चंदौली। कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप व न्यायिक अफसरों व अधिवक्ताओं के उससे संक्रमित होने की घटनाओं को देखते हुए जनपद में न्यायालय अब वर्चुअल मोड व वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संचालित होंगे। इस दरम्यान न्यायाधीशगण जमानत, अग्रिम जनता, आवश्यक फौजदारी प्रकीर्ण प्रार्थना-पत्र, विचाराधीन बंदियों से संबंधित न्यायिक कार्य व रिमांड, अन्य मामले जिन्हें जनपद न्यायाधीश व प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण विचार करने योग्य चुनिंदा मामलों में भी सुनवाई करेंगे। यह जानकारी जनपद न्यायाधीश कार्यालय की ओर से दी गई है। यह व्यवस्था 24 अप्रैल से आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा। कार्यालय की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि वर्चुअल मोड पर अपर जिला सत्र न्यायाधीश योगेश दुबे 28 अप्रैल से पांच मई तक, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मुन्ना प्रसाद 06 मई से 12 मई तक, विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी अंबर रावत 13 से 19 मई तक, विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट राजेन्द्र प्रसाद 20 मई से 25 मई तक तथा प्रथम अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश जगदीश प्रसाद 26 मई से 31 मई तक जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाशीध कोर्ट में मामलों की सुनवाई करेंगे। इसी प्रकार अन्य न्यायालयों में न्यायिक अफसरों की ड्यूटी लगाई गयी है। जनपद न्यायालय चंदौली सुबह साढ़े 10 से दोपहर ढाई बजे तक चलेगा। विचाराधीन बंदियों से संबंधित न्यायिक कार्य व रिमांड कार्य वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से किया जाएगा। इस अवधि में जमानत एवं अग्रिम जमानत हेतु प्रार्थना तक जीमेल के जरिए स्वीकार किया जाएगा। ऐसे प्रार्थना पत्रों में अधिवक्ता वादकारी का पूर्ण विवरण, मोबाइल नंबर व ई-मेल आईडी का उल्लेख करेंगे। अधिवक्ताओं व वादकारियों को न्यायालय परिसर में तभी प्रवेश दिया जाएगा, जब उन्होंने कोविड-19 आरटीपीसीआर टेस्ट कराया हो।