पंचायत भवन जलीलपुर, कम्पोजिट विद्यालय बहादुरपुर का निरीक्षण किया। डीएम संक्रामक रोगों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया है। जिलाधिकारी ने बताया जनपद में 42 बाढ़ चौकियां सक्रिय किये गए हैं। पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में चारा की भी व्यवस्था सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार एसडीएम सकलडीहा मनोज पाठक के द्वारा भी ग्राम गद्दोंचक,सैफपुर, दिया ,पसहटा, बुढेपुर, रायपुर, नरौली ,अमादपुर, मेढ़वा, नगवा ,गुरैनी ,प्रह्लादपुर का निरीक्षण कर संभावित बाढ़ क्षेत्र के लोगों से वार्ता किया गया।
चंदौली। संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के निरीक्षण के दौरान एसपी अंकुर अग्रवाल ने बताया कि मुगलसराय, अलीनगर, बलुआ, धानापुर थाना पर फोर्स बढ़ा दिया गया है। जनपद में बाढ़ पीएसई भी उपलब्ध है सभी फोर्स तैयार है। किसी गांव में ज्यादा पानी रहा तो फायर ब्रिगेड के पम्प का इस्तेमाल कर उसे निकाला भी जाएगा।संवाद

पड़ाव। क्षेत्र के पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति उपवन में भी शनिवार को बाढ़ का पानी पहुंच गया। पहले तो पता नहीं चला कि पानी आ कहां से रहा है पर जब खोजबीन की गई तो पता चला कि पार्क का नाला जो गंगा से जुड़ा है उससे पलट प्रवाह पार्क में पहुंच रहा है। शनिवार की शाम तक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा के चारो तरफ पानी दिखने लगा था। संवाद
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