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जालसाजी करके पांच साल में बना करोड़पति अमरउजाला
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चंदौली। जालसाजी करके सैकड़ों लोगों को करोड़ों रुपये का चूना लगाने वाले सरताज को पुलिस ने सोमवार को जेल भेज दिया। साथ ही पुलिस सरताज से जुड़े अन्य लोगों को गिरफ्तार करने के लिए हाथ-पांव मार रही है। वहीं उसके द्वारा अर्जित की गई अवैध संपत्ति की जांच भी पुलिस कर रही है लेकिन पुलिस के लिए इसका पता कर पाना आसान नही हैं।
धानापुर निवासी सरताज के घर के लोग पांच वर्ष पूर्व सामान्य जीवन यापन कर रहे थे। लेकिन धीरे-धीरे उसके परिवार और सरताज के रहन-सहन में काफी बदलाव हो गया। साइकिल से चलने वाला सरताज कुछ दिनों बाद चार पहिया लग्जरी वाहन से घर आने जाने लगा। लेकिन वर्ष 2017 में निजी निवेशक कंपनी इवरग्रीन इंफ्राजोन इंडिया व इवरग्रीन एग्रो मल्टी स्टेट कोआपरेटिव सोसाइटी चंदौली कार्यालय पर ताला लटकने पर लोग उसके घर पहुंचने लगे। तब जाकर पड़ोसियों को सरताज की करतूत की खबर लगी। सरताज इन कंपनियों में बतौर निदेशक के पद पर तैनात था। भागने से पूर्व सरताज ने कई लोगों को चेक भी दिया था, लेकिन वह बाउंस हो गया। वहीं उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए जिले के कई थानों में तहरीर दी गई। पुलिस से बचने के लिए सरताज गैर जिलों में रहने लगा। सरताज के गिरफ्तारी की भनक लगने पर सोमवार को थाने में सैकड़ों लोग पहुंच गए और पुलिस को तहरीर दी। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके पुलिस ने जेल भेज दिया। वहीं सरताज के कई अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। बताया जा रहा है कि सरताज ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर कई जनपदों में कार्यालय खोला और वहां भी जालसाजी की घटना को अंजाम दिया गया है। सीओ त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि जालसाली करने वाले गिरोह का सरगना सरताज गिरफ्तार हो चुका है। उसके अन्य सहयोगियों को भी बहुत जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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धानापुर निवासी सरताज के घर के लोग पांच वर्ष पूर्व सामान्य जीवन यापन कर रहे थे। लेकिन धीरे-धीरे उसके परिवार और सरताज के रहन-सहन में काफी बदलाव हो गया। साइकिल से चलने वाला सरताज कुछ दिनों बाद चार पहिया लग्जरी वाहन से घर आने जाने लगा। लेकिन वर्ष 2017 में निजी निवेशक कंपनी इवरग्रीन इंफ्राजोन इंडिया व इवरग्रीन एग्रो मल्टी स्टेट कोआपरेटिव सोसाइटी चंदौली कार्यालय पर ताला लटकने पर लोग उसके घर पहुंचने लगे। तब जाकर पड़ोसियों को सरताज की करतूत की खबर लगी। सरताज इन कंपनियों में बतौर निदेशक के पद पर तैनात था। भागने से पूर्व सरताज ने कई लोगों को चेक भी दिया था, लेकिन वह बाउंस हो गया। वहीं उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए जिले के कई थानों में तहरीर दी गई। पुलिस से बचने के लिए सरताज गैर जिलों में रहने लगा। सरताज के गिरफ्तारी की भनक लगने पर सोमवार को थाने में सैकड़ों लोग पहुंच गए और पुलिस को तहरीर दी। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके पुलिस ने जेल भेज दिया। वहीं सरताज के कई अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। बताया जा रहा है कि सरताज ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर कई जनपदों में कार्यालय खोला और वहां भी जालसाजी की घटना को अंजाम दिया गया है। सीओ त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि जालसाली करने वाले गिरोह का सरगना सरताज गिरफ्तार हो चुका है। उसके अन्य सहयोगियों को भी बहुत जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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