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लगन में लॉकडाउन से बिगड़ा फर्नीचर का कारोबार
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पीडीडीयू नगर। कोरोना संक्रमण के कारण हुए लॉकडाउन ने फर्नीचर के कारोबार पर भी काफी बुरा असर डाला है। लगन में लॉकडान के चलते शादी-विवाह नहीं हुए वहीं दूसरी तरफ फर्नीचर की बिक्री भी नहीं हुई। अब जब जिला प्रशासन की ओर से लॉकडाउन में छूट दी गई है तब भी ग्राहकों को कमी के कारण फर्नीचर व्यवसाय से जुड़े व्यवसायी काफी परेशान हैं। दुकानदारों के अनुसार दो महीने में जिले में लगभग बीस करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है।
लॉकडाउन में व्यवसायों के बंद रहने से जिलेभर के व्यापार पर काफी बुरा प्रभाव पड़ा है। जिले में करोड़ों रुपये का व्यवसाय प्रभावित हुआ है। इसमें फर्नीचर के कारोबार को भी नुकसान हुआ है। जिलेभर में लगभग चार सौ व्यवसायी फर्नीचर के कारोबार से जुड़े हुए हैं। फर्नीचर व्यवसायी अशोक पाल ने कहा कि लॉकडाउन में दुुकानें नहीं खुलने से काफी नुकसान हुआ है। जिला प्रशासन की ओर से दुकानें खोलने की इजाजत दी गई है लेकिन अब शादी-विवाह का आयोजन नहीं होने से बिक्री ठप पड़ी है। पुनवासी शर्मा ने कहा कि लगन को देखते हुए फर्नीचर का सामान मंगवा लिया गया था लेकिन 25 मार्च से दुकानों के बंद होने कारण बिक्री नहीं हो सकी। श्रवण कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि लॉकडाउन के कारण कारीगरों को तनख्वाह देना मुश्किल हो गया है। वहीं कई लोगों को फर्नीचर की आपूर्ति देनी थी लेकिन लॉकडाउन के कारण आपूर्ति नहीं हो सकी। भोला विश्वकर्मा ने कहा कि दुकानें खोलने की परमिशन दी गई लेकिन अभी भी बाजार में ग्राहक नहीं है, इससे फर्नीचर डंप पड़ा हुआ है।
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लॉकडाउन में व्यवसायों के बंद रहने से जिलेभर के व्यापार पर काफी बुरा प्रभाव पड़ा है। जिले में करोड़ों रुपये का व्यवसाय प्रभावित हुआ है। इसमें फर्नीचर के कारोबार को भी नुकसान हुआ है। जिलेभर में लगभग चार सौ व्यवसायी फर्नीचर के कारोबार से जुड़े हुए हैं। फर्नीचर व्यवसायी अशोक पाल ने कहा कि लॉकडाउन में दुुकानें नहीं खुलने से काफी नुकसान हुआ है। जिला प्रशासन की ओर से दुकानें खोलने की इजाजत दी गई है लेकिन अब शादी-विवाह का आयोजन नहीं होने से बिक्री ठप पड़ी है। पुनवासी शर्मा ने कहा कि लगन को देखते हुए फर्नीचर का सामान मंगवा लिया गया था लेकिन 25 मार्च से दुकानों के बंद होने कारण बिक्री नहीं हो सकी। श्रवण कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि लॉकडाउन के कारण कारीगरों को तनख्वाह देना मुश्किल हो गया है। वहीं कई लोगों को फर्नीचर की आपूर्ति देनी थी लेकिन लॉकडाउन के कारण आपूर्ति नहीं हो सकी। भोला विश्वकर्मा ने कहा कि दुकानें खोलने की परमिशन दी गई लेकिन अभी भी बाजार में ग्राहक नहीं है, इससे फर्नीचर डंप पड़ा हुआ है।
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